सोशल डिस्टेंसिंग के लिए रेलवे ने बनाई अनोखी डिवाइस, पास आते ही बज उठेगा अलार्म
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कोरोना वायरस महामारी के बीच दक्षिणी रेलवे सिग्नल एंड टेलीकम्यूनिकेशन के इंजीनियरों ने सोशल डेस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए एक डिवाइस बनाई है। इस डिवाइस के जरिए कोरोना वायरस से लड़ने में मदद मिलेगी और उसे फैलने से रोका जा सकता है। इसकी खास बात ये है कि अगर दो डिवाइस एक दूसरे से तीन मीटर की दूरी से कम के दायरे में चले आते हैं तो अलार्म बजने लगता है। इससे यह पता चल जाता है कि सोशल डिस्टेंसिंग बनानी है। डिवाइस जेब या पर्स में फिट हो सकता है और कलाई घड़ी के साथ भी इसे इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका वजन लगभग 30 ग्राम है।
दक्षिण रेलवे के त्रिवेंद्रम डिवजन के सीनियर डिविजनल सिग्नल एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियर आर दिनेश ने बताया कि यह ऑन-ड्यूटी रेलवे कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए बनाया गया है। उन्होंने अपने जूनियर इंजीनियर आर निधेज के साथ मिलकर इस डिवाइस को विकसित किया है।
उन्होंने बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करने वाले दो या दो से अधिक लोग डिवाइस के 2-3 मीटर की दूरी के भीतर आते हैं, तो यह उन्हें अलार्म ध्वनि से चेतावनी देगा। अलार्म तब तक बजता रहेगा, जबतक की उनके बीच तीन मीटर से अधिक की दूरी ना बन जाए।
बड़े काम की चीज साबित हो सकता है
अलार्म बजते ही ये समझ आ जाता है कि नजदीकी बढ़ गई है और दूर जाने की जरूरत है। काम करने की जगह जैसे ऑफिस, फैक्ट्री आदि में ये डिवाइस बड़े काम की चीज साबित हो सकता है। डिवाइस को चार्जर की मदद से चार्ज किया जा सकता है। एक बार चार्ज करने के बाद, यह बारह घंटे से अधिक समय तक काम करेगा।
दिनेश ने कहा कि हमने एक प्रोटोटाइप विकसित किया है और इसे सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है। हम इसे बड़े पैमाने पर बनाने के लिए अन्य जोनल रेलवे या रेलवे कार्यशालाओं में प्रौद्योगिकी को स्थानांतरित करने के लिए भी तैयार हैं।
यह पहली बार नहीं है कि रेलवे ने कोई खास डिवाइस बनाई है। इससे पहले रेलवे ने एक रोबोट कैप्टन अर्जुन पेश किया था, जो यात्रियों की स्क्रीनिंग करता था। इस रोबोट में कैमरा लगा होता है, जिससे वह थर्मल स्क्रीनिंग करता है और अगर किसी का तापमान अधिक होता है तो तुरंत सजग भी कर देता है।