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Bengal: 'दुष्कर्म मामलों में सजा की दर 26 प्रतिशत', अभिषेक बनर्जी बोले- बने नया कानून, 50 दिन के अंदर मिले सजा
Tue, 27 Aug 2024 02:01 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: बशु जैन
Updated Tue, 27 Aug 2024 02:01 PM IST
सार
अभिषेक बनर्जी ने एक्स पर एक चार्ट पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि आरजी कर अस्पताल की घटना के बाद पिछले 15 दिनों में महिलाओं से दुष्कर्म और अत्याचार के मामले बढ़े हैं।
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अभिषेक बनर्जी
- फोटो : ANI
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विस्तार
तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि भारत में दुष्कर्म के मामलों में सजा की दर 26 फीसदी है। उन्होंने दुष्कर्म विरोधी कानून बनाने की मांग की। जिसमें 50 दिन में मामले की सुनवाई और सजा की प्रावधान किया जाए।
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अभिषेक बनर्जी ने एक्स पर एक चार्ट पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि आरजी कर अस्पताल की घटना के बाद पिछले 15 दिनों में महिलाओं से दुष्कर्म और अत्याचार के मामले बढ़े हैं। देश में इन दिनों दुष्कर्म के मामलों में न्याय के लिए लड़ाई जारी है। इसलिए जरूरी है कि एक सख्त दुष्कर्म विरोधी कानून बनाया जाए जिसके तहत 50 दिन में मामले की सुनवाई हो और दोषी को दंड मिल सके।
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उन्होंने लिखा कि यह बेहद चौंकाने वाला है कि भारत में दुष्कर्म के मामलों में सजा की दर महज 26 फीसदी है। इससे साफ है कि हर 100 मामलों में से केवल 26 मामलों में ही दोष सिद्ध होता है। जबकि 74 अपराधी सजा के बिना ही बचकर निकल जाते हैं। अगर हमें पीड़ितों को न्याय दिलाना है तो राज्य और केंद्र सरकार से दुष्कर्म विरोधी कानून की मांग करें।
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क्या है कोलकाता मामला
बता दें कि हत्या की घटना के खिलाफ देश भर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में नौ अगस्त को चिकित्सक का शव मिला था, जिस पर गंभीर चोटों के निशान थे। इस घटना के संबंध में रॉय को अगले दिन गिरफ्तार किया गया था। कलकत्ता हाईकोर्ट ने 13 अगस्त को इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। इसके अगले दिन केंद्रीय एजेंसी ने जांच कोलकाता पुलिस से अपने हाथ में ले ली। कोर्ट ने निर्देश पर कॉलेज के पूर्व प्राचार्य समेत पांच का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया गया था।
सामान्य हो रहे हालात
प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ दरिंदगी से दुष्कर्म और फिर उसकी निर्मम तरीके से हत्या करने के मामले में लगातार लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। कोलकाता में छात्र संगठन नबन्ना मार्च निकाल रहे हैं। इस बीच, आरजी कर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक और उप प्राचार्य सप्तर्षि चटर्जी ने कहा कि अस्पताल के लिए अच्छे दिन फिर से शुरू होंगे। धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं। यहां रोगियों की संख्या अब एक हजार को पार कर गई है।