{"_id":"5ff528e3fa69bb3aa5659e11","slug":"covid-19-vaccine-some-doctors-say-they-would-prefer-covishield-jabs-covaxin","type":"story","status":"publish","title_hn":"Covid-19 Vaccine : क्या डॉक्टरों की पहली पसंद बनेगी कोविशील्ड वैक्सीन!","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Covid-19 Vaccine : क्या डॉक्टरों की पहली पसंद बनेगी कोविशील्ड वैक्सीन!
Wed, 06 Jan 2021 08:35 AM IST
दीप्ति मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Wed, 06 Jan 2021 08:35 AM IST
विज्ञापन
भारत में कोरोना वैक्सीन
- फोटो : iStock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश में ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) के दो स्वदेशी वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की अनुमति दिए जाने के बाद अब चिकित्सा पेशेवरों के बीच दोनों में एक के चयन को लेकर बहस छिड़ गई है। चिकित्सा पेशेवरों का कहना है कि अगर कोई विकल्प दिया जाता है, तो वे ‘कोविशील्ड’ उनका पसंदीदा कोविड वैक्सीन होगी।
विज्ञापन
केईएम अस्पताल के डीन डॉ. हेमंत देशमुख समेत कई चिकित्सा पेशेवरों ने कहा कि अगर दोनों कोविड वैक्सीन में से एक का चयन करने का विकल्प मिलता है, तो कोविशील्ड उनकी पहली पसंद होगी क्योंकि कोवैक्सीन का प्रभावकारिता डेटा अभी उपलब्ध नहीं है। बता दें कि केईएम उन साइटों में से एक हैं, जहां कोरोना वैक्सीन का परीक्षण किया गया।उन्होंने कहा कि हमें कोविड वैक्सीन के प्रभावकारिता डेटा को देखना होगा।
विज्ञापन
महाराष्ट्र टास्क फोर्स के सदस्य डॉ. राहुल पंड़ित ने कहा, सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोविशील्ड प्राथमिक टीका है। सबसे पहले इसी को लोगों को दिए जाने की संभावना है। कोवैक्सीन को दवा नियंत्रक के जरिए क्लिनिकल परीक्षण मोड में प्रतिबंधित आपातकालीन उपयोग के लिए अनुमति दी गई थी।
विज्ञापन
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछा गया कि वे भारत बायोटेक के कोवैक्सिन और ऑक्सफोर्ड-सीरम इंस्टीट्यूट के कोविशील्ड के बीच कौन सा वैक्सीन लेंगे। इसके जवाब में स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण का हाथ पकड़ते हुए नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने कहा, "मैं वह वैक्सीन लूंगा, जिसे मेरा स्वास्थ्य मंत्रालय मेरे लिए बहुत स्नेह, प्यार और कृतज्ञता के साथ निर्दिष्ट करेगा।" वीके पॉल ने आगे कहा, "टीके को यह स्वीकृति देते समय सभी वैज्ञानिक और वैधानिक आवश्यकताएं बनाई गई हैं। इसमें कोई शक नहीं है। ये निर्णय विशेषज्ञों द्वारा लिया जा रहा है। यह भी याद रखें कि इसमें एक संदर्भ है। ये नियमित अधिकार नहीं हैं। कोई भी देश किसी भी वैक्सीन को नियमित अधिकार नहीं दे रहा है।"
टीकाकरण अभियान जल्द शुरू होगा
भारत के औषधि नियामक ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड कोविड-19 टीके ‘कोविशील्ड’ और भारत बायोटेक के स्वदेश में विकसित टीके ‘कोवैक्सीन’ के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी रविवार को दे दी थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने आधिकारिक तौर पर महामारी के खिलाफ बहुप्रतीक्षित टीकाकरण अभियान शुरू करने की बात कही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि वह लगभग सात दिनों के भीतर कोविड-19 टीके को उपलब्ध कराने के लिए तैयार है, लेकिन टीके की शुरुआत की तारीख पर अंतिम फैसला अभी लिया जाना है।