एक्सक्लूसिव: 'हॉस्टल के गेट तक जाने पर होती थी कोरोनावायरस की जांच, हमसे कहा गया- स्वदेश वापस जाएं'
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कोरोनावायरस से हो रही मौतों के लगातार बढ़ने से डरी चीन सरकार विदेशी छात्रों से स्वदेश जाने की अपील कर रही है। स्थानीय प्रशासन के अधिकारी लगातार विदेशी लोगों पर नजर बनाए हुए हैं। बीजिंग सहित सभी प्रमुख शहरों में उन लोगों के स्वास्थ्य की विशेष रूप से जांच की जा रही है जो किसी भी प्रकार से बाहरी वायु के संपर्क में आए थे।
बीजिंग में स्थित कैपिटल मेडिकल यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने वाले नवदीप सिंह चौधरी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के रहने वाले हैं। हाल में ही वह चीन से श्रीलंका के रास्ते नई दिल्ली पहुंचे हैं। जहां कोलंबो और नई दिल्ली में उनके स्वास्थ्य का परीक्षण करने के बाद ही बाहर जाने की इजाजत दी गई।
अमर उजाला से खास बातचीत में उन्होंने बताया कि बीजिंग में हालात वुहान की तुलना में ठीक है फिर भी स्थानीय प्रशासन लोगों के स्वास्थ्य पर कड़ी नजर बनाए हुए है। हमें चीन के अधिकारियों ने कहा कि आप सब अपने बेहतर स्वास्थ्य के लिए स्वदेश चले जाएं या फिर अपने घरों से बाहर न निकलें। उन्होंने कहा कि जब हालात सामान्य हो जाएंगे फिर आपको वापस बुला लिया जाएगा।
हॉस्टल के गेट तक जाने पर होता था स्वास्थ्य परीक्षण
उन्होंने बताया कि अगर हम डिलेवरीमैन से खाना लेने के लिए हॉस्टल के गेट तक भी जाते थे तब वापस लौटने के दौरान रिसेप्शन पर ही हमारे स्वास्थ्य की जांच की जाती थी। यहां हमारे शरीर का तापमान देखा जाता था फिर हमें प्रवेश मिलता था।
वुहान जाने पर पाबंदी
नवदीप सिंह ने बताया कि वुहान जाने पर अब भी पाबंदी बनी हुई है। वहां हालात अब भी गंभीर बना हुआ है। कई लोगों के इस वायरस से पीड़ित होने की खबरें आ रही है।
बीजिंग में हेलीकॉप्टर से किया जा रहा दवा का छिड़काव
उन्होंने बताया कि बीजिंग में हेलीकॉप्टर की मदद से दवा का छिड़काव किया जा रहा है। चीन सरकार ने कड़े दिशा निर्देश जारी करते हुए वुहान-बीजिंग सहित सभी प्रमुख शहरों में लोगों के एकत्रित होने और किसी भी प्रकार से सार्वजनिक सभा पर पाबंदी लगा दी थी। जिसके कारण 26 जनवरी को भारतीय दूतावास में होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह को भी रद्द कर दिया गया था।
विदेश मंत्रालय सक्रिय, भारतीय दूतावास कर रही लोगों की मदद
नवदीप सिंह ने बताया कि बीजिंग में भारतीय दूतावास के अधिकारी लगातार हम लोगों से संपर्क में थे। उन्होंने मास्क भी हमें उपलब्ध कराए थे। इसके अलावा भारत आने के लिए भी उन्होंने हमें सहायता की। दूतावास के अधिकारी भारतीयों को इस वायरस से बचने के लिए लगातार जानकारी भी प्रदान कर रहे हैं।