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जनवेदना सम्मेलनः राहुल गांधी ने अमिताभ बच्चन को किया याद
शशिधर पाठक
Updated Thu, 12 Jan 2017 02:41 PM IST
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फाइल फोटो
राहुल गांधी ने तालकटोरा स्टेडियम में पार्टी द्वारा आयोजित जन वेदना सम्मेलन में अभिताभ बच्चन को शिद्दत से याद किया। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने एक नहीं, तीन बार अमिताभ बच्चन का नाम लिया। अमिताभ बच्चन द्वारा अभिनीत फिल्म नमक हलाल का जिक्र करना नहीं भूले और उसके एक गाने का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा 'इनका तो बस यही सपना, राम-राम जपना, पराया माल अपना।'
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने फिल्मी दुनिया के महानायक अमिताभ बच्चन को याद करते हुए कहा, 'मोदी जी के डॉयलॉग उन्हीं की तरह होते हैं। मोदी जी कहते हैं मैं तुम्हारी (किसान की) जमीन छीन लूंगा। माना जा रहा है कि जल्द ही राहुल गांधी के इस हमले के सियासी मायने निकलने शुरू हो जाएंगे।
पहले भी बोल चुके हैं बच्चन
बच्चन परिवार को लेकर छह-सात साल पहले एक बार गांधी परिवार ने कुछ कहा था। गांधी (सेनिया गांधी) परिवार के वक्तव्य पर अभिताभ बच्चन ने तंज कसते हुए प्रतिक्रिया दी थी। तब अमिताभ ने कहा था, 'वह राजा लोग हैं और उनके वक्तव्य रंक (अमिताभ) का कुछ नहीं कहेंगे। गांधी और बच्चन परिवार में यह दूरी अस्सी के दशक में ही आ गई थी। तब राजीव गांधी जीवित थे और देश के प्रधानमंत्री थे। इसके बाद से यह दूरी कभी मिट नहीं पाई।
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कभी थे साथ-साथ
राजीव गांधी और संजय गांधी तथा अमिताभ बच्चन के बीच कभी पारिवारिक नाता था। यह नाता देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू और हरिबंश राय बच्चन, तेजी बच्चन के जमाने से था। इलाहाबाद से शुरू हुआ नाता दिल्ली तक आया।
राजीव और अमिताभ के बीच दून स्कूल से लेकर तीन मूर्ति के प्रांगण में खेलने, पढ़ने तक चला। इंदिरा जी ने भी अमिताभ को पूरा मान दिया। कहते हैं उनके कैरियर को उठाने में भी सहायक रही। इंदिरा जी की हत्या के बाद राजीव-अमिताभ पारिवारिक रिश्ते को महसूस करते हुए करीब आए।
राजीव गांधी के कहने पर अमिताभ बच्चन इलाहाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़े। दिग्गज नेता हेमवती नंदन बहुगुणा को हराया और बाद में बोफोर्स तोप घोटाले का हमला होते ही संसद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। यहीं से दो परिवारों के दूर होने की पटकथा लिखी जाने लगी।
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कांग्रेस उपाध्यक्ष ने फिल्मी दुनिया के महानायक अमिताभ बच्चन को याद करते हुए कहा, 'मोदी जी के डॉयलॉग उन्हीं की तरह होते हैं। मोदी जी कहते हैं मैं तुम्हारी (किसान की) जमीन छीन लूंगा। माना जा रहा है कि जल्द ही राहुल गांधी के इस हमले के सियासी मायने निकलने शुरू हो जाएंगे।
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पहले भी बोल चुके हैं बच्चन
बच्चन परिवार को लेकर छह-सात साल पहले एक बार गांधी परिवार ने कुछ कहा था। गांधी (सेनिया गांधी) परिवार के वक्तव्य पर अभिताभ बच्चन ने तंज कसते हुए प्रतिक्रिया दी थी। तब अमिताभ ने कहा था, 'वह राजा लोग हैं और उनके वक्तव्य रंक (अमिताभ) का कुछ नहीं कहेंगे। गांधी और बच्चन परिवार में यह दूरी अस्सी के दशक में ही आ गई थी। तब राजीव गांधी जीवित थे और देश के प्रधानमंत्री थे। इसके बाद से यह दूरी कभी मिट नहीं पाई।
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कभी थे साथ-साथ
राजीव गांधी और संजय गांधी तथा अमिताभ बच्चन के बीच कभी पारिवारिक नाता था। यह नाता देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू और हरिबंश राय बच्चन, तेजी बच्चन के जमाने से था। इलाहाबाद से शुरू हुआ नाता दिल्ली तक आया।
राजीव और अमिताभ के बीच दून स्कूल से लेकर तीन मूर्ति के प्रांगण में खेलने, पढ़ने तक चला। इंदिरा जी ने भी अमिताभ को पूरा मान दिया। कहते हैं उनके कैरियर को उठाने में भी सहायक रही। इंदिरा जी की हत्या के बाद राजीव-अमिताभ पारिवारिक रिश्ते को महसूस करते हुए करीब आए।
राजीव गांधी के कहने पर अमिताभ बच्चन इलाहाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़े। दिग्गज नेता हेमवती नंदन बहुगुणा को हराया और बाद में बोफोर्स तोप घोटाले का हमला होते ही संसद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। यहीं से दो परिवारों के दूर होने की पटकथा लिखी जाने लगी।