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कोरोना से जंग: स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताई रणनीति, तीन जोन में बांटे जाएंगे देशभर के जिले

Thu, 16 Apr 2020 03:44 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Thu, 16 Apr 2020 03:44 AM IST
सार

  • स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा-170 जिले हॉटस्पॉट घोषित।
  • जबकि 207 गैर हॉटस्पॉट वाले इलाकों में संक्रमण का खतरा ज्यादा।
  • ग्रीन जोन जहां एक भी मामला नहीं।

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Coronavirus Case News In Hindi : Health Ministry explained strategy to fight with virus spreaed, districts will be divided into three zones
लॉकडाउन के दौरान घर से बाहर निकले एक परिवार को समझाता पुलिस कर्मी। - फोटो : PTI

विस्तार

केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि देशभर में कोरोना के मामलों की गंभीरता के मुताबिक देशभर के जिलों को हॉटस्पॉट, गैर हॉटस्पॉट और ग्रीन जोन जैसी तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने यह जानकारी देते कहा कि हॉटस्पॉट वे जिले हैं जहां ज्यादा मामले आ रहे हैं या बीमारी बढ़ने की दर ज्यादा है। जहां इक्का-दुक्का मामले आए हैं, उन्हें गैर हॉटस्पॉट और जहां अब तक एक भी केस नहीं आया है, उन्हें ग्रीन जोन की श्रेणी में रखा जा रहा है। बता दें कि मंत्रालय ने इस संबंध में राज्यों के मुख्य सचिवों को एक पत्र भी लिखा गया है।

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पत्र में राज्यों से क्या कहा है
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में कहा है कि देशभर में कोरोना वायरस के 207 जिले रेड हॉटस्पॉट के तौर पर चिन्हित किए गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को 28 दिन के अंदर रेड अलर्ट वाले जिलों को ग्रीन अलर्ट में बदलने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही इस मामले में केंद्र ने कड़ाई से नियमों का पालन करने के लिए कहा है। बता दें कि मध्यप्रदेश के इंदौर, भोपाल, उज्जैन, खरगोन और होशंगाबाद जिले रेड हॉटस्पॉट जोन में शामिल हैं।
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एक गलती पड़ सकती है भारी
लव अग्रवाल ने कहा, जो जिले अब तक कोरोना वायरस से अछूते हैं, उन जिलों को संक्रमण से दूर रखने की कोशिश होती रहे। किसी एक जिले की गलती से पूरा देश चूक सकता है। उन्होंने कहा-देश में हॉटस्पॉट 170 जिले हॉटस्पॉट घोषित किए जाएंगे, जबकि गैर हॉटस्पॉट जिले 207 हैं, जहां कोरोना के मामले तो कम आए हैं, मगर वहां संक्रमण का खतरा ज्यादा है।
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इन जिलों में पूरी कोशिश होगी कि ये हॉटस्पॉट की श्रेणी में शामिल न होने पाएं। इन दोनों वर्गों के जिलों में कंटेनमेंट और बफर जोन प्रबंधन लागू होगा। वहीं, बाकी जिलों में एक भी मरीज न मिलने के चलते वहां थोड़ी बहुत राहत दी जा सकती है लेकिन जिला प्रशासन के स्तर पर किसी भी प्रकार की चूक नहीं होनी चाहिए।

अग्रवाल ने कहा कि जिलों में स्थानीय स्तर पर भी संक्रमण को रोकने के लिये ऐसे क्षेत्रों की पहचान की गई है, जहां कम से कम 15 संक्रमित मरीज मिले हैं। इन क्षेत्रों को ‘क्लस्टर’ मानकर संक्रमणरोधी अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा, रोकथाम योजना पूरे देश में बेहतर तरीके से लागू हो। सभी के प्रयास से ही कोरोना वायरस को हराया जा सकता है। हमें लगातार सतर्क बने रहना है।

11,933 हुए कुल मामले, 392 मरीजों की गई जान, 1,343 लोग ठीक हुए

इस बीच, देश में अब तक तक कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 11,933 हो गई है, जबकि इससे 392 लोगों की मौत हुई है। पिछले 24 घंटों में 1,118 नए संक्रमित मरीज सामने आ चुके हैं। जबकि 39 लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, राहत की खबर है कि अब देश में 11.41 फीसदी के औसत से संक्रमित मरीज स्वस्थ भी हो रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार बुधवार शाम तक देश में 1,343 मरीज स्वस्थ्य होकर घर जा चुके हैं।

गंभीर मामलों के देश में कोविड अस्पताल
अग्रवाल ने बताया कि कैबिनेट सचिव की राज्यों के मुख्य सचिवों, पुलिस महानिदेशकों, स्वास्थ्य सचिवों, जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों के साथ बुधवार को हुई बैठक में हॉटस्पॉट के रोकथाम की रणनीति पर चर्चा हुई। उन्होंने फिर दोहराया कि देश में अभी सामुदायिक संक्रमण के कोई सुबूत नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि गंभीर मामलों के देशभर में कोविड अस्पताल बनाए जाएंगे, जबकि हल्के मामलों के लिए कोविड डे केयर सेंटर होंगे। वहीं, गृह मंत्रालय के अधिकारी ने कहा, जो जिले हॉटस्पॉट के दायरे में नहीं आते हैं, वहां 20 अप्रैल से लॉकडाउन में कुछ रियायतें दी जाएंगी। छूट के बावजूद लोगों को सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करना होगा। अगर कहीं से नियमों के तोड़ने की खबर आएगी तो उन्हें दी हुई रियायतें तुरंत वापस ले ली जाएंगी।

रणनीति: संक्रमण वाले इलाकों में मरीजों की पहचान के लिए घर-घर सर्वे
संयुक्त सचिव ने कहा कि 20 अप्रैल तक देश के सभी जिलों में कोरोना संक्रमण को रोकने के उपायों का सख्ती से पालन और आकलन सुनिश्चित किया जाएगा। अग्रवाल ने कहा कि इन जिलों के सर्वाधिक संक्रमण प्रभावित इलाकों में मरीजों की शीघ्र पहचान करने के लिए घर घर जाकर सर्वे किया जाएगा। इसके तहत जिले के स्वास्थ्य और राजस्व विभाग के अधिकारी घर घर जाकर खांसी, बुखार और सांस की तकलीफ वाले मरीजों की पहचान कर यह सुनिश्चित करेंगे कि इनमें कोरोना का संक्रमण तो नहीं है।

यह दुर्लभ, हजार साल में वायरस चमगादड़ों से इंसानों में पहुंचा
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के रमन आर गंगाखेड़कर ने कहा कि चीन में हुई खोज में ऐसी बात सामने आई थी कि चमगादड़ों में अचानक हुए जैविक उत्परिवर्तन के कारण कोरोना वायरस पनपा है। फिर यह पैंगोलिन में गया और वहां से यह वायरस इंसान में आया। हमने भी इस दावे की पड़ताल की है। दो प्रकार के चमगादड़ों में कोरोनावायरस मिला, लेकिन यह इंसान को नुकसान पहुंचाने के काबिल नहीं था। यह बहुत दुर्लभ है कि एक हजार साल में वायरस चमगादड़ों से इंसान तक पहुंचता है।

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