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Crime: राष्ट्रपति के आदेश के बाद सीआरपीएफ का डीआईजी बर्खास्त, महिला कर्मियों के उत्पीड़न का मामला
Sun, 02 Jun 2024 05:43 AM IST
निर्मल कांत
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 02 Jun 2024 05:43 AM IST
सार
Crime: राष्ट्रपति कार्यालय से 30 मई को उप महानिरीक्षक (डीआईजी) और सीआरपीएफ के पूर्व खेल अधिकारी खजान सिंह के खिलाफ सेवा से बर्खास्तगी का आदेश जारी किया गया था।
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सीआरपीएफ के जवान (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
केंद्र सरकार ने देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कुछ महिला कर्मियों की ओर से लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोप में सीआरपीएफ के डीआईजी खजान सिंह को सेवा से बर्खास्त कर दिया। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
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राष्ट्रपति कार्यालय से 30 मई को उप महानिरीक्षक (डीआईजी) और सीआरपीएफ के पूर्व खेल अधिकारी खजान सिंह के खिलाफ सेवा से बर्खास्तगी का आदेश जारी किया गया था। आदेश में कहा गया है कि सेवा से बर्खास्तगी 31 मई से प्रभावी है। बर्खास्तगी का अंतिम आदेश सीआरपीएफ की ओर से पिछले कुछ महीनों में गृह मंत्रालय और संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर से अनुमोदित दो कारण बताओ नोटिस दिए जाने के बाद आया। बल के पश्चिमी क्षेत्र के तहत नवी मुंबई में तैनात सिंह ने यौन उत्पीड़न के आरोपों से इन्कार किया था और दावों को झूठे और बेबुनियाद बताए।
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सीआरपीएफ ने जांच में पाया था दोषी...
सीआरपीएफ ने कुछ साल पहले उन पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच में उन्हें दोषी पाया था। सीआरपीएफ मुख्यालय ने पहले एक आंतरिक समिति की ओर से तैयार की गई जांच रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था और उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए इसे यूपीएससी और गृह मंत्रालय को भेज दिया था। सिंह को दो मामलों में आरोपों का सामना करना पड़ा। सीआरपीएफ, लगभग 3.25 लाख कर्मियों वाला मजबूत बल है, जिसने पहली बार 1986 में लड़ाकू रैंकों में महिलाओं को शामिल किया था।
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