Corona Vaccine: संक्रमण के खतरे के बीच देश में रोज लग रहे एक लाख टीके, बूस्टर के साथ दूसरे डोज में दिखी तेजी
Corona Vaccine: देश में भले ही अभी कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी नहीं दिख रही हो। लेकिन बढ़ते संक्रमण की खबरों के बीच लोग सुरक्षा के तौर पर बूस्टर डोज लेने लगे हैं। भारत में 12 वर्ष या इससे अधिक उम्र की 97 फीसदी आबादी का टीकाकरण हो चुका है, लेकिन इसमें महज 90 फीसदी आबादी ने ही दूसरी खुराक ली है...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चीन, अमेरिका, दक्षिण कोरिया समेत कई देशों में कोरोना के नए वैरिएंट के प्रकोप फैलने की खबर ने केंद्र सरकार की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि भारत में फिलहाल कोविड के मामले नहीं बढ़ रहे हैं। रोज करीब 150 से 200 मामले सामने आ रहे हैं। लेकिन इसी बीच देश में टीकाकरण (Corona Vaccine) की रफ्तार तेज हो चली है। संक्रमण की आशंका के बीच दैनिक टीकाकरण दर दोगुनी हो गई है। इस बीच टीका विनिर्माताओं का कहना है कि देश में बढ़ती मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
केंद्र सरकार की सलाह, रोज लग रहे एक लाख से ज्यादा टीके
दरअसल, चीन में बढ़ते कोरोना मामलों को लेकर भारत सरकार भी अलर्ट है। राज्य सरकारें इसे लेकर रणनीति बना रही है। पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री मनसुख भाई मांडविया भी अपने स्तर पर कोविड की स्थिति को लेकर अहम बैठक कर चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों में टीकाकरण तेज करने और सभी सकारात्मक मामलों के नमूने को दैनिक आधार पर जीनोम सीक्वेंसिंग लेबोरेटरीज को भेजने के लिए पत्र लिखा है। दिसंबर के पहले 20 दिनों में देश में टीके की औसतन 42,591 खुराक रोज लगी थीं। लेकिन सरकार की ओर से सलाह जारी होने के बाद रोजाना 82,113 लोगों को टीके लग रहे हैं। 23 और 24 दिसंबर को तो रोज 1 लाख से ज्यादा टीके लगाए गए।
बूस्टर डोज के साथ दूसरी खुराक में भी आई तेजी
देश में भले ही अभी कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी नहीं दिख रही हो। लेकिन बढ़ते संक्रमण की खबरों के बीच लोग सुरक्षा के तौर पर बूस्टर डोज लेने लगे हैं। भारत में 12 वर्ष या इससे अधिक उम्र की 97 फीसदी आबादी का टीकाकरण हो चुका है, लेकिन इसमें महज 90 फीसदी आबादी ने ही दूसरी खुराक ली है। एहतियाती खुराक भी केवल 27 फीसदी आबादी ने ली है। उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर के आरंभ में देश में एहतियाती खुराक की संख्या घटकर 25,000 से कम रह गई थी, मगर अब उसमें तेजी दिख रही है और रोजाना 50,000 से ज्यादा लोग एहतियातन खुराक ले रहे हैं। बूस्टर डोज की मांग ही नहीं बढ़ी बल्कि दूसरी खुराक की मांग में भी तेजी देखी जा रही है। कोविड टीके की दूसरी खुराक की दैनिक मांग 12,000 से कम रह गई थी, जो 26 दिसंबर को बढ़कर 16,152 (सात दिनों का औसत) हो गई।
अभी वैक्सीन का इतना स्टॉक है मौजूद
बढ़ते संक्रमण की खबरों के बीच टीकाकरण में तेजी जरूर आ गई। लेकिन टीके के पर्याप्त स्टॉक को लेकर सवाल उठ रहा है। इस पर टीका कंपनियों का कहना है कि टीकों की आपूर्ति करने के लिए उनके पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से जुड़े सूत्रों का कहना है, 'कंपनी के पास कोविशील्ड की करीब दो करोड़ खुराक हैं। जबकि अब हम नोवावैक्स टीके (भारत में कोवोवैक्स नाम से) का भी उत्पादन कर रहे हैं। अब तक हम इस टीके का मुख्य तौर पर निर्यात करते थे। अमेरिका को लाखों खुराक का निर्यात पहले ही कर चुके हैं। भारत के लिए हमारे पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।'
इस बीच भारत बायोटेक से जुड़े सूत्रों का कहना है कि वह कोविड-19 के लिए अपनी नेजल वैक्सीन उतारेगी। जनवरी के चौथे सप्ताह में शुरू किया जा सकता है। निजी बाजार में इसकी कीमत 800 रुपये प्रति खुराक होगी और नाक के रास्ते इसे आसानी से लिया जा सकता है। अस्पतालों में कीमत देकर टीके लगवाने लोगों की आवक ज्यादा नहीं है, लेकिन बगैर सुई के नोजल वैक्सीन के बारे में पूछताछ बढ़ रही है। कमजोर मांग के कारण सितंबर के बाद सीरम और भारत बायोटेक के लाखों खुराक टीके एक्सपायर हो चुके हैं। सीरम की करीब 10 करोड़ खुराक एक्सपायर हो गईं और भारत बायोटेक की करीब पांच करोड़ कोवैक्सीन खुराक 2023 के आरंभ तक एक्सपायर होने वाली हैं।