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सीताराम येचुरी को बंगाल से राज्यसभा में भेजना चाहती है माकपा
Mon, 20 Jan 2020 08:47 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
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Published by: Trainee Trainee
Updated Mon, 20 Jan 2020 08:47 PM IST
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सीताराम येचुरी
- फोटो : ANI
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माकपा की प्रदेश इकाई कांग्रेस के समर्थन से पार्टी महासचिव सीताराम येचुरी को पश्चिम बंगाल से राज्यसभा में भेजना चाहती है। माकपा सूत्रों ने सोमवार को बताया कि वर्ष 23005 से 2017 के बीच सांसद के तौर पर राज्यसभा में येचुरी का रिकार्ड बेहतरीन रहा है और पार्टी उनको अगले महीने होने वाले राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाना चाहती है।
इससे पहले वर्ष 2017 में भी उनका नाम सामने आया था और तब तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी उनका समर्थन करने का संकेत दिया था। लेकिन माकपा नेतृत्व ने पार्टी के इस नियम का हवाला देते हुए इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था कि ऊपरी सदन के लिए लगातार तीन बार किसी सदस्य को उम्मीदवार नहीं बनाया जा सकता।
माकपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि असाधारण परिस्थिति में असाधारण कदम उठाने पड़ते हैं। देश बेहद मुश्किल हालात से गुजर रहा है और हमें मोदी सरकार की नीतियों का विरोध करने के लिए संसद में एक मजबूत आवाज की जरूरत है। इसके लिए येचुरी से बेहतर कोई व्यक्ति नहीं हो सकता।
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उनका कहना था कि किसी को लगातार तीन बार राज्यसभा सदस्य बनाने की अनुमति नहीं देने का नियम अब लागू नहीं होगा, क्योंकि येचुरी 2017 में नामित नहीं किये गये थे। राज्य विधानसभा में माकपा की मौजूदा तादाद के आधार पर वह किसी को अपने बूते पर राज्यसभा में नहीं भेज सकती।
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इससे पहले वर्ष 2017 में भी उनका नाम सामने आया था और तब तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी उनका समर्थन करने का संकेत दिया था। लेकिन माकपा नेतृत्व ने पार्टी के इस नियम का हवाला देते हुए इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था कि ऊपरी सदन के लिए लगातार तीन बार किसी सदस्य को उम्मीदवार नहीं बनाया जा सकता।
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माकपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि असाधारण परिस्थिति में असाधारण कदम उठाने पड़ते हैं। देश बेहद मुश्किल हालात से गुजर रहा है और हमें मोदी सरकार की नीतियों का विरोध करने के लिए संसद में एक मजबूत आवाज की जरूरत है। इसके लिए येचुरी से बेहतर कोई व्यक्ति नहीं हो सकता।
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उनका कहना था कि किसी को लगातार तीन बार राज्यसभा सदस्य बनाने की अनुमति नहीं देने का नियम अब लागू नहीं होगा, क्योंकि येचुरी 2017 में नामित नहीं किये गये थे। राज्य विधानसभा में माकपा की मौजूदा तादाद के आधार पर वह किसी को अपने बूते पर राज्यसभा में नहीं भेज सकती।