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पुलवामा हमले में शहीद हुए जवान की पत्नी ने कहा- शांति चाहिए, युद्ध नहीं
Thu, 28 Feb 2019 05:51 PM IST
अजय सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: अजय सिंह
Updated Thu, 28 Feb 2019 05:51 PM IST
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भारत और पाकिस्तान के बीच शांति की वकालत करने के लिए ट्रोलिंग का सामना करने से बेपरवाह पुलवामा हमले में शहीद हुये सीआरपीएफ जवान बबलू संतरा की पत्नी मीता संतरा ने बृहस्पतिवार को जोर दिया कि वह वार्ता को ‘एक मौका दिये जाने’ के अपने विचार पर कायम हैं।
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उन्होंने केन्द्र से पाकिस्तान द्वारा बुधवार को पकड़ लिए गए भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के पायलट अभिनंदन वर्तमान की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया। 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आत्मघाती हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। शहीदों में मीता के पति बबलू भी शामिल थे।
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मीता ने कहा कि वह अपने युद्ध विरोधी रुख के लिये सोशल मीडिया पर हुई अपनी आलोचना को लेकर चिंतित नहीं हैं। मीता ने पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा, "हमें युद्ध की जगह वार्ता को एक मौका देना चाहिये। युद्ध में ढेर सारे अन्य लोगों की जान जा सकती है।"
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साथ ही उन्होंने भारत सरकार से अभिनंदन की वापसी के लिए सभी प्रयास करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपनी सरकार से पाकिस्तान से बातचीत करके विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने का अनुरोध करती हूं।’’
नियंत्रण रेखा पर दोनों तरफ की वायु सेनाओं के बीच टकराव में अभिनंदन को पकड़ लिया गया था। इस दौरान पाकिस्तान के एफ-16 विमान को भी मार गिराया गया था। आईएएफ को भी एक मिग 21 बिसन विमान गंवाना पड़ा। यह विमान अभिनंदन उड़ा रहे थे।
अपने पति के शहीद होने के बाद आत्मघाती हमले का बदला लेने के लिये उठ रही आवाजों के बीच मीता सशक्त तरीके से युद्ध का विरोध कर रही हैं और जोर दे रही हैं कि युद्ध से बचना चाहिए क्योंकि इससे सीमा के दोनों तरफ कई लोगों की जान जाएगी, महिलाएं विधवा हो जाएंगी, माताओं की गोद सूनी हो जाएगी और बच्चों के पिता मारे जाएंगे।
मीता ने कहा कि वह सोशल मीडिया पर युद्ध पर अपने रुख को लेकर ट्रोल्स की आलोचना से परेशान नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर एक व्यक्ति उनकी आलोचना करता है तो 10 अन्य लोग उनकी सोच की सराहना करते हैं।
यहां तक कि ट्रोल्स ने अपने पति के लिए उनके प्यार पर भी सवाल किये। छह वर्षीय एक बेटी की मां मीता ने कहा, ‘‘14 फरवरी के बाद मुझे कुछ भी असर नहीं कर रहा। कोई कुछ भी कहे, मैं परेशान नहीं हूं।’’ हालांकि, उन्होंने आश्चर्य जताया कि क्या उनकी आलोचना करने वाले लोगों के परिवार का कोई सदस्य सशस्त्र बलों में है।
(इनपुट- भाषा)