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न्यायालय ने उप्र सरकार से कहा, ताजमहल पर दृष्टि पत्र में कुछ भी गोपनीय नहीं है
भाषा, नई दिल्ली, अमर उजाला
Updated Thu, 29 Nov 2018 02:14 PM IST
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TajMahal
उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश सरकार से कहा कि योजना तथा वास्तुकला विद्यालय, दिल्ली द्वारा ताजमहल पर तैयार किये जा रहे दृष्टि पत्र को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने कहा, ‘‘इसमें कुछ भी गोपनीय नहीं है।’’
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योजना तथा वास्तुकला विद्यालय, दिल्ली ने न्यायालय से कहा कि उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में ताजमहल सुरक्षा एवं संरक्षा के लिए एक दृष्टि पत्र तैयार करने की प्रक्रिया में है। उसने कहा कि यह दस्तावेज राज्य सरकार को सौंपा जाएगा।
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केन्द्र की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ए एन एस नाडकर्णी ने पीठ से कहा कि ताजमहल के लिए धरोहर योजना के प्रथम प्रारूप को आठ सप्ताह के भीतर अंतिम रूप दिया जाएगा। यह प्रारूप यूनेस्को को सौंपा जाना है।
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