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तीन दिन बाद रामवृक्ष यादव का अंतिम संस्कार, बेटी ने मांगा था शव

Mon, 06 Jun 2016 12:45 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Mon, 06 Jun 2016 12:45 PM IST
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cremation of ramvriksh yadav dead body after three days
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

मथुरा हिंसा के मुख्य आरोपी रामवृक्ष यादव के शव का तीन दिन बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया है। 72 घंटे तक रामवृक्ष यादव का शव लेने कोई नहीं आया। हालांकि अंतिम संस्कार के बाद रामवृक्ष की बेटी ने कहा कि उन्होंने शव की मांग की थी। वहीं पहले खबरों में ये आया था कि रामवृक्ष के घरवालों ने ही उसके शव को लेने से इन्कार कर दिया था। 

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वहीं रामवृक्ष यादव और जवाहर बाग में बसाई उसकी सल्तनत खाक हो गई है। लेकिन वारदात के बाद से सियासत जोर पकड़ रही है। बयान द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती की तरफ से भी आया है। शंकराचार्य ने कहा है कि रामवृक्ष यादव हिंसा करने वाला आदमी था। उन्होंने यूपी में सरकार को भी निशाना बनाया और कहा कि यूपी में यादवों की सरकार है। शासन ने जातिवाद के तहत अपना काम नहीं किया और रामवृक्ष को संरक्षण देती रही। इसका रामवृक्ष को लाभ मिला। 
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वहीं 72 घंटे बाद पूरे मामले के पोस्ट मार्टम से दिल दहलाने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं। मीडिया की पड़ताल में पता चल रहा है कि रामवृक्ष यादव ने जवाहर बाग को बारूद की फैक्ट्री बना रखा था। भारी मात्रा में बम बनाने की सामग्री बरामद हुई है। जवाहर बाग से मिले सुबूतों में एक बड़ा सा रजिस्टर भी शामिल है जिसमें उन लोगों का हिसाब दर्ज है जो नक्सल प्रभावित जगहों से हैं और नक्सियों से संबंध रखते हैं। रजिस्टर में नक्सिलियों से मिली लाखों रुपए की मदद की राशि दर्ज है। 
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प्रशासनिक अधिकारी और रामवृक्ष के सहयोगियों ने ये भी बताया कि वो जवाहर बाग में उन्हीं बाहरियों को पनाह देता था जो दुनिया में अकेले और बिलकुल गरीब होते थे। रामवृक्ष नियमित तौर पर अपने लोगों को लड़ाका बनाने की ट्रेनिंग देता था। उसने कुछ लड़ाकों को समूह में बांट रखा था जिन्हें वो बटालियन कहकर बुलाता था। 


हिंसा की इस वारदात के बाद से एक से बढ़कर एक चौकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। तीन दिन बाद भी बाग में कहीं-कहीं धुआं उठता दिखाई दे रहा है। हरे-भरे फल-फूलदार पेड़ों को भारी हानि हुई है। पेड़ खड़े-खड़े कोयले में तब्दील हो गए हैं। राहत की बात ये है कि करीब ढाई साल बाद जवाहर बाग जनता के लिए खोल दिया गया है।

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