विश्व पृथ्वी दिवस के दिन दुनिया के देशों ने बनाया इतिहास: जावड़ेकर
- केंद्रीय मंत्री ने कहा समझौते में शामिल देशों को अपनी खपत में लानी होगी स्थिरता
- जावडे़कर-गोयल ने की केरी से मुलाकात
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भारत ने संयुक्त राष्ट्र में 170 से ज्यादा देशों के साथ ऐतिहासिक पेरिस जलवायु परिवर्तन समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर ने शुक्रवार को अपने बयान में कहा कि विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर हमने इतिहास बनाया है।
दुनिया के 170 से ज्यादा देशों ने इस पेरिस समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह सामूहिकता की जीत है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले देशों को खपत में स्थिरता लानी होगी। उन्होंने कहा कि विश्व समुदाय को समझौते को लागू करने की कार्य योजना दुनिया के गरीबों के लिए जलवायु न्याय सुनिश्चित करने पर केंद्रित होना चाहिए।
जावड़ेकर ने जलवायु के साथ न्याय के लिए स्थिर जीवनशैली और उपभोग का आग्रह किया। ये दोनों चीजें करार की प्रस्तावना में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हमें पेरिस करार को लागू करने के लिए हर हाल में इन दो विशेषताओं पर आधारित कार्ययोजना बनानी चाहिए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हम लोगों ने इसी तरह की अपव्ययी उपभोग शैली को जारी रखा तो हमें तीन पृथ्वी की जरूरत होगी। लेकिन हमारे पास तीन नहीं एक ही पृथ्वी है, जिसे लोग धरती माता कहते हैं। इसलिए हम लोगों को अपनी एकमात्र धरती माता की देखभाल करनी है।
जावड़ेकर-गोयल ने की केरी से मुलाकात
पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडे़कर और ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने न्यूयॉर्क में शुक्रवार को अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी से मुलाकात की। इस बीच जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर भारत और अमेरिका के एक साथ मिलकर काम करने समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में ऐतिहासिक पेरिस जलवायु परिवर्तन समझौते पर भारत समेत 175 देशों की ओर से हस्ताक्षर किए जाने के बाद दोनों भारतीय नेताओं की जॉन केरी के साथ मुलाकात सामने आई है।
इस समझौते में भारत की ओर से जावड़ेकर ने हस्ताक्षर किए, जबकि गोयल ने इंटरनेशनल सोलर एलायंस की मीटिंग की सह अध्यक्षता की।