{"_id":"5e85b8fa8ebc3e7743465420","slug":"coronavirus-in-gujarat-covid-19-positive-cases-death-toll-rises","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना वायरस: गुजरात में सात लोगों की मौत, संक्रमित मरीजों की संख्या 87 हुई","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
कोरोना वायरस: गुजरात में सात लोगों की मौत, संक्रमित मरीजों की संख्या 87 हुई
Thu, 02 Apr 2020 03:35 PM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 02 Apr 2020 03:35 PM IST
विज्ञापन
कोरोना वायरस
- फोटो : PTI
कोरोना वायरस का कहर देश में लगातार बढ़ता ही जा रहा है। गुजरात के वडोदरा जिले में गुरुवार को कोरोना वायरस के 52 वर्षीय मरीज की तड़के मौत हो गई। इसके साथ ही राज्य में कोविड-19 से मरने वाले लोगों की संख्या सात हो गई है।
विज्ञापन
प्रधान सचिव (स्वास्थ्य) जयंती रवि ने गांधीनगर में पत्रकारों को बताया कि श्रीलंका से लौटने के बाद बीमार पड़ने पर इस व्यक्ति को 19 मार्च को वडोदरा के एसएसजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में जांच में वह कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था। उन्होंने बताया कि अभी तक राज्य में इस संक्रामक रोग के 87 मामले सामने आए हैं।
विज्ञापन
अधिकारी ने बताया कि इन मरीजों में से सात की मौत हो गई। सात मरीजों की अस्पताल से छुट्टी हो गई है। बाकी 73 का अभी इलाज चल रहा है। अभी तक अहमदाबाद से 31, सूरत से 12, राजकोट से 10, वडोदरा से नौ, भावनगर से छह, पोरबंदर से तीन, गिर सोमनाथ से दो और कच्छ, मेहसाणा तथा पंचमहाल से एक-एक मामला सामने आया है।
विज्ञापन
रवि ने बताया कि 33 मरीजों ने विदेश की यात्रा की थी जबकि आठ ने दूसरे राज्यों की यात्रा की थी तथा 46 मामले स्थानीय संक्रमण के हैं। उन्होंने बताया कि गुजरात में कुल 1,789 मरीजों की कोरोना वायरस की जांच हुई है जिनमें से 1,693 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। उनमें से 87 लोग संक्रमित पाए गए और नौ की जांच के नतीजे अभी नहीं आए हैं। राज्य में 18,800 से अधिक लोग अब भी क्वारंटीन में रह रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि राज्य में निजी रक्षा उपकरण (पीपीई) और एन95 मास्क की कोई कमी नहीं है।
शिक्षकों को सौंपी गई प्रवासी मजदूरों का पता लगाने की जिम्मेदारी
गुजरात सरकार ने कोरोना वायरस संकट के मद्देनजर लॉकडाउन के इस अभूतपूर्व दौर में प्रवासी कामगारों का पता लगाने और उन्हें निशुल्क राशन मुहैया कराने का काम प्राथमिक स्कूल के शिक्षकों को सौंपा है। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को गांवों में घर-घर जाकर सर्वेक्षण करने के लिए बुधवार को बुलाया गया ताकि वहां प्रवासी कामगारों का पता लगाया जा सकें तथा संबंधित अधिकारियों को उनकी
जानकारी दी जा सके।
कोरोना वायरस पर लगाम लगाने के लिए लागू किए गए बंद से मानवीय संकट खड़ा हो गया है क्योंकि इससे प्रवासी मजदूरों की नौकरियां चली गई और वे परिवहन की कोई सुविधा न होने पर पैदल ही अपने-अपने गंतव्यों की ओर चल पड़े। हालांकि, सरकार उनकी आवाजाही को अभी के लिए रोकने के लिए कदम उठा रही है। शिक्षकों का एक समूह बुधवार को यहां अहमदाबाद-राजकोट राजमार्ग के समीप चाचरावादी वासना गांव के हर घर में गया।
गांव का सर्वेक्षण करने के बाद शिक्षकों ने पाया कि देश के विभिन्न हिस्सों से वहां प्रवासी मजदूरों के 14 परिवार रह रहे हैं तथा उनके पास गुजरात का राशन कार्ड नहीं है। चाचरावादी वासना में सरकारी प्राथमिक स्कूल के एक शिक्षक ने कहा कि हमने जिन गरीब परिवारों के पास राशन कार्ड नहीं है उनका पता लगाने के लिए हर घर में सर्वेक्षण किया। गांव में ऐसे 14 परिवारों की पहचान की गई और हमने उच्च अधिकारियों को सूचना दे दी है। गुजरात सरकार ने एलान किया है कि वह उन गरीब परिवारों को एक महीने का मुफ्त राशन देगी जिनकी आमदनी बंद के कारण प्रभावित हुई है।