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कोरोना वायरस: विदेश से लौटे नागरिकों को जबरन किया जा रहा लॉकडाउन
Wed, 25 Mar 2020 12:08 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Wed, 25 Mar 2020 12:08 PM IST
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मास्क पहने लोग (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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विदेश से लौटे लोगों जिसमें से ज्यादातर भारतीय हैं उन्हें सरकार ने कड़े लॉकडाउन का पालन करने को कहा है। रविवार को भारत ने अपनी सभी तरह की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक लगा दी थी। विदेश से लौटे कुछ लोगों को कर्फ्यू में रखा गया है ताकि समुदाय में इस वायरस के संभावित प्रसार को रोका जा सके।
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पिछले कुछ हफ्तों में कोविड-19 के मरीजों में जो वृद्धि हुई है उसमें से ज्यादातर लोग विदेश से लौटे हैं। यह जानकारी वरिष्ठ स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर के अधिकारियों ने दी है जो इस बीमारी के उपचार और इससे जुड़ी घटनाओं की निगरानी कर रहे हैं।
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इस बात की चिंता थी कि बहुत से लोग होम क्वारांटाइन (एकांतवास) को पालन नहीं करेंगे। वहीं 8,000 लोग 14 दिनों के लिए संस्थागत शिविरों में थे। ज्यादातर लोग घर के अंदर एकांतवास में थे और उनपर कड़ी निगरानी रखी जा रही थी। उनके विस्तृत विवरण को इंटीग्रेटिड डिसिज मैनेजमेंट सिस्टम में रिकॉर्ड किया गया था।
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विदेश यात्रा से वापस लौटे लोगों की आवाजाही और जो उनके संपर्क में आएंगे उनकी गतिविधि को ध्यान में रखते हुए उन्हें जबरन आइसोलेशन में भेजा गया। सूत्रों का कहना है कि विचार यह था कि निगरानी वाले लोगों की गतिविधियों को रोका जा सके ताकि वह वायरस को प्रसारित करने के वाहक न बन सकें।
जिन लोगों में वायरस के लक्षण पनपते हैं उनका इलाज किया जाता है और अन्य जो लोग एकांतवास को सफलता से पूरा कर लेते हैं वह खतरे से बाहर हो जाते हैं। यह रणनीति आइसोलेशन पर जोर देने का हिस्सा है। जिसकी रूपरेखा आईसीएमआर अध्यक्ष बलराम भार्गव ने उल्लिखित की है ताकि वायरस के फैलाव की चेन को तोड़ा जा सके।
भारत में तेजी से कोरोना के मामलों की संख्या बढ़ी है। जिसमें विदेश यात्रा से लौटे नागरिक और उनके संपर्क में आए लोग शामिल हैं। इसके अलावा सामुदायिक फैलाव के जरिए भी कुछ लोग वायरस से संक्रमित हुए हैं। इस परिस्थिति में लॉकडाउन जैसे सख्त कदम उठाने की जरुरत थी और इसका उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना और दो साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। अबतक देश में 1,87,904 लोग निगरानी में हैं।