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शर्मनाक: समय पर मदद न मिलने से कोरोना योद्धा की गई जान

Sun, 06 Jun 2021 03:54 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नागपुर।
एजेंसी, नागपुर। Published by: Jeet Kumar Updated Sun, 06 Jun 2021 03:54 AM IST
सार

एक संस्था के साथ 1300 से ज्यादा कोविड-19 मृतकों के अंतिम संस्कार में मदद कर चुके हैं निमजे

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Corona warrior Chandan nimaje died due to lack of timely help
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना काल में पीड़ितों की मदद में लगे रहे 67 वर्षीय सेवानिवृत्त केंद्र सरकार के कर्मचारी की मदद के अभाव में जान चली गई। चंदन निमजे ने 1300 से अधिक कोविड-19 पीड़ितों का अंतिम संस्कार करने में मदद की थी। कोरोना संक्रमित होने की वजह से 26 मई को उनका निधन हो गया। उनके सहयोगी ने दावा किया कि समय पर मदद मिलती तो उन्हें बचाया जा सकता था।

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कोरोना महामारी शुरू होने के बाद से ही एक सामाजिक सेवा समूह ‘किंग कोबरा ऑर्गनाइजेशन यूथ फोर्स’ के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर निमजे 1300 से ज्यादा कोविड-19 मृतकों का अंतिम संस्कार करा चुके थे। हाल ही में नागपुर के मेयर ने उन्हें कोरोना योद्धा के रूप में सम्मानित भी किया था।
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समूह के संस्थापक अरविंद रतूड़ी ने शनिवार को बताया कि निमजे,उनकी पत्नी, बहन और दो बेटों का कोरोना टेस्ट 2 मई को पाजिटिव आया था। निमजे को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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अस्पताल ने उनसे एक लाख रुपये की मांग की और कार्ड से भुगतान लेने से भी मना कर दिया। इसके बाद उन्हें घर लाया गया। पांच मई को उन्हें और छह मई को परिवार के अन्य सदस्यों को निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उन्होंने नागपुर के अधिकारियों को फोन कर मदद मांगी, लेकिन कोई उत्तर नहीं दिया गया। रतूड़ी ने बताया कि 26 मई को उन्होंने मेडिकल कॉलेज में निमजे के लिए एक बेड की व्यवस्था की, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।


हाइकोर्ट में दायर करेंगे याचिका
रतूड़ी ने कहा कि निमजे को समय उचित उपचार मिलता तो उसे बचाया जा सकता था, लेकिन घर को सील करने के अलावा निकाय के अधिकारियों ने परिवार की कोई मदद नहीं की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, एनएमसी और जिला प्रशासन की उदासीनता से निमजे की जान गई। इसे लेकर मैं बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच के समक्ष एक याचिका दायर करने जा रहा हूं।

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