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कैसे लड़ेंगे कोरोना से: त्योहारों-राहतों के बीच ताक पर धर दिए गए नियम, रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची लापरवाही

Sun, 31 Oct 2021 07:49 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Sun, 31 Oct 2021 07:49 PM IST
सार

देश में कोरोना वायरस महामारी के प्रसार को रोकने के लिए बनाए गए मास्क पहनने और शारीरिक दूरी के नियमों के पालन को लेकर नागरिकों में गंभीरता का आंकलन करने के लिए किए गए एक सर्वे में खतरे को दावत देती तस्वीर नजर आई है। इस सर्वे के लिए प्रतिक्रिया देने वाले 47 फीसदी लोग टियर-1 जिलों के थे, 30 फीसदी टियर-2 जिलों से, 23 फीसदी टियर-3 जिलों से और चार ग्रामीण जिलों से थे। प्रतिक्रिया देने वाले 65 फीसदी पुरुष थे और 35 फीसदी महिलाएं थीं। 

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Covid protocol compliance hits new lows amid festivals Diwali socializing relief in restrictions claims a survey
दिल्ली की सरोजनी मार्केट में कोरोना नियमों को इतनी गंभीरता से ले रहे हैं लोग - फोटो : पीटीआई

विस्तार

एक ओर पूरा देश दीपावली का उत्सव मनाने के लिए तैयार हो रहा है वहीं दूसरी ओर कोरोना वायरस महामारी को लेकर एक बेहद चिंताजनक जानकारी सामने आई है। एक सर्वे में दावा किया गया है कि केवल दो फीसदी भारतीय मामनते हैं कि मास्क पहनना कोरोना से बचने में प्रभावी है और केवल तीन फीसदी लोग यह मानते हैं कि उनके आस-पास और जिलों में लोग शारीरिक दूरी के नियम का पालन करते हैं। 

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यह सर्वे एक डिजिटल कम्युनिटी आधारित प्लेटफॉर्म 'लोकलसर्किल्स' ने किया है। इसके लिए कंपनी को 20 हजार से अधिक नागरिकों की ओर से 39 हजार से ज्यादा प्रतिक्रियाएं मिली हैं। देशभर के 366 जिलों से आईं ये प्रतिक्रियाएं इस सवाल पर थीं कि त्योहारी सीजन और यात्रा करने के दौरान लोग किस तरह मास्क पहनने और शारीरिक दूरी के नियमों का पालन कर रहे हैं और इसे कितनी गंभीरता से ले रहे हैं।
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मास्क पहनने को लेकर ये मानती है जनता
मास्क पहनने के मुद्दे को लेकर सर्वे में पाया गया कि केवल दो फीसदी लोगों ने कहा कि उनके इलाकों, जिलों या शहरों में 90 फीसदी से अधिक लोग मास्क पहनते हैं। वहीं, केवल 16 फीसदी लोगों ने कहा कि यात्रा के दौरान एयरपोर्ट, स्टेशन और बस स्टेशन पर मास्क पहनना प्रभावी है। महज 13 फीसदी ने माना कि उनके इलाकों में मास्क के नियम पर सख्ती है और 30 फीसदी ने इसे यात्रा के दौरान प्रभावी माना।
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शारीरिक दूरी के नियम पर कुछ ऐसा है रुख
सितंबर में किए गए इस सर्वे में यह जानकारी सामने आई है कि केवल तीन फीसदी लोगों का यह मानना है कि अभी भी शारीरिक दूरी का नियम प्रभावी रूप से लागू हो रहा है और नौ फीसदी ने कहा कि यात्रा के दौरान शारीरिक दूरी का नियम केवल नाम मात्र के लिए रह गया है। वहीं, केवल छह फीसदी लोगों ने कहा कि उनके इलाकों, जिलों या शहरों में शारीरिक दूरी के नियम का सख्ती से पालन किया जा रहा है। 


जून में हुए सर्वे में सामने आए थे ऐसे हालात
इसी तरह का एक सर्वे लोकलसर्किल्स ने जून में भी करवाया था। इसे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी छह जुलाई की प्रेस ब्रीफिंग में भी साझा किया था। इसमें सामने आया था कि तब 29 फीसदी लोग मानते थे कि मास्क पहनना प्रभावी है जबकि 11 फीसदी लोगों ने माना था कि शारीरिक दूरी का नियम सख्ती के साथ लागू हो रहा था। ऐसे में नियमों को लेकर गंभीरता के मामले में आई ये गिरावट चिंता का विषय है।

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