Jai Hind Sabha: 15 राज्यों में होगी कांग्रेस की जय हिंद सभा; सीजफायर के ट्रंप के दावे पर सरकार से पूछेगी सवाल
भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका की भूमिका का दावा किया है। उन्होंने रियाद में भी कहा कि 'हाल ही में मेरे प्रशासन ने सफलतापूर्वक भारत और पाकिस्तान के बीच ऐतिहासिक संघर्ष विराम कराया है'। हालांकि भारत सरकार ने मध्यस्थता में किसी भी तीसरे पक्ष की सहभागिता को खारिज किया है। वहीं, इसे लेकर कांग्रेस ने भी सवाल उठाए हैं।
विस्तार
भारत पाकिस्तान में संघर्षविराम में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दावे को लेकर सियासत जोरों पर है। कांग्रेस ने इसे लेकर सवाल खड़े किए हैं। इस बीच, कांग्रेस ने एलान किया है कि वह 20 से 30 मई के बीच 15 राज्यों में 'जय हिंद सभा' आयोजित करेगी। इस सभा में राष्ट्रीय सुरक्षा से निपटने के सरकार के तरीके तथा भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम में अमेरिका की भागीदारी को लेकर सवाल उठाएगी। कांग्रेस ने यह एलान बुधवार को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद किया है।
जयहिंद सभा में इन लोगों की होगी भागीदारी
कांग्रेस महासचिव एवं संगठन प्रभारी के सी वेणुगोपाल ने अपनी एक पोस्ट में जय हिंद सभा की पोस्ट के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन बैठकों में सेना के दिग्गजों, पार्टी नेताओं और आम जनता की भागीदारी होगी।
वेणुगोपाल ने अपनी पोस्ट में कहा कि सशस्त्र बलों की सर्वोच्च वीरता और सफलता को सलाम करने के लिए कांग्रेस पूरे भारत में 'जय हिंद सभा' आयोजित करेगी। हमें सुरक्षा चूक, राष्ट्रीय सुरक्षा से निपटने के सरकार के तरीके और हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों में अमेरिका की चिंताजनक भागीदारी पर उसकी चुप्पी पर भी गंभीर सवाल उठाने चाहिए।
इससे पहले, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी इस विषय पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस पार्टी पूछ रही है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम की घोषणा क्यों की? पीएम मोदी और विदेश मंत्री इस पर चुप क्यों हैं? उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरे देश में जय हिंद रैलियां निकालेगी और संघर्ष विराम और डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाएगी।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम की घोषणा की। ऐसा पहली बार हो रहा है। पीएम मोदी इस पर कुछ नहीं बोलते हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो कहते हैं कि अमेरिका की भूमिका इतनी महत्वपूर्ण थी कि उनकी वजह से ही यह युद्ध रुका। विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर इसका जवाब भी नहीं देते हैं। हम लगातार पूछ रहे हैं कि पीएम मोदी और विदेश मंत्री इस बात का जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं कि अमेरिका की भूमिका क्या है?
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ट्रंप बार-बार संघर्ष विराम का श्रेय लेने की कोशिश कर रहे
उल्लेखनीय है कि डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को रियाद में एक कार्यक्रम में कहा कि 'हाल ही में मेरे प्रशासन ने सफलतापूर्वक भारत और पाकिस्तान के बीच ऐतिहासिक संघर्ष विराम कराया है। इसके लिए मैंने व्यापार का इस्तेमाल किया और कहा कि परमाणु हथियारों का आदान-प्रदान करने के बजाय चीजों का व्यापार करें। दोनों ताकतवर और अच्छे नेता हैं और दोनों मान गए और ये सब रुक गया। उम्मीद है कि ये ऐसा ही रहेगा।' इससे पहले भी ट्रंप ने दावा किया था कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष रुकवाया। हालांकि भारत सरकार साफ कह चुकी है कि संघर्ष विराम के लिए भारत और पाकिस्तान के मध्य बातचीत हुई और इसमें किसी ने मध्यस्थता नहीं की। भारत ने ये भी कहा कि कश्मीर द्विपक्षीय मुद्दा है औऱ इसमें किसी तीसरे पक्ष के लिए जगह नहीं है। सरकार ने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और रहेगा।
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