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कोरोना वायरस: क्या नए स्ट्रेन से लड़ पाएंगी हमारी वैक्सीन, वैज्ञानिक जल्द करेंगे परीक्षण

Thu, 18 Feb 2021 08:39 AM IST
स्नेहा बलूनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: स्नेहा बलूनी Updated Thu, 18 Feb 2021 08:39 AM IST
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coronavirus will covaxin covishield vaccine be able to fight with new covid 19 strains scientists will soon test it icmr niv
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

भारत ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई के लिए देश में निर्मित दो वैक्सीन कोवैक्सिन और कोविशील्ड को आपात मंजूरी दी है। मगर अब सवाल उठता है कि क्या ये वैक्सीन लोगों को ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के कोविड स्ट्रेन से बचा पाएंगी। जल्द ही वैज्ञानिक इसका परीक्षण करके पता लगाएंगे। 

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भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने मंगलवार को घोषणा की थी कि पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) अपनी प्रयोगशाला में दक्षिण अफ्रीकी स्ट्रेन को आइसोलेट करने की प्रक्रिया में है। एनआईवी पहले ही परीक्षण के लिए ब्राजीलियाई स्ट्रेन के कल्चर (कोशिकाओं, बैक्टीरिया आदि को वृद्धि के लिए उपयुक्त परिस्थितियों में बनाए रखना) को तैयार कर चुका है।
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आईसीएमआर के महामारी विज्ञान और संचारी रोग विभाग के प्रमुख डॉ. समीरन पांडा ने कहा, 'सीरम के नमूनों उन लोगों से लिए गए हैं जिन्हें भारत में कोराना का टीका लगा है। इन नमूनों का लैब में परीक्षण करके ये देखा जाएगा कि क्या ये भारत में हाल ही में आए कोविड के नए स्ट्रेन को बेअसर कर सकते हैं या नहीं।'
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दक्षिण अफ्रीकी वैरिएंट को 501.V2 के नाम से जाना जाता है। वहीं ब्राजील के स्ट्रेन का नाम P.1 है। भारत में दक्षिण अफ्रीकी वैरिएंट के चार जबकि ब्राजील स्ट्रेन का एक मामला सामने आया है। डॉ. पांडा ने कहा, 'यह आवश्यक नहीं है कि एक वैरिएंट जो अधिक संक्रमणीय है, वह अधिक वायरल भी होगा। दूसरी बात ये है कि क्या वे तेजी से फैलने वाले वायरस से जुड़े हैं।'


राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के निदेशक डॉ. सुजीत कुमार सिंह ने कहा कि दक्षिण अफ्रीकी और ब्राजील वैरिएंट में सार्वजनिक स्वास्थ्य निहितार्थ हैं। उन्होंने कहा, 'ब्राजील के वैरिएंट को अधिक संक्रमणीय माना जाता है और इसमें एंटीबॉडी से बचने की क्षमता हो सकती है। अध्ययनों से पता चलता है कि दक्षिण अफ्रीकी संस्करण भी अधिक संक्रामक है।' हालांकि डॉ. सिंह ने उन स्थानों का खुलासा नहीं किया है जहां इन नए वैरिएंट्स के मामले सामने आए हैं।

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