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कर्नाटक में अवैध बंदूकों पर सख्ती: सीएम शिवकुमार ने दी कार्रवाई की चेतावनी, कब तक है जमा करने की आखिरी तरीख?

Fri, 11 Sep 2026 06:18 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी पीटीआई, बंगलूरू
पीटीआई, बंगलूरू Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Fri, 11 Sep 2026 06:18 PM IST
सार

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बिना लाइसेंस वाले और अवैध हथियार रखने वालों को हथियार जमा करने की चेतावनी दी है। स्वेच्छा से हथियार जमा करने पर केस नहीं होगा, लेकिन इसके बाद सख्त कार्रवाई होगी। सरकार लाइसेंस प्रक्रिया आसान करने फैसला करेगी।

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Crackdown illegal guns in KarnatakaCM Shivkumar warns of action; what is the deadline for surrendering them?
डी.के. शिवकुमार, मुख्यमंत्री - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शुक्रवार को लोगों से कहा कि जिनके पास बिना लाइसेंस वाले हथियार हैं। वे उन्हें 1 नवंबर तक जमा कर दें। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 
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डी.के. शिवकुमार ने क्या कहा? 
यहां 'राष्ट्रीय वन शहीद दिवस' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग अपनी मर्जी से अवैध हथियार जमा करेंगे। उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। शिवकुमार ने कहा, 'बिना लाइसेंस वाले और अवैध हथियारों को 1 नवंबर तक सरकार के पास जमा कर देना चाहिए। वरना, सख्त कार्रवाई की जाएगी। अगर लोग 1 नवंबर के बाद भी ऐसे हथियार अपने पास रखते हैं, तो सरकार उनका पता लगाएगी। हमें पता चल जाएगा कि वे हथियार किसके पास हैं। उन्हें कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।'
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सरकार किस मुद्दे पर जल्द फैसला करेगी?
उन्होंने कहा कि बिना लाइसेंस वाली बंदूकें रखने के कारण वन विभाग के कई कर्मचारियों की जान चली गई है। उन्होंने कहा, 'अगर आप अपनी या अपने जानवरों की सुरक्षा के लिए बंदूक रखना चाहते हैं, तो लाइसेंस लें।' साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा। शिवकुमार ने कहा कि सरकार जल्द ही वन विभाग और पुलिस के फ्रंटलाइन कर्मचारियों के भत्ते के बारे में फैसला करेगी।
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उन्होंने कहा, 'आप ही देश की वन संपदा की रक्षा करते हैं। जंगली जानवरों के साथ संघर्ष में कई कर्मचारियों ने अपनी जान गंवाई है। हम विभागीय कर्मचारियों के भत्ते के बारे में मंत्री के अनुरोध पर विचार करेंगे। इस मामले पर वित्त विभाग के साथ चर्चा की जाएगी और पुलिस विभाग सहित सभी के लिए मिलकर फैसला लिया जाएगा।'

जंगलों से अपने जुड़ाव को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका गांव, घर और चुनाव क्षेत्र हमेशा से जंगलों से गहराई से जुड़े रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक समय उनकी इच्छा वन मंत्री बनने की थी और एस.एम. कृष्णा के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने यह विभाग मांगा भी था।

वन अधिकारियों से क्या कहा? 
शिवकुमार ने वन अधिकारियों से कहा कि वे जंगलों के किनारे रहने वाले लोगों के साथ अच्छे संबंध बनाएं और विकास कार्यों में बेवजह रुकावटें न डालें। उन्होंने कहा कि जंगलों की ज़मीन पर कब्ज़ा कोई नई बात नहीं है और इसे कानून के मुताबिक ही सुलझाया जाना चाहिए।


पर्यावरण की सुरक्षा को सबकी जिम्मेदारी बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, 'हम चाहे कितने भी ताकतवर क्यों न हों, आखिर में हमें मिट्टी में ही मिल जाना है। यहां तक कि चिता पर जलने वाली लकड़ी भी इसी धरती पर उगती है।' उन्होंने विभाग के कुशल और ईमानदार अधिकारियों की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी कोशिशों से कई इलाकों में जंगलों को बचाने में मदद मिली है। मुख्यमंत्री ने वन अधिकारियों से 'तेगडा सिरी' योजना को सफल बनाने की दिशा में काम करने को कहा और बताया कि इससे किसानों को ज्यादा  फायदा होगा।
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