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महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में स्थानीय लोगों के लिए सीआरपीएफ जवानों ने बनियान से तैयार किए मास्क
Thu, 23 Apr 2020 06:02 PM IST
गौरव पाण्डेय
पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 23 Apr 2020 06:02 PM IST
सार
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में तैनात नक्सल-रोधी सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) इकाई के जवानों ने स्थानीय लोगों के लिए बनियान से करीब 2,500 मास्क तैयार किए हैं ताकि उस क्षेत्र में कोरोना वायरस के संक्रमण पर काबू पाया जा सके।
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सीआरपीएफ
- फोटो : social media
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विस्तार
सीआरपीएफ की 191वीं बटालियन उग्रवाद प्रभावित गढ़चिरौली जिले के भीतरी हिस्से में तैनात है। 25 मार्च से देश भर में लागू लॉकडाउन के कारण वहां नियमित सामान की आपूर्ति में बाधा आ रही थी।
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बल की इकाई को तुरंत क्षेत्र में राहत कार्य शुरू करने और जरूरतमंदों को सैनिटाइजर, साबुन, डिटर्जेंट, मास्क, राशन और तैयार भोजन वितरित करने का निर्देश दिया गया था। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर प्रभाकर त्रिपाठी ने गढ़चिरौली से फोन पर बताया, 'हमारे पास कोई मास्क नहीं था। बाहर से आपूर्ति होने पर समय लगता। फिर, हमने पाया कि हमारी यूनिट कैंटीन में 415 नई बनियान हैं।'
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उन्होंने कहा कि सामान्य दिनों में उन बनियान का उपयोग हमारे जवानों द्वारा किया जाता। लेकिन यह विशेष स्थिति थी। उन्होंने कहा, 'हमने तुरंत अपने दर्जी और अन्य जवानों को काम पर लगा दिया और उन्होंने इन बनियानों को काट कर कुल 2,490 मास्क तैयार किए जिन्हें स्थानीय लोगों में बांटा गया।' उन्होंने कहा कि शुरुआती दिनों में इससे काफी मदद मिली और फिर बाद में बाहर से मास्क मंगाए गए।
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बता दें कि बल की यह इकाई लगभग 600 ग्रामीणों को भोजन भी मुहैया करा रही है। इनमें दो बारातों के 40 सदस्य भी शामिल हैं जो लॉकडाउन के कारण फंस गए हैं। खास बात यह है कि इन लोगों की सेवा सीआरपीएफ के असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआई) सोनू कुमार कर रहे हैं जो कि खुद पांच अप्रैल को शादी के बंधन में बंधने वाले थे। लेकिन लॉकडाउन के चलते वह उत्तर प्रदेश स्थित अपने गृहनगर नहीं जा सके।