अजीबोगरीब सवाल: क्या ऊंचे फ्लैट, दाढ़ी-मूंछ, चीन के सामान से संक्रमण होगा?
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मुझे बुखार और जुकाम है, क्या मैं कोरोना वायरस संक्रमित हो चुका हूं? जैसे सवालों के बीच अचानक पूछा जाता है ‘क्या चीन में बनी चीजों से वायरस संक्रमण हो सकता है?’ बड़ी संख्या में आम नागरिक द्वारा पूछे जा रहे इस प्रकार के सवालों के जवाब इन दिनों चिकित्सक दे रहे हैं।
इनमें से कई बचकाने सवाल उन्हें परेशान कर रहे हैं। महामारी के समय में अधिकतर चिकित्सकों के क्लीनिक पर कतारें तो नहीं हैं, लेकिन उनके हाथ फोन पर नजर आ रहे हैं। कई डॉक्टर अस्पताल से लेकर सोशल मीडिया पर तक हैल्पलाइन केे जरिए सवालों के जवाब दे रहे हैं।
डॉक्टरों के क्लीनिकों पर कतारें तो घटीं, लेकिन फोन पर हैं व्यस्त, कुछ सामान्य सवाल
- क्या गर्मी में वायरस मर जाएगा?
- क्या बाहर का खाना और नॉनवेज खाना संक्रमित हो सकता है?
- क्या संक्रमण होने पर सिगरेट पीने की आदत की वजह से उबरने में समय लगेगा?
- क्या मास्क सच में कारगर हैं?
- हैंड सैनिटाइजर अच्छा है या साबुन?
- मेरे घर में बुजुर्ग हैं, क्या उन्हें संक्रमण का ज्यादा अंदेशा है?
ये हैं चकरा देने वाले प्रश्न
- क्या चीन से आए मेल से संक्रमण संभव है?
- क्या गर्म पानी पीने से वायरस मर जाएगा?
- वायरस के प्रति भारतीय बाकियों से ज्यादा रोग प्रतिरोधक क्षमता रखते हैं?
- ऊंची मंजिल पर घर होने और इनमें टाइलें लगी होने से संक्रमण का खतरा है?
- जिनकी मूंछें और दाढ़ी है, क्या उनमें संक्रमण की ज्यादा संभावना है?
- क्या धूप में बैठने से वायरस मर जाएगा?
15 लाख सवाल पूछ डाले चैटबॉट से
मार्च के तीसरे हफ्ते में बंगलूरू की मेडिकल कंपनी के डायरेक्टर विशाल सहगल ने व्हाट्सएप पर चैटबॉट लॉन्च किया था, जिससे नागरिक सवाल पूछ सकते हैं। इस चैटबॉट से 16 देशों के लोग 15 लाख सवाल पूछ चुके हैं। अधिकतर लोग वायरस, सुरक्षा और इलाज के बारे में जानना चाहते हैं। उन्हें भी कई बार ऐसे सवालों से जूझना होता है जैसे, ‘क्या बीयर पीने से वायरस मर जाता है?’
व्हाट्सएप नहीं मीडिया-डॉक्टरों की सुनें
मरीजों को चिकित्सकों से जोड़ने वाले ऑनलाइन पोर्टल के श्वास व सीना रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमंत कालरा के अनुसार मामले बढ़ने पर सवाल बढ़ रहे हैं। लोगों में डर है क्योंकि उनके पास अनाधिकृत स्रोतों से सूचनाओं की बाढ़ आ रही है। मीडिया की खबरें और चिकित्सककर्मियों की सलाह तो पुख्ता होती हैं, लेकिन व्हाट्सएप पर आने वाले संदेश अफवाहों को बढ़ा रहे हैं।
वे सलाह देते हैं कि इन संदेशों से बचें और इन्हें आगे न बढ़ाएं। फोर्टिस के पल्मोनोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक नांगिया और पारस अस्पताल में इंटरनल मेडिसिन के डॉ. राजीव कुमार बताते हैं कि जो जानकारियां वे मरीजों से साझा करते हैं, उन्हें अपने परिचितों को देने का निवेदन कर रहे हैं, ताकि सभी को सही जानकारियां मिलें।