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Corona Virus: कोरोना वायरस से बचाव के लिए आयुष मंत्रालय ने सुझाई ये आयुष दवाएं
Thu, 13 Jan 2022 09:35 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 13 Jan 2022 09:35 PM IST
सार
पिछले दिनों केंद्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद ने हल्के और मध्यम कोरोना संक्रमण के मामलों में इलाज के लिए आयुष-64 के फार्मूले को 46 कंपनियों के साथ साझा किया था।
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Ministry of AYUSH
- फोटो : social media
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विस्तार
केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि अभी कोरोना वायरस के बारे में जितना पता चला है, उससे संकेत मिलता है कि बेहतर प्रतिरोधक क्षमता से इस बीमारी से बचा जा सकता है। 'क्लिनिकल' और 'प्री-क्लिनिकल' ट्रायल में आयुष दवाओं ने अपनी प्रभाव क्षमता को साबित किया है। आयुष मंत्रालय में विशेष सचिव प्रमोद कुमार पाठक ने कहा कि 'क्लिनिकल' और 'प्री-क्लिनिकल' अध्ययन के आधार पर बीमारी से बचने और उसके प्रबंधन में आयुष दवाओं का सुझाव दिया गया है।
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'आयुष 64' और 'कुबासुरा कुदिनीर' का सुझाव
उन्होंने कहा कि कोरोना प्रबंधन में मंत्रालय ने 'आयुष 64' और 'कुबासुरा कुदिनीर' का सुझाव दिया है। मंत्रालय ने कोरोना के लिए आयुरक्षा किट भी तैयार की है। इस किट में जो दवाएं हैं, उनसे कोरोना की रोकथाम के लिए छह ग्राम च्यवनप्राश, आयुष क्वाथ 75 मिली दिन में एक बार, समशमणि वटी 500 मिलीग्राम दिन में दो बार ले सकते हैं। इसके अलावा अणु तेल दिन में एक से दो बार दोनों नथुनों में डालना होगा। इन दवाओं से काफी राहत मिलती है। इसी तरह गुडुची घनवटी 500 मिलीग्राम दिन में दो बार या अश्वगंधा टैबलेट 500 मिलीग्राम दिन में दो बार लेने से प्रतिरक्षा शक्ति काफी बढ़ सकती है।
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पिछले दिनों केंद्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद ने हल्के और मध्यम कोरोना संक्रमण के मामलों में इलाज के लिए आयुष-64 के फार्मूले को 46 कंपनियों के साथ साझा किया था। इससे पहले सिर्फ सात कंपनियों के पास ही इस दवा को बनाने का लाइसेंस था जिसका इस्तेमाल मलेरिया का इलाज करने के लिए किया जाता था। केंद्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद आयुष मंत्रालय के अंतर्गत आयुर्वेद में शोध करने वाला एक संस्थान है। इसने वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद के सहयोग से हाल में इस दवा का विस्तृत और गहन परीक्षण किया है।
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