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कोरोना की रफ्तार ने डराया: चार महीने में देश में सबसे अधिक मामले, जानिए किस राज्य में कैसे हैं हालात

Sat, 20 Mar 2021 05:44 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 20 Mar 2021 05:44 AM IST
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Corona cases are increasing in many states including Maharashtra, Punjab, Karnataka, Gujarat and Chhattisgarh
कोरोना की जांच के लिए नमूने एकत्र करते स्वास्थ्य कर्मी। - फोटो : PTI

देश में कोरोना वायरस की रफ्तार ने डर पैदा कर दिया है। चार महीने बाद इसके सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। शुक्रवार को देश में संक्रमण के करीब 40 हजार मामले आए जो करीब चार महीने में एक दिन में आए सबसे अधिक मामले हैं। अब कई राज्यों में सख्त कदम उठाए जाने लगे हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है महाराष्ट्र और पंजाब लगातार मामले बढ़ रहे हैं। शुक्रवार को महाराष्ट्र में 25,681 नए मामले सामने आए। महाराष्ट्र और पंजाब में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर पाबंदियां और कड़ी कर दी गईं।


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देश में कोरोना वायरस की रफ्तार ने डर पैदा कर दिया है। चार महीने बाद इसके सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। शुक्रवार को देश में संक्रमण के करीब 40 हजार मामले आए जो करीब चार महीने में एक दिन में आए सबसे अधिक मामले हैं। अब कई राज्यों में सख्त कदम उठाए जाने लगे हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है महाराष्ट्र और पंजाब लगातार मामले बढ़ रहे हैं। शुक्रवार को महाराष्ट्र में 25,681 नए मामले सामने आए। महाराष्ट्र और पंजाब में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर पाबंदियां और कड़ी कर दी गईं।

110 दिन का रिकॉर्ड टूटा
बीते 24 घंटों में मिले नए मामलों ने 110 दिन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पिछले साल 29 नवंबर को एक दिन में 38 हजार कोरोना मरीज मिले थे। इसके बाद संक्रमण की रफ्तार धीमी पड़ने लगी थी। इस साल 1 फरवरी को 8,635 नए कोरोना केस दर्ज किए गए थे, जो एक दिन में सबसे कम मामले थे। 

हर्षवर्धन बोले, टीके पर करें विश्वास 
वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री हर्षवर्धन ने कोरोना वायरस के टीकों को लेकर अनेक लोगों के मन में पैदा हो रहीं आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि दुनियाभर में वैज्ञानिक विश्लेषण के बाद टीकों को मंजूरी दी गई है और हमें इन पर विश्वास करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत में जिन दो टीकों कोविशील्ड और कोवैक्सिन को इस्तेमाल की मंजूरी दी गई है, वे सुरक्षा, प्रभावशीलता और प्रतिरक्षा क्षमता पैदा करने के मानदंडों पर पूरी तरह खरे उतरते हैं। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक दृष्टि से देश के प्रत्येक व्यक्ति को टीका देने की आवश्यकता नहीं है।

महाराष्ट्र में कड़े नियम लागू 
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि लॉकडाउन भी एक विकल्प है। महाराष्ट्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर सभागारों को 31 मार्च तक 50 प्रतिशत क्षमता के साथ ही चलाने का निर्देश दिया है। सरकार ने साथ ही चेतावनी देते हुए कहा कि अगर नियमों का उल्लंघन किया गया तो केंद्र की अधिसूचना तक महामारी खत्म होने तक उन्हें बंद किया जा सकता है। अधिसूचना में स्वास्थ्य एवं आवश्यक सेवा को छोड़ बाकी निजी कार्यालयों को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खोलने का निर्देश दिया गया है। 

मुंबई में मॉल आने वालों की कोरोना जांच कराई जाएगी। निजी दफ्तरों को भी 50 फीसदी क्षमता के साथ काम करने को कहा गया है। सभागारों में धार्मिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अनुमति नहीं है। 

महाराष्ट्र में कोविड-19 के अब तक के अधिकतम 25,833 नए मामले सामने आने के एक दिन बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि लॉकडाउन एक विकल्प है लेकिन उन्हें विश्वास है कि लोग खुद से नियमों का पालन करेंगे। राज्य में शुक्रवार को कोविड-19 के 25,681 नए मामले आए है जिनमें से 3,062 मामले अकेले मुंबई में आए हैं जो सबसे अधिक है। सीएम ठाकरे ने लोगों से वायरस से बचाव के लिए बिना किसी डर के टीका लगवाने की भी अपील की।

उन्होंने स्वीकार किया कि कोविड-19 स्थिति गंभीर हो गई है क्योंकि बृहस्पतिवार को नए मामलों की संख्या इससे पहले की उच्चतम वृद्धि को पार कर गई जो सितंबर में दर्ज की गई थी। उन्होंने कहा कि मैं लॉकडाउन को एक विकल्प के रूप में देखता हूं। लेकिन मुझे विश्वास है कि राज्य के लोग पिछली बार की तरह सहयोग करेंगे और स्वेच्छा से कोविड-19 नियमों का पालन करेंगे।

पंजाब में लगातार तीसरे दिन 2000 से अधिक मामले आए

पंजाब में लगातार तीसरे दिन 2000 से अधिक मामले आए है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के मुताबिक राज्य में कोविड-19 के 2,490 नए मरीज आए जबकि 38 मरीजों की मौत हुई। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि राज्य में इस समय 15,459 मरीज उपचाराधीन हैं, 1339 लोगों को गत 24 घंटे में संक्रमण मुक्त होने के बाद छुट्टी दी गई है जिन्हें मिलाकर अबतक 1,86,187 लोग महामारी को मात दे चुके हैं।

पंजाब में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने के बीच मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शनिवार से राज्य में कई पाबंदियां लगाने के आदेश दिए, जिसमें सभी शैक्षणिक संस्थानों को इस महीने के अंत तक बंद रखना और सिनेमाघरों तथा मॉल में लोगों की संख्या पर पाबंदियां लगाना शामिल हैं। 

पंजाब में महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित 11 जिलों में सभी सामाजिक समारोहों पर पूर्ण प्रतिबंध का आदेश दिया गया है। इनमें अंतिम संस्कार/ विवाह समारोह शामिल नहीं है। हालांकि, इनमें केवल 20 लोग ही शामिल हो सकेंगे। यह आदेश रविवार से लागू होगा।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को लोगों से कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए अगले दो हफ्तों तक सामाजिक गतिविधियों को घर तक सीमित रखने की भी अपील की। उन्होंने कोविड कार्य बल की बैठक की यहां अध्यक्षता करते हुए लोगों से अनुरोध किया कि घरों में 10 से ज्यादा मेहमान नहीं होने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अनिवार्य रूप से मास्क पहनने का आदेश दिया। उन्होंने पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सार्वजनिक स्थलों पर बिना मास्क के घूम रहे लोगों को नजदीकी जांच केंद्र ले जाएं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे बिना लक्षण वाले मरीज ताो नहीं हैं।

एक आधिकारिक बयान में यहां कहा गया है कि मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों के अलावा सभी शैक्षणिक संस्थान 31 मार्च तक बंद रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो सप्ताह बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

कोरोना वायरस के संबंध में राज्य सरकार की विशेषज्ञ टीम के प्रमुख डॉ. के के तलवार ने मुख्यमंत्री से कहा कि कोविड-19 के मामलों में वृद्धि स्कूलों और कॉलेजों के खुलने का नतीजा प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि बिना लक्षण वाले युवा लोग वायरस को फैला रहे हैं। 

15 मार्च को राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में सिनेमा हॉल, होटल, रेस्तरां और कार्यालयों को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ चलाने को कहा गया था सिवाय स्वास्थ्य एवं आवश्यक सेवाओं को छोड़कर लेकिन शुक्रवार के आदेश में नाटकशाला और सभागार को भी शामिल हो गया।

इंदौर, भोपाल और जबलपुर में शनिवार रात 10 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक लॉकडाउन

कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते प्रकरणों को देखते हुए मध्यप्रदेश के तीन शहरों इंदौर, भोपाल एवं जबलपुर में शनिवार रात्रि 10 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक लॉकडाउन रहेगा। इसके अलावा, प्रदेश के भोपाल, इंदौर एवं जबलपुर नगरों में आगामी 31 मार्च तक स्कूल एवं कॉलेज बंद रहेंगे।

मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान आवश्यक सेवाएं तथा उद्योग चालू रहेंगे। अधिकारी ने बताया, ‘‘मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार शाम को मंत्रालय में कोरोना की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की और यह निर्णय लिया।’’

चौहान ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के प्रकरण बढ़ रहे हैं। फिर से गंभीर स्थिति न हो, इससे बचने के लिए मेरा प्रदेश की जनता से अनुरोध है कि सभी अनिवार्य रूप से मास्क लगाएं, दो गज की दूरी रखें, कहीं भीड़ न करें और कोरोना संक्रमण को रोकने में अपना योगदान दें। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग मास्क नहीं लगा रहे हैं, वे ना केवल अपनी, अपनों की बल्कि समाज में सभी की जिंदगी खतरे में डाल रहे हैं। सरकार सभी आवश्यक इंतजाम कर रही है, परंतु संक्रमण रोकने के लिए आप सभी का पूरा सहयोग बहुत जरूरी है।

उन्होंने कहा कि इंदौर, भोपाल एवं जबलपुर में रविवार को लॉकडाउन के दौरान सामाजिक समारोह आयोजित करने के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। 

मध्यप्रदेश में शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 1140 नए मामले सामने आने के साथ ही प्रदेश में इस वायरस से अब तक संक्रमित पाए गए लोगों की कुल संख्या 2,73,097 तक पहुंच गई। राज्य में पिछले 24 घंटों में इस बीमारी से और सात व्यक्तियों की मौत हुई है। प्रदेश में अब तक इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 3,901 हो गई है।

मध्यप्रदेश स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में शुक्रवार को कोविड-19 के 309 नये मामले इंदौर में आये, जबकि भोपाल में 272 एवं जबलपुर में 97 नए मामले आये।

कर्नाटक में कोरोना वायरस संक्रमण के 1,587 नए मामले, 10 और मरीजों की मौत

वहीं, कर्नाटक में कोरोना वायरस संक्रमण के 1,587 नए मामले सामने आए तथा 10 और मरीजों की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को कहा कि इसके साथ ही संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 9,66,689 हो गए और मृतकों की संख्या 12,425 पर पहुंच गई।

राज्य में लगातार चौथे दिन संक्रमण के एक हजार से अधिक मामले सामने आए हैं। शुक्रवार शाम तक के आंकड़ों के अनुसार कोविड-19 के 9,42,178 मरीज ठीक हो चुके हैं और अभी 12,067 मरीज उपचाराधीन हैं। 

गुजरात में भी बढ़े मामले, राजस्थान के सीएम ने दी चेतावनी, दिल्ली में भी सर्वाधिक मामले

गुजरात में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 1,415 नये मामले सामने आने के बाद मामलों की कुल संख्या 2,83,864 पर पहुंच गई। राज्य सरकार ने कल आठ प्रमुख शहरों में स्कूलों को ऑनलाइन शिक्षा जारी रखने को कहा था। सरकार ने शुक्रवार को सभी टयूशन कक्षाओं को 10 अप्रैल तक बंद रखने के आदेश दिए।

दिन के दौरान विभिन्न अस्पतालों में कोविड-19 से अहमदाबाद, राजकोट, सूरत और सुरेन्द्रनगर में एक-एक मरीज की मौत हो गई जिससे मृतकों की संख्या 4,437 हो गई। विभाग ने बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान 948 और लोग स्वस्थ हुए। अब तक राज्य में 2,73,280 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। गुजरात में स्वस्थ होने की दर 96.27 प्रतिशत है। राज्य में अभी 6,147 मरीज उपचाराधीन हैं। 

सूरत में एक घंटा बढ़ाया गया रात्रि कर्फ्यू  
गुजरात में बीते 24 घंटे में 1276 केस मिले हैं, जिनमें से 300 केस सूरत में मिले। इसके बाद सूरत नगर निगम ने रात्रि कर्फ्यू को एक घंटा बढ़ा दिया है। कर्फ्यू अब रात 10 बजे की जगह नौ बजे से सुबह छह बजे तक लागू रहेगा। अन्य राज्यों से आने वाले और सूरत के होटल व गेस्ट हाउस में ठहरने वालों को नेगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट दिखानी होगी। 

लापरवाही की तो सख्त कदम उठाएगी सरकार: गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य के सभी लोगों को कोरोना वायरस संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कोरोना की दूसरी लहर की आशंका के मद्देनजर लोगों को चेताते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को लापरवाही की इजाजत नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मास्क पहनने की अनिवार्यता का कानून लागू है और सभी लोग इसका पालन आवश्यक रूप से करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर लोग लापरवाही करेंगे तो सरकार और भी सख्त कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि बीते कुछ दिनों में देश के कई राज्यों में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ा है। और राजस्थान में भी संक्रमण के मामले बढ़े हैं।

गहलोत ने कहा कि राजस्थान अब तक टीकाकरण में सबसे आगे रहा है। हमें इस काम को और तेजी से आगे बढ़ाना होगा। हालांकि यह कार्य टीके की अधिक आपूर्ति से ही संभव हो सकेगा।

दिल्ली में कोविड-19 के इस साल के सर्वाधिक 716 नए मामले आए

दिल्ली में शुक्रवार को कोरोना वायरस के 716 नए मामले सामने आए, जो इस साल अब तक आए सबसे अधिक दैनिक मामले हैं, जबकि बीमारी से चार और लोगों की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने यह जानकारी दी। बुलेटिन के अनुसार, उपचाराधीन मरीजों की संख्या एक दिन पहले के 2,924 से बढ़कर 3,165 हो गई और 6.32 लाख लोग अब तक ठीक हो चुके हैं। संक्रमण दर 0.76 प्रतिशत से बढ़कर 0.93 प्रतिशत हो गई।

बुलेटिन में कहा गया कि 716 नए मामलों के बाद राष्ट्रीय राजधानी में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 6,46,348 हो गए। बीमारी से चार और लोगों की मौत होने से मृतकों की संख्या बढ़कर 10,953 हो गई। दिल्ली में बृहस्पतिवार और बुधवार को 607 और 536 नए मामले आए। मंगलवार को 425 मामले आए थे। 

बिहार में डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द 

बिहार सरकार ने कोरोना की आपात स्थिति का हवाला देते हुए पांच अप्रैल तक सभी डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। अस्पतालों को पूरी क्षमता के साथ स्वास्थ्य सेवाएं देने की घोषणा की गई हैं। वहीं, यूपी के गोरखपुर में मुंबई, दिल्ली, छत्तीसगढ़, पंजाब, केरल, कर्नाटक व तमिलनाडु से आने वालों को 14 दिन तक होम क्वारंटीन करने का फैसला किया गया है। 

तेलंगाना में छात्रों के बीच कोविड-19 के दो और क्लस्टर पाए गए
तेलंगाना में स्कूली छात्रों के बीच कोविड-19 के दो और क्लस्टर (केंद्र) चिह्नित किए गए हैं। शुक्रवार को अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकारी एसटी ब्वॉयज हॉस्टल में रह रहे 22 छात्र और दो अन्य छात्र और जागतियाल शहर के एक सामाजिक कल्याण स्कूल की 17 छात्राएं कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई हैं। 

बंगाल में 347 नए मामले
पश्चिम बंगाल में शुक्रवार को 347 नए मामले आने से अबतक राज्य में संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 5,79,826 हो गई है जबकि गत 24 घंटे में एक मरीज की मौत हुई है। राज्य में अबतक 10,301 मरीजों की जान इस महामारी में जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के मुताबिक सबसे अधिक 99 नए मामले राजधानी कोलकाता में आए हैं। 

पश्चिम बंगाल में बढ़ते कोरोना मामलों पर चिंता जताते हुए डॉक्टरों के एक समूह ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को रैलियों में मास्क अनिवार्य करने की सलाह दी। डॉक्टरों ने कहा, चुनावी माहौल में कोरोना प्रोटोकाल को धड़ल्ले से नजरंदाज किया जा रहा है। उन्होंने साथ ही कोविड अस्पतालों में बिस्तर और मुफ्त वेंटिलेटर नहीं होने का भी मुद्दा उठाया।

डॉ. हीरालाल कोनार और डॉ पुण्यव्रत गुण ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लिखे पत्र में कहा, बीते सात दिनों में पश्चिम बंगाल में कोरोना मरीज तेजी से बढ़े हैं। साथ ही कई मरीजों में म्यूटेंट स्ट्रेन भी मिले हैं।

वहीं इस दौरान जांचें भी कम हो रही हैं। कई मरीजों को दोबारा कोविड आईसीयू में भर्ती किया गया है और अस्पतालों में बिस्तरों की कमी होने लगी है, मुफ्त वेंटिलेटर भी सीमित ही बचे हैं। डॉक्टरों ने कहा कि दूसरी लहर से इनकार नहीं किया जा सकता और मौजूदा स्थिति चिंताजनक है।

छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस संक्रमण के 1097 नए मामले

छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण के 1097 नए मामले सामने आये है। राज्य में इस वायरस से संक्रमित हुए लोगों की संख्या 3,21,880 हो गई है। राज्य में शुक्रवार को 35 लोगों को संक्रमण मुक्त होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी दी गई है, वहीं 298 लोगों ने घर में पृथक-वास (होम आइसोलेशन) की अवधि को पूर्ण किया है। राज्य में कोरोना वायरस संक्रमित नौ मरीजों की मौत हुई है।

छत्तीसगढ़ में पिछले दो माह के दौरान यह पहली बार है जब एक ही दिन में बड़ी संख्या में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले आए हैं।

राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि आज संक्रमण के 1097 मामले आए हैं। इनमें रायपुर जिले से 382, दुर्ग से 320, राजनांदगांव से 48, बालोद से नौ, बेमेतरा से 25, कबीरधाम से सात, धमतरी से 23, बलौदाबाजार से 22, महासमुंद से 19, गरियाबंद से चार, बिलासपुर से 51, रायगढ़ से 13, कोरबा से 28, जांजगीर—चांपा से दो, मुंगेली से सात, गौरेला पेंड्रा मरवाही से 13, सरगुजा से 44, कोरिया से 10, सूरजपुर से 13, बलरामपुर से चार, जशपुर से 34, बस्तर से तीन, कोंडागांव से तीन, कांकेर से आठ, नारायणपुर से दो और बीजापुर से तीन हैं।

 

कोरोना वायरस के मामलों में लगातार नौवें दिन वृद्धि हुई

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक, गुजरात और छत्तीसगढ़ में कोविड-19 के मामले बढ़ रहे हैं और देश में आ रहे संक्रमण के नए मामलों में में 80 प्रतिशत इन्हीं राज्यों के हैं।
 
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, कोरोना वायरस के मामलों में लगातार नौवें दिन वृद्धि हुई है। देश में अब भी 2,71,282 मरीज इलाज करा रहे हैं जो संक्रमण के कुल मामलों का 2.36 प्रतिशत है जबकि इस बीमारी से ठीक होने वाले लोगों की संख्या गिरकर 96.26 प्रतिशत रह गई है।

आंकड़ों के मुताबिक इस बीमारी से ठीक होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 1,10,83,679 हो गई है जबकि मृत्यु दर 1.38 प्रतिशत हो गई है। मंत्रालय के मुताबिक आठ राज्यों- महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पंजाब, मध्य प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक और हरियाणा- में नए मामलों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है।

सरकारी और अर्ध सरकारी कार्यालयों के मामले में यह कहा गया है कि कार्यालय के प्रमुख, कर्मचारियों की मौजूदगी के संबंध में निर्णय लेंगे और कोविड-19 के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों का पालन कराना सुनिश्चित करेंगे। अधिसूचना के अनुसार सभागारों का इस्तेमाल धार्मिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक बैठकों के लिए नहीं किया जा सकता है।

हर्षवर्धन ने लोकसभा में प्रश्नकाल में कहा कि देश में अब तक लगभग साढ़े तीन- चार करोड़ लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है और इसका महज .000432 प्रतिशत प्रतिकूल प्रभाव होने की खबरें हैं।

देश में सभी को टीके लगाने के संबंध में सरकार की योजना के राकांपा सांसद सुप्रिया सुले के पूरक प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने कहा कि हर टीके को वैज्ञानिक आधार पर सार्वभौम टीकाकरण में शामिल करने की जरूरत नहीं होती। इसके अलावा आवश्यकता के आधार पर टीके लगवाने वाली श्रेणियों की प्राथमिकता तय करनी होती है।

उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक विश्लेषण के बाद टीकों को मंजूरी दी जाती है तो हमें विश्वास करना चाहिए । हम देश के लोगों को कहना चाहते हैं कि टीकों को लेकर कोई भ्रम नहीं रखें। आज जो सुविधा सरकार ने उपलब्ध कराई है, उसका लाभ उठाते हुए पास के निजी या सरकारी अस्पताल में जाकर टीका लगवाकर सभी को सुरक्षित करिए।

 
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