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Corona Update: कोरोना पर वार की तैयारी! शोध में वैज्ञानिकों ने खोजी सभी वैरिएंट्स की कमजोर कड़ी
Wed, 24 Aug 2022 05:17 PM IST
Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Wed, 24 Aug 2022 05:17 PM IST
सार
Corona Update: रिसर्च में सामने आई इस जानकारी की मदद से कोविड-19 के बेहतर इलाज की संभावना मजबूत हो गई। यह शोध में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के बीच सहयोग से आयोजित की गई...
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- फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
कोरोना वायरस और उसके सब वैरिएंट पर देश-दुनिया में कई प्रकार की रिसर्च की जा रही है। इसी बीच ब्रिटिश कोलंबिया यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों को एक अहम जानकारी हाथ लगी है। इन वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस की एक सामान्य दुर्बलता की पहचान की है, जो इसके सभी वैरिएंट्स में पाई गई है। इसमें अति संक्रामक ओमिक्रॉन वैरिएंट भी शामिल है।
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इस अहम रिसर्च को भारतीय मूल और कनाडा के वैज्ञानिकों ने अंजाम दिया है। रिसर्च में सामने आई इस जानकारी की मदद से कोविड-19 के बेहतर इलाज की संभावना मजबूत हो गई। यह शोध में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के बीच सहयोग से आयोजित की गई। जिसकी अगुवाई प्रोफेसर डॉ. श्रीराम सुब्रमण्यम और यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग के अन्य वैज्ञानिकों ने की।
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इस शोध में सामने आया कि क्रायो-इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी का उपयोग वायरस के स्पाइक प्रोटीन पर कमजोर स्थान की एटॉमिक स्ट्रक्चर की संरचना का पता लगाने के लिए किया गया, जिसे एपिटोप के रूप में जाना जाता है। यह शक्तिशाली इमेजिंग तकनीक अल्ट्रा कूलिंग तकनीकों का उपयोग करके ऊतकों और कोशिकाओं के आकार की कल्पना करने के लिए इलेक्ट्रॉन्स के बीम का उपयोग करती है। चूंकि कोविड-19 वायरस पिनहेड के आकार से 100,000 गुना छोटा है। इसलिए नियमित प्रकाश माइक्रोस्कोप का उपयोग करके इसका पता नहीं लगाया जा सकता है।
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इस अध्ययन के जरिए कोरोना वायरस के सभी वैरिएंट्स में एक कमजोर कड़ी का पता चलता है, जो बड़े पैमाने पर विभिन्न रूपों में अपरिवर्तित रहती है और एंटीबॉडी के जरिए इसे बेअसर किया जा सकता है। यह पैन वैरिएंट उपचारों के डिजाइन के लिए मंच तैयार करता है, जो संभावित रूप से बहुत कमजोर लोगों की मदद कर सकता है।