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Hindi News ›   India News ›   criminalisation of politics: 33 percent tainted MPs elected to parliament in 2014 election

तीन आम चुनाव में 9 फीसदी दागी सांसद बढ़े, सबसे ज्यादा 2014 में 33 फीसदी संसद पहुंचे

Wed, 26 Sep 2018 04:07 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 26 Sep 2018 04:07 PM IST
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criminalisation of politics: 33 percent tainted MPs elected to parliament in 2014 election
प्रतीकात्मक चित्र
एडीआर ने देश के कुल 4896 जन प्रतिनिधियों में से 4852 के चुनावी हलफनामों का विश्लेषण किया है। इनमें 776 सांसदों (लोकसभा और राज्यसभा) में से 774 सांसद और 4120 विधायकों (सभी राज्य) में से 4078 विधायक शामिल हैं। इनमें से 33 फीसदी यानी 1581 जनप्रतिनिधियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को दागी नेताओं के चुनाव लड़ने पर फैसला सुना दिया है। अदालत ने चार्जशीट के आधार पर दागी नेताओं के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने से इनकार किया और कहा कि संसद कानून बनाकर इन्हें संसद में घुसने से रोके।
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16वीं लोकसभा में 542 में से 179 सांसदों के खिलाफ आपराधिक मामले

2014 में 16वीं लोकसभा में 542 सांसदों में से 179 यानी 33 फीसदी सदस्य दागी हैं। 21 फीसदी सांसद ऐसे हैं, जिनके खिलाफ गंभीर केस हैं। 2009 में 15वीं लोकसभा में एडीआर ने 519 सांसदों का विश्लेषण किया था, इनमें 158 यानी 30 फीसदी सांसद दागी थे। 17 फीसदी के खिलाफ गंभीर मामले दर्ज थे। 2004 में 14वीं लोकसभा में एडीआर ने 514 सांसदों का विश्लेषण किया था। इनमें से 125 यानी 24 फीसदी सांसद दागी थे। 12 फीसदी ऐसे थे, जिनके खिलाफ गंभीर केस दर्ज थे।
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देश में भाजपा के 31 फीसदी और कांग्रेस के 26 फीसदी विधायकों पर आपराधिक केस

एडीआर ने भाजपा के देश भर में 1515 विधायकों में से 1451 विधायकों का विश्लेषण किया है। इनमें से 451 विधायक यानी 31 फीसदी के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। 295 विधायक ऐसे हैं, जिन पर गंभीर केस चल रहे हैं। वहीं, एडीआर ने कांग्रेस के 773 विधायकों का विश्लेषण किया है। इनमें 203 दागी हैं। 134 विधायक ऐसे हैं, जिनके खिलाफ गंभीर केस दर्ज हैं।

48 सांसदों और विधायकों पर चल रहे महिला के खिलाफ अपराध के केस

criminalisation of politics: 33 percent tainted MPs elected to parliament in 2014 election
देशभर के 48 ऐसे सांसद और विधायक हैं, जिन पर महिलाओं के खिलाफ आपराधिक मामले चल रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा 12 महाराष्ट्र में हैं। दूसरे नंबर पर बंगाल में 11 और तीसरे नंबर पर आंध्रप्रदेश और ओडिशा में 5-5 विधायक-सांसद हैं। पार्टियों के लिहाज से सबसे ज्यादा भाजपा के 12 सांसद, विधायक ऐसे हैं, जिन पर महिलाओं के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं।

याचिकाकर्ताओं की दलील: आरोप तय होने पर चुनाव लड़ने पर रोक लगे

दागियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पब्लिक इंटरेस्ट फाउंडेशन, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त जेएम लिंगदोह और भाजपा के वकील अश्विनी उपाध्याय ने याचिका दाखिल की थी। इनकी दलील थी कि नेताओं की सुनवाई में जानबूझकर देरी की जाती है, जिसकी वजह से कानून तोड़ने वाले ही कानून बनाने वाले बन जाते हैं। लिहाजा आरोप तय होने पर नेताओं के चुनाव लड़ने पर रोक लगे।

सरकार की दलील: अदालत इसके खिलाफ रोक नहीं लगा सकती है

केंद्र की तरफ से दलील दी गई थी कि दागी नेताओं के चुनाव लड़ने को लेकर कानून पहले से मौजूद है, जिसमें सजा के बाद 6 साल तक उनके चुनाव लड़ने पर रोक है। इसलिए अदालत इसपर कानून नहीं बना सकती है, न ही नई अयोग्यताएं जोड़ना उसके अधिकार में है। कानून बनाने का अधिकार संसद का है। विरोधी एक-दूसरे के खिलाफ राजनीतिक साजिश के तहत मामला दर्ज कराएंगे।
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