फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Corona warriors: More than nine lakh doctors, 28 lakh nurse-Asha workers are providing essential services to the people

कोरोना से जंग: नौ लाख से ज्यादा डॉक्टर, 28 लाख नर्स-आशा वर्कर लोगों तक पहुंचा रहे जरूरी सेवाएं

Mon, 12 Apr 2021 02:07 AM IST
सुरेंद्र जोशी अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Mon, 12 Apr 2021 02:07 AM IST
सार

दिल्ली में दो करोड़ की आबादी पर 17,996 डॉक्टर, 2530 मेडिकल छात्र, 43,865 नर्सें, 12011 दन्त चिकित्सक और 11213 आयुष चिकित्सक सेवा में जुटे     
 

विज्ञापन
Corona warriors: More than nine lakh doctors, 28 lakh nurse-Asha workers are providing essential services to the people
कोरोना योद्धा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना की पहली लहर के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 इंडिया पोर्टल का उद्घाटन कर इस पर उन स्वास्थ्यकर्मियों-संगठनों से रजिस्टर करने की अपील की थी जो कोरोना पीड़ितों के इलाज में अपनी सेवाएं देना चाहते हैं। लाखों स्वास्थ्यकर्मियों ने इस पर रजिस्ट्रेशन कराया है। अब तक कुल 9 लाख 27 हजार डॉक्टरों, एक लाख 53 हजार 656 चिकित्सा विद्यार्थियों ने कोरोना मरीजों की देखभाल के लिए स्वयं को पंजीकृत कराया है। 

विज्ञापन


17 लाख 48 हजार 363 नर्सों और  10 लाख आशा वर्कर के अलावा लाखों रिटायर्ड स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य संगठनों से जुटे लोगों ने भी कोरोना महामारी के दौरान अपनी सेवाएं देने की बात कही थी।हालांकि कोरोना की पहली लहर कमजोर पड़ने के बाद अनेक लोग कोरोना मरीजों की सेवा से पीछे हट गए थे। अब दोबारा स्थिति गंभीर हो गई है, इसलिए माना जा रहा है कि सरकार इन लोगों से पुन: काम करने की अपील कर सकती है। 
विज्ञापन


दिल्ली में दंत व आयुष चिकित्सक भी तैनात
दिल्ली सरकार पहले ही दंत चिकित्सकों और आयुष चिकित्सकों को कोरोना मरीजों की सेवा में मुख्य भूमिका निभाने के लिए आदेश जारी कर चुकी है। मरीजों की संख्या को देखते हुए दिल्ली सरकार ने डेंटल और आयुष डॉक्टरों को भी कोविड अस्पतालों में तैनात करने का निर्णय लिया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पूरे देश में अभी 8 लाख 32 हजार 445 आयुष चिकित्सक और दो लाख 17 हजार दंत चिकित्सक हैं, जो कोरोना मरीजों की देखभाल के लिए खुद को सरकार के पास रजिस्टर करा चुके हैं। साथ ही 11 लाख 25 हजार 222 फार्मासिस्ट लोगों को दवाएं उपलब्ध करा रहे हैं।  

कोरोना मरीजों को आयुष डॉक्टर देंगे बेहतर सेवा

आयुष विभाग दिल्ली के पैरामेडिकल बोर्ड के अध्यक्ष डॉक्टर प्रदीप अग्रवाल ने अमर उजाला से कहा कि देश में इस समय 8 लाख 32 हजार 445 आयुष चिकित्सक हैं। दिल्ली में 11,213 आयुष डॉक्टर लोगों की सेवा कर रहे हैं। इन्हें कोरोना मरीजों की सेवा में सीधे तौर पर लगाने का निर्णय कर दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सत्येन्द्र जैन ने बेहतर कदम उठाया है।

केंद्र सरकार को भी दिल्ली मॉडल का अपनाते हुए आयुष चिकित्सकों को कोरोना मरीजों की सेवा की मुख्य भूमिका में लाना चाहिए। अभी तक आयुष चिकित्सक केवल माइल्ड कैटेगरी के मरीजों को आयुष अस्पतालों में ही सेवा दे रहे थे।

आयुर्वेदिक दवाएं इलाज में कारगर
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि कोरोना की पहली लहर ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कोरोना के लक्षणरहित और माइल्ड स्टेज के मरीजों के इलाज में आयुष की दवाएं बेहद कारगर रहती हैं। आयुर्वेदिक दवाओं ने लोगों को स्वस्थ रहने के साथ-साथ उनकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर उन्हें अन्य रोगों से भी लड़ने में ज्यादा सक्षम बनाया है। केंद्र सरकार को भी आयुष चिकित्सकों की इस क्षमता का उपयोग करना चाहिए।    

 ये भी कोरोना वॉरियर

केंद्र सरकार के कोविड 19 वॉरियर पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस समय देश में 47736 लैब तकनीकी सहायकों और एक लाख 79 हजार 918 रिटायर्ड सेवकों ने भी कोरोना काल में सेवाएं देने के लिए खुद को रजिस्टर कराया है। इसके अलावा आयुष अस्पतालों में अन्य कर्मचारी भी मरीजों की देखभाल कर रहे हैं। एनएसएस, एनसीसी, एनवाईकेएस और ट्रेंड हेल्थ प्रोफेशनल्स भी भारी संख्या में कोरोना मरीजों की सेवाएं कर रहे हैं।

अस्पताल
केंद्र और राज्य सरकारों के अस्पताल और भारी संख्या में प्राइवेट अस्पताल कोरोना मरीजों की सेवा कर रहे हैं। इसके अलावा देश के 201 सीपीएसई अस्पताल, 49 ईएसआईसी अस्पताल, रेलवे के 50 अस्पताल, ऑर्डिनेंस और हिन्दुस्तान एरोनॉटिकल के 13 अस्पताल, 12 पोस्ट अस्पताल लोगों की सेवा में जुटे हैं।
 
मानसिक चिकित्सक भी जुटे

कोरोना काल में लोगों को अनेक तरह की मानसिक समस्याओं से भी जूझना पड़ रहा है। ऐसे लोगों की मानसिक सहायता के लिए मानसिक चिकित्सकों की टीम भी लगातार सेवा कर रही है। अब तक 1 लाख 16 हजार 346 मानसिक चिकित्सकों ने कोरोना मरीजों की सेवा में अपना समय देने के लिए रजिस्टर किया है। इनके अलावा रिटायर्ड डॉक्टर, आंगनवाडी केन्द्रों के सहायक, सिविल डिफेंस, होम गार्ड्स, फायर सर्विस और स्वयं सेवी संगठनों के लाखों लोग कोरोना काल में जनता की सेवा में अपना समय दे रहे हैं।

 दिल्ली में क्षमता कितनी

राजधानी दिल्ली स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में अन्य राज्यों से बेहतर स्थिति में है। यहां लगभग दो करोड़ की आबादी पर 17,996 डॉक्टर, 2530 एमबीबीएस विद्यार्थी, 43,865 नर्स, 12011 दंत चिकित्सक, 11213 आयुष चिकित्सकों ने स्वयं को कोरोना मरीजों की सेवा करने के लिए उपलब्ध बताया है।

राजधानी में केंद्र के पांच बड़े अस्पताल, दिल्ली सरकार के 33 सेंटीनल अस्पतालों और सैकड़ों प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना मरीजों का इलाज चल रहा है। इसके आलावा रेलवे, HAL और ऑर्डिनेंस के अनेक अस्पताल लोगों की सेवा में जुटे हैं।

फिर बनाए जाएंगे अस्थाई अस्पताल 
कोरोना की पहली लहर में अनेक अस्थायी अस्पतालों/सेंटरों का निर्माण किया गया था। यह कमजोर पड़ने के साथ ही इन्हें खत्म कर दिया गया था,  लेकिन सरकार ने कहा है कि मरीजों की संख्या को देखते हुए अगर आवश्यकता होगी तो इस तरह के सेंटरों को दोबारा बनाया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed