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LTC Scam Case: जदयू के पूर्व सांसद अनिल सहनी को तीन साल की जेल, तीन लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया
Sat, 03 Sep 2022 07:55 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sat, 03 Sep 2022 07:55 PM IST
सार
मामला यात्रा-महंगाई भत्ते की धोखाधड़ी से भुगतान का दावा करने से जुड़ा है। आरोप है कि सहनी ने बिना कोई यात्रा किए भत्ते के भुगतान के लिए जाली ई-टिकट और फर्जी बोर्डिंग पास दिए।
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- फोटो : istock
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विस्तार
दिल्ली की एक कोर्ट ने शनिवार को राजद विधायक अनिल कुमार सहनी को यात्रा-महंगाई भत्ते की धोखाधड़ी के मामले में तीन साल कैद की सजा सुनाई है। मामले उस वक्त का है, जब वह जदयू की तरफ से राज्यसभा सदस्य थे। विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल ने नेता पर तीन लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। न्यायाधीश ने सहानी के सहयोगियों एनएस नायर और अरविंद तिवारी को दो-दो साल की जेल की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
मामला यात्रा-महंगाई भत्ते की धोखाधड़ी से भुगतान का दावा करने से जुड़ा है। आरोप है कि सहनी ने बिना कोई यात्रा किए भत्ते के भुगतान के लिए जाली ई-टिकट और फर्जी बोर्डिंग पास दिए। इस तरह उन्होंने राज्यसभा के साथ 23.71 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। सहनी अभी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक हैं। केंद्रीय एजेंसी ने 31 अक्तूबर 2013 को सहनी व अन्य के खिलाफ केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के एक संदर्भ के बाद मामला दर्ज किया था।
सीबीआई ने जांच के दौरान पाया कि सहनी ने टीए बिल के दो सेट पेश करते हुए राज्यसभा से 23.71 लाख रुपये का दावा किया था। उनमें से एक सेट में मार्च 2012 में सांसद और नौ अन्य साथियों के नाम से 20 फर्जी ई-टिकट और 40 बोर्डिंग पास पेश किए गए थे। दूसरे सेट में दिसंबर 2012 में सहनी व उनके छह साथियों के नाम पर सात जाली ई-टिकट और 21 बोर्डिंग थे। 20 फर्जी ई-टिकट दिल्ली-चेन्नई-पोर्ट ब्लेयर मार्ग पर कथित वापसी यात्रा के लिए थे। वहीं, सात नकली टिकटों का सेट दिल्ली-कोलकाता-पोर्ट ब्लेयर मार्ग पर वापसी यात्रा के लिए था।
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मामला यात्रा-महंगाई भत्ते की धोखाधड़ी से भुगतान का दावा करने से जुड़ा है। आरोप है कि सहनी ने बिना कोई यात्रा किए भत्ते के भुगतान के लिए जाली ई-टिकट और फर्जी बोर्डिंग पास दिए। इस तरह उन्होंने राज्यसभा के साथ 23.71 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। सहनी अभी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक हैं। केंद्रीय एजेंसी ने 31 अक्तूबर 2013 को सहनी व अन्य के खिलाफ केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के एक संदर्भ के बाद मामला दर्ज किया था।
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सीबीआई ने जांच के दौरान पाया कि सहनी ने टीए बिल के दो सेट पेश करते हुए राज्यसभा से 23.71 लाख रुपये का दावा किया था। उनमें से एक सेट में मार्च 2012 में सांसद और नौ अन्य साथियों के नाम से 20 फर्जी ई-टिकट और 40 बोर्डिंग पास पेश किए गए थे। दूसरे सेट में दिसंबर 2012 में सहनी व उनके छह साथियों के नाम पर सात जाली ई-टिकट और 21 बोर्डिंग थे। 20 फर्जी ई-टिकट दिल्ली-चेन्नई-पोर्ट ब्लेयर मार्ग पर कथित वापसी यात्रा के लिए थे। वहीं, सात नकली टिकटों का सेट दिल्ली-कोलकाता-पोर्ट ब्लेयर मार्ग पर वापसी यात्रा के लिए था।
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