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सीपीआईएम नेता सलीम बोले- कोविड-19 की मौत के आंकड़े छुपा रही है बंगाल सरकार

Mon, 20 Apr 2020 03:31 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: Sneha Baluni Updated Mon, 20 Apr 2020 03:31 PM IST
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CPIM leader mohhamed salim alleges bengal govt of hiding covid 19 death toll, gave document in support
सीपीआईएम नेता मोहम्मद सलीम - फोटो : ANI

एक तरफ जहां पूरा भारत कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। वहीं पश्चिम बंगाल सरकार पर चिकित्सीय समुदाय और विपक्षी पार्टी कोविड-19 से होने वाली मौतों के आंकड़े छुपाने का आरोप लगा रही हैं। सोमवर को सीपीआईएम के नेता मोहम्मद सलीम ने सरकार के उस दावे पर सवाल उठाए जिसमें मरीज नेपाल बर्मन के जिंदा होने और कोरोना संक्रमित न होने की बात कही गई है।

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सरकार के दावे पर सवाल उठाते हुए सीपीआईएम नेता ने कहा, 'ममता बनर्जी सरकार का कहना है कि नेपाल बर्मन नाम के मरीज की मौत नहीं हुई है और रिपोर्ट में दिखाया गया है कि वह कोरोना संक्रमित नहीं है। 13 अप्रैल को उसके नमूने लिए गए। 12 तारीख को जिस व्यक्ति का अंतिम संस्कार किया गया उसके नमूने 13 को कैसे लिए गए और रिपोर्ट 14 को कैसे आ सकती है? आप एक मरीज या बंगलार गर्वो के साइनबोर्ड का इलाज कर रहे हैं?'
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सरकार पर आंकड़े छुपाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, 'यह आरोप नहीं है। इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं क्योंकि आप सच्चाई को ज्यादा देर तक छुपा नहीं सकते हैं। माल्दा में एक नेपाल बर्मन की मौत हो चुकी है। वह कोविड-19 का मरीज था। 12 अप्रैल को चोरी छुपे उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।' अपनी बात का समर्थन करते हुए सीपीआईएम नेता बर्मन ने एक दस्तावेज साझा किया है।
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कई चिकित्सीय समुदाय और विपक्षी पार्टी दावा कर रही हैं कि राज्य बहुत कम मामलों की जानकारी दे रहा है क्योंकि संक्रमण के लिए बहुत कम आबादी की जांच की जा रही है। शनिवार तक, राज्य में कोविड-19 से 12 लोगों की मौत समेत 233 मामले सामने आए हैं, जो महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों से बहुत कम है।


राज्य में जो मौत हुई हैं वे कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के चलते हुई हैं या पहले से जारी किसी गंभीर बीमारी के कारण हुई हैं, यह जांचने के लिए उनका इलाज करने वाले चिकित्सकों की बजाए विशेषज्ञ ऑडिट समिति का गठन करना राज्य सरकार के डेटा की विश्वसनीयता के बारे में संदेह पैदा करता है।

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