{"_id":"5f8f56ac0e7ba158011045e8","slug":"coronavirus-alert-icmr-says-infection-can-happen-again-after-the-antibodies-are-over","type":"story","status":"publish","title_hn":"सावधान...एंटीबॉडी खत्म होने के बाद फिर हो सकता है संक्रमण, आईसीएमआर ने किया खुलासा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सावधान...एंटीबॉडी खत्म होने के बाद फिर हो सकता है संक्रमण, आईसीएमआर ने किया खुलासा
Wed, 21 Oct 2020 02:59 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 21 Oct 2020 02:59 AM IST
विज्ञापन
आईसीएमआर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना संक्रमण की चपेट में आने के बाद शरीर में उसके खिलाफ एंटीबॉडी बनने लगती हैं, लेकिन एक तय समय के बाद एंटीबॉडी में कमी आने पर दोबारा संक्रमण का खतरा हो जाता है। दोबारा संक्रमण न होने की बात गलत है। इसलिए लोगों को सतर्कता बरतनी चाहिए।
विज्ञापन
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने बताया कि कोरोना संक्रमण नया है। ऐसे में इसे लेकर लगातार अध्ययन हो रहे हैं और रिपोर्ट सामने आ रही है। भार्गव ने बताया कि अब तक ऐसे कई चिकित्सीय अध्ययन सामने आए हैं जिनमें एंटीबॉडी के शरीर में रहने की अवधि को अलग-अलग बताया गया है। किसी अध्ययन में तीन से माह तो किसी में पांच माह तक एंटीबॉडी रहने की जानकारी दी गई है। अध्ययन अभी चल रहा है, लेकिन एंटीबॉडी खत्म होने के साथ ही संक्रमण का खतरा फिर होने लगता है।
विज्ञापन
यूरोप, चीन, अमेरिका और रूस सहित कई देशों के वैज्ञानिकों ने अलग-अलग अध्ययन में कोरोना वायरस के खिलाफ बनने वाली एंटीबॉडी अवधि का पता लगाया। पुणे स्थित एनआईवी के वैज्ञानिक इस पर अध्ययन कर रहे हैं, जिसका परिणाम दिसंबर तक आ सकता है। वहीं, दोबारा संक्रमण के भी कुछ केस सामने आने के बाद सरकार ने उन लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी जो संक्रमण से ठीक हो चुके हैं।
विज्ञापन