#LadengeCoronaSe: इस्राइल, जर्मनी, रूस और फ्रांस अपने नागरिकों को ले जा रहे स्वदेश
- कोविड-19 से बचाने के लिए देश कर रहे हैं पहल
- इजरायली नागरिक गुरुवार को जा रहे तेल अवीव
- जर्मनी के 500 नागरिक जा चुके स्वदेश
विस्तार
अजीब इत्तेफाक है। कोविड-19 (कोरोना संक्रमण) से बचाने के लिए पहले भारत अपने नागरिकों को चीन के वुहान प्रांत समेत दुनिया के कई देशों से ले आया ताकि कोरोना संक्रमण से बचाया जा सके और जिनमें संक्रमण की संभावना है, उनकी बेहतर देखभाल हो सके।
अब इसी पैटर्न पर दुनिया के कई देश पहल कर रहे हैं। प्रोटोकॉल के तहत इस्राइल, जर्मनी, फ्रांस, रूस जैसे देशों ने अपने नागरिकों को भारत से ले जाने की पहल शुरू कर दी है। इस्राइल के नागरिक गुरुवार को एयर इंडिया के विशेष विमान से तेल अवीव (इस्राइल) के लिए निकले।
The team @israelinMumbai is making constant efforts to help & find a solution for the #Israelis that want to reach back to #Israel safely.विज्ञापन विज्ञापन
Here are few of them that were picked up now by special transportation organized by the consulate taking them to the airport. #21daylockdown pic.twitter.com/XpdhI9JjKo— Israel in Mumbai (@israelinMumbai) March 25, 2020
जर्मनी भी नई दिल्ली स्थित दूतावास समेत अपने करीब 500 नागरिकों को ले जाने की प्रक्रिया कर चुका है। उसके नागरिकों ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 26 मार्च को तड़के बर्लिन की उड़ान भरी।
रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने भी अपने नागरिकों को भारत से निकालने की पहल की है। बुथवार को पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच कोविड-19 को लेकर वार्ता हुई और नागरिकों को भेजने को लेकर भी बातचीत हुई।
फ्रांस की भी यही योजना है। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि अपने नागरिकों को सुरक्षित ले जाना या उन्हें किसी भी खतरे से बचाना हर देश का अधिकार होता है। इस प्रोटोकॉल के अंतर्गत ही विदेशी नागरिक अपने देश ले जाए जा रहे हैं।
कोविड-19 संक्रमण को लेकर भारत को कम सुरक्षित मान रहे
इस्राइल समेत तमाम देशों की नजर में भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी से निबटने में उतना सक्षम नहीं है। अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को लग रहा है कि भारत में यह महामारी मई महीने तक खतरनाक रूप ले सकती है।
नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिस तरह से भारत में संक्रमण फैल रहा है और भारत के पास कोरोना संक्रमण के जांच की जो व्यवस्था है, उस पर इस्राइल, फ्रांस, जर्मनी जैसे देश भरोसा नहीं कर पा रहे हैं।
बताते हैं इस्राइल वैसे भी अपने नागरिकों को लेकर कुछ ज्यादा संवेदनशील रहता है। यही स्थिति फ्रांस और जर्मनी की भी है। कुछ देश ऐसे भी हैं जिन्होंने फिलहाल अपने नागरिकों से लॉकडाउन के दौरान में भारत में ही रहकर खुद को सुरक्षित रखने की सलाह दी है।