क्या चौथी लहर शुरू?: बढ़ा कोरोना संक्रमण का खतरा, सर्वे में बताया- मौजूदा स्वास्थ्य संसाधनों से इस जंग को जीतने में सक्षम है देश
सर्वेक्षण में भारत के 341 जिलों के नागरिकों से 36,000 प्रतिक्रियाएं मिलीं। इस सर्वे में 68 फीसदी पुरुष शामिल थे जबकि 32 प्रतिशत महिलाएं थीं। 41 प्रतिशत उत्तरदाता महानगरों/टियर-1 जिलों से, 33 प्रतिशत टियर-2 जिलों से और 26 फीसदी टियर-3 और 4 और ग्रामीण इलाकों से थे।
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देश में एक बार फिर कोरोना संक्रमण बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। सतर्कता को लेकर कई राज्यों ने पहले की तरह पाबंदी लगाना भी शुरू कर दिया है। इस बीच एक सर्वे में सामने आया है कि भारत में कोरोना की चौथी लहर शुरू हो चुकी हैं। सर्वे में शामिल तीन में से एक भारतीय का मानना है कि भारत में कोरोना की चौथी लहर आ गई है। 55 फीसदी लोगों का कहना है कि भारत में विशेषज्ञ चौथी कोविड लहर की स्थिति में चीजों को प्रभावी ढंग से संभालने में सक्षम होंगे। जबकि सर्वे में 83 प्रतिशत नागरिक चाहते हैं कि स्वास्थ्य मंत्रालय सभी जिलों के लिए दैनिक कोविड मामलों की रिपोर्ट करना अनिवार्य करें। लोगों को पूरा भरोसा है कि जिस तरह से तीसरी लहर ज्यादा प्रभावी नहीं रही थी, वैसे ही इस बार भी कोरोना हार जाएगा।
लोकल सर्किल ने अपने सर्वे में लोगों से पूछा कि इस समय वैश्विक कोविड की स्थिति को देखते हुए भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानें खुली हुई हैं। दिल्ली-एनसीआर में कोविड के मामलों में फिर से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसे में आप भारत में कोविड की चौथी लहर को कैसे देखते हैं। इसके जवाब में 29 फीसदी नागरिकों ने कहना है कि 2022 में तो संभावना नहीं है। चार फीसदी ने कहा कि कम से कम छह महीने के लिए तो नहीं। 34 फीसदी ने कहा यह पहले ही अप्रैल में शुरू हो चुका है। 13 फीसदी ने कहा कि मई-जून से शुरू हुआ है। सात फीसदी ने कहा कि जुलाई-अगस्त से शुरू हुआ है। चार प्रतिशत ने कहा कि सितंबर-अक्तूबर से शुरू हुआ है। कुल मिलाकर तीन में से एक भारतीय का मानना है कि भारत में कोविड की चौथी लहर शुरू हो चुकी है।
इस सर्वेक्षण में भारत के 341 जिलों के नागरिकों से 36,000 प्रतिक्रियाएं मिलीं। इस सर्वे में 68 फीसदी पुरुष शामिल थे जबकि 32 प्रतिशत महिलाएं थीं। 41 प्रतिशत उत्तरदाता महानगरों/टियर-1 जिलों से, 33 प्रतिशत टियर-2 जिलों से और 26 फीसदी टियर-3 और 4 और ग्रामीण इलाकों से थे।
इस सर्वे में 55 फीसदी लोगों ने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि भारत में विशेषज्ञ चौथी कोविड लहर की स्थिति में चीजों को प्रभावी ढंग से संभालने में सक्षम होंगे। लोगों का कहना था कि जिस तरह से दूसरी लहर के दौरान डेल्टा वैरिएंट की वजह से कोविड-19 तेजी से फैला और मार्च के मध्य से मई 2021 के मध्य तक इसके संक्रमण की वजह से हर दिन बहुत लोगों की जान चली गई। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकारों ने कोविड से मुकाबले के लिए कुछ बेहतर तैयारियां की हैं। दिसंबर 2021 में ओमिक्रॉन के आने तक चीजों को बारीकी से ट्रैक किया गया। सौभाग्य से ओमिक्रॉन के गंभीर मामले नहीं आए और अस्पताल में मरीजों को भर्ती नहीं करना पड़ा और अब तो ऑक्सीजन की आपूर्ति, वेंटिलेटर और आईसीयू बेड की भी तैयारी की गई है।
सर्वे में जब लोगों से पूछा गया कि कोविड के 5-7 वैरिएंट दुनिया भर में फैल रहे हैं, आप इसे लेकर कितने आश्वस्त हैं। क्या भारत में विशेषज्ञ चौथी कोविड लहर की स्थिति में चीजों को प्रभावी ढंग से संभालने में सक्षम होंगे। इसके जवाब में 55 फीसदी नागरिकों ने कहा कि पूरा आत्मविश्वास है। 29 प्रतिशत ने कहा कि कुछ हद तक आश्वस्त हैं। चार प्रतिशत ने कहा बहुत कम आत्मविश्वास है। सर्वेक्षण में शामिल 55 फीसदी लोगों को अत्यधिक विश्वास है कि भारत में विशेषज्ञ चौथी COVID लहर की स्थिति को प्रभावी ढंग से संभालने में सक्षम होंगे। लोगों का कहना था कि कोविड के मामलों में जैसे-जैसे गिरावट आई है, कई राज्यों और जिलों ने इस साल फरवरी के बाद से दैनिक कोविड मामलों की रिपोर्ट करना बंद कर दिया है। कुछ राज्यों और जिलों में हाल के मामलों में वृद्धि को देखते हुए दैनिक कोविड मामलों की रिपोर्ट करना अनिवार्य करना चाहिए।