भारत में कोरोना: केंद्र ने खारिज किया सबके लिए टीकाकरण शुरू करने का सुझाव, बताई ये वजह
- देश में कोरोना संक्रमण की स्थिति पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने की प्रेसवार्ता
- पंजाब और छत्तीसगढ़ में सामने आ रहे मौत के आंकड़े गंभीर चिंता का कारण
- देश के 10 जिलों में हैं कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे ज्यादा सक्रिय मामले
- टीकाकरण के मामले में बनाया रिकॉर्ड, 24 घंटों में लगाई गईं 43 लाख खुराकें
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विस्तार
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने मंगलवार को बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण के चलते पंजाब और छत्तीसगढ़ में सामने आए मौत के आंकड़े गंभीर चिंता का कारण हैं। उन्होंने कहा कि देश के कुल सक्रिय मामलों में से 58 फीसदी मामले अकेले महाराष्ट्र में हैं। इसके अलावा देश में कुल दर्ज की गई मौतों के आंकड़े में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी 34 फीसदी है।
भूषण ने कहा कि कई लोग पूछते हैं कि सभी के लिए टीकाकरण की शुरुआत क्यों नहीं कर रहे हैं। ऐसे टीकाकरण अभियानों के दो लक्ष्य होते हैं। पहला बीमारी से होने वाली मौतों को रोकना और दूसरा स्वास्थ्य व्यवस्था को बचाए रखना। लक्ष्य यह नहीं है कि जो खरीद सकते हैं उन्हें पहले टीका लगा दिया जाए बल्कि यह है कि पहले टीका उन्हें लगाया जाए जिन्हें जरूरत है।
राजेश भूषण ने बताया कि देश के 10 जिलों में कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा सक्रिय मामले हैं। इनमें से सात जिले महाराष्ट्र के, एक कर्नाटक का, एक छत्तीसगढ़ का और एक दिल्ली का है। उन्होंने कहा कि देश में कुल कोविड मामलों में से 92 फीसदी मरीज ठीक हो चुके हैं। 1.3 फीसदी मरीजों की मौत हुई है और लगभग छह फीसदी नए कोविड मामले हैं।
Death numbers being reported in Punjab and Chhattisgarh are cause of extreme concern. Of all the active cases in the country, 58% of active cases are in Maharashtra. 34% of the total deaths have been reported in Maharashtra: Union Health Secretary Rajesh Bhushan pic.twitter.com/yNeiJqphQq
— ANI (@ANI) April 6, 2021
स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह, आरटी-पीसीआर जांच बढ़ाएं
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि हमने राज्य सरकारों को आरटी-पीसीआर जांच की संख्या बढ़ाने की सलाह दी है, जिसमें महाराष्ट्र में पिछले कुछ सप्ताहों में कमी देखी गई है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में पिछले सप्ताह कुल की गई जांचों में से केवल 60 फीसदी जांच आरटी-पीसीआर माध्यम से की गई थीं। हमने राज्यों से कहा है कि वे इसे 70 फीसदी या अधिक पर ले जाएं।
संक्रमण की दूसरी लहर ने छत्तीसगढ़ में स्थिति की गंभीर
राजेश भूषण ने छत्तीसगढ़ में कोरोना की स्थिति को लेकर कहा कि यह राज्य हमारे लिए चिंता का कारण बना हुआ है। उन्होंने कहा कि छोटा राज्य होने के बावजूद यहां देश के कुल कोरोना मामलों के छह फीसदी मामले हैं। इसके अलावा देश में कोरोना से हुई कुल मौतों में से तीन फीसदी छत्तीसगढ़ में हुई हैं। संक्रमण की दूसरी लहर ने छत्तीसगढ़ में हालात और गंभीर किए हैं।
अगले चार सप्ताह बहुत अहम, लोगों की भागीदारी जरूरी
हालांकि, भूषण ने कहा कि भारत में प्रति दस लाख आबादी पर कोरोना वायरस संक्रमण के मामले और मौत के आंकड़े अभी भी दुनिया में सबसे कम हैं। उन्होंने जोर दिया कि देश में कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर को नियंत्रित करने के लिए लोगों की भागीदारी महत्वपूर्ण है और अगले चार सप्ताह हमारे लिए बेहद विकट हैं।
पंजाब के मुकाबले दिल्ली और हरियाणा में स्थिति ठीक
राजेश भूषण ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण से होने वाली मौतों में से करीब 4.5 फीसदी लोगों की मौत पंजाब में हुई है। पंजाब की तुलना में दिल्ली और हरियाणा में कोरोना के सक्रिय मामले और मृत्यु दर दोनों ही बहुत कम हैं। हालांकि, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने पंजाब में औसत दैनिक जांच में आरटी-पीसीआर जांचों की स्थिति पर संतोष जताया, जो कि यहां 76 फीसदी है।
टीकाकरण में रिकॉर्ड: 24 घंटे में दी गईं 43 लाख खुराकें
कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ देश में टीकाकरण की स्थिति को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि हमने सोमवार को 24 घंटों में कोविड-19 वैक्सीन की 43 लाख खुराकें लगाईं, जो कि अपने आप में एक रिकॉर्ड है। उन्होंने बताया कि आज सुबह (मंगलवार) तक देश में कोरोना वायरस रोधी वैक्सीन की कुल 8.31 करोड़ खुराकें लोगों की लगाई जा चुकी हैं।
टीकाकरण: अमेरिका की तुलना में कहां पर खड़े हैं हम
राजेश भूषण ने कहा कि अमेरिका में दैनिक रूप से औसत 30.53 लाख खुराकें लगाई जा रही हैं, वहीं भारत में आंकड़ा 26.53 लाख है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने 112 दिनों में 16 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगाई है वहीं भारत में 79 दिनों में 7.9 करोड़ लोगों को वैक्सीन की खुराक दी गई है।
तो इसलिए नहीं शुरू हो रहा सभी के लिए टीकाकरण
भूषण ने कहा कि कई लोग पूछते हैं कि सभी के लिए टीकाकरण की शुरुआत क्यों नहीं कर रहे हैं। ऐसे टीकाकरण अभियानों के दो लक्ष्य होते हैं। पहला बीमारी से होने वाली मौतों को रोकना और दूसरा स्वास्थ्य व्यवस्था को बचाए रखना। लक्ष्य यह नहीं है कि जो खरीद सकते हैं उन्हें पहले टीका लगा दिया जाए बल्कि यह है कि पहले टीका उन्हें लगाया जाए जिन्हें जरूरत है।
तीन राज्यों के लिए रवाना किए गए 50 उच्चस्तरीय दल
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और पंजाब के लिए 50 उच्चस्तरीय जनस्वास्थ्य दल रवाना किए हैं। ये दल महाराष्ट्र के 30 जिलों में, छत्तीसगढ़ के 11 जिलों में और पंजाब के नौ जिलों में तैनात किए गए हैं। बता दें कि देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से यही तीनों राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। महाराष्ट्र में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर है।
स्वास्थ्य कर्मियों के लिए मौके पर जाकर पंजीकरण की सुविधा केवल सरकारी केंद्रों पर
केंद्र सरकार ने कहा है कि 18 से 44 साल के स्वास्थ्य कर्मियों और अग्रिम मोर्चे के कार्यकर्ताओं के लिए कोविड-19 टीकाकरण के लिए मौके पर जाकर पंजीकरण कराने की सुविधा अब केवल सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर ही उपलब्ध होगी। केंद्र ने कहा कि इन कर्मियों को मूल पहचान प्रमाणपत्र और उनके रोजगार प्रमाणपत्र की एक प्रति दिखानी होगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को एक पत्र भेजा है। इस पत्र में कहा गया है कि स्वास्थ्य क्षेत्र के और कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अग्रिम मोर्चे पर रहकर काम करने वाले जो भी लोग टीके से छूट गए हैं उन्हें केवल सरकारी कोविड टीकाकरण केंद्रों पर ही मौके पर पंजीकरण (ऑन-साइट रजिस्ट्रेशन) की सुविधा मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने रविवार को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा था कि स्वास्थ्य कर्मियों और अग्रिम मोर्चे के कर्मिचारियों के लिए तत्काल प्रभाव से नए पंजीकरण की कोई सुविधा नहीं होगी। क्योंकि, कुछ अपात्र लोग इसमें अपना नाम लिखा रहे हैं और दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए इस श्रेणी में टीकाकरण करवा रहे हैं।