देश में संविधान दिवस का जश्न: CJI बोले- यह जीने का तरीका; जानें पीएम मोदी समेत केंद्रीय मंत्रियों ने क्या कहा
सीजेआई ने कहा, "आजादी के बाद से ही भारत की यात्रा बदलावों भरी रही है। यह देश विभाजन के खौफ, कम पढ़ी लिखी आबादी, गरीबी, भुखमरी और लोकतांत्रिक प्रणाली की कमी से आज एक परिपक्व और जीवंत लोकतंत्र बनकर उभरा है, जो कि खुद पर भरोसा करता है और भू-राजनीतिक नेता है।"
उन्होंने कहा कि भारत की इस यात्रा के पीछे संविधान की अहम भूमिका रही है, जिसने इन बदलावों में मदद की। आज यह जीवन जीने का तरीका है। उन्होंने बार एसोसिएशन में अपनी भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि बार सदस्य के तौर पर मेरा कार्यकाल जज के कार्यकाल से ज्यादा है। जज बार से ही आते हैं और बाद में बार में ही चले जाते हैं। हम बार का हिस्सा हैं और जितना बेहतर बार होगा, उतने ही बेहतर जज होंगे।
पीएम मोदी ने संविधान दिवस की बधाई दी
दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संविधान दिवस की बधाई दी। मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘‘सभी देशवासियों को भारतीय संविधान की 75वीं वर्षगांठ के पावन अवसर पर संविधान दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।’’
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संविधान दिवस के मौके पर कहा कि संविधान में व्यक्त प्रत्येक विचार की रक्षा के लिए सभी को एक साथ आना चाहिए। खरगे ने एक्स पर पोस्ट में कहा, ‘‘संविधान को अंगीकार किए जाने का 75वां वर्ष आज से शुरू हो गया है। मैं इस एतिहासिक अवसर पर सभी भारतीय नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘हमारे पूर्वजों द्वारा परिश्रम से और सावधानीपूर्वक तैयार किया गया भारत का संविधान हमारे राष्ट्र की जीवनधारा है। यह हमें सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक अधिकारों की गारंटी देता है। यह भारत को एक संप्रभु समाजवादी धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य बनाता है।’’
खरगे ने कहा, ‘‘आज, हम संविधान सभा और उसके सदस्यों के योगदान को याद करते हैं। हम उनकी दूरदर्शिता और बुद्धिमत्ता के सदैव कर्जदार रहेंगे। पंडित जवाहरलाल नेहरू, बाबा साहेब डॉ. बीआर आंबेडकर प्रेरणादायक व्यक्तित्व हैं जो पीढ़ियों के लिए आशा के पथप्रदर्शक बनते हैं।’’
अमित शाह बोले- भारत की ताकत है हमारा संविधान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को संविधान दिवस पर लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत जैसे विशाल देश में लोकतंत्र की ताकत उसका संविधान है, जो राष्ट्रीय एकता और अखंडता का मंत्र देता है। संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 को संसद के केंद्रीय कक्ष में संविधान को अपनाया था और यह 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।
शाह ने संविधान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज भारत पूरे उत्साह से संविधान की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर जी सहित संविधान के सभी शिल्पियों के योगदान को चिरस्मरणीय बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी जी ने ‘संविधान दिवस’ मनाने की शुरुआत की।’’
शाह ने कहा, ‘‘भारत जैसे विशाल देश के लोकतंत्र की शक्ति हमारा संविधान ही है, जो हर व्यक्ति के लिए न्याय और समान अधिकार सुनिश्चित कर राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता का मंत्र देता है।’’ उन्होंने कहा कि संविधान सिर्फ मंचों पर दिखाने के लिए मात्र एक पुस्तक नहीं, बल्कि पूर्ण श्रद्धा से आत्मसात कर सार्वजनिक जीवन में अपना सर्वोच्च योगदान देने की कुंजी है। शाह ने कहा, ‘‘आइए! इस संविधान दिवस पर एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत बनाने का संकल्प लें।’’