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जेटली पर चुप भाजपा, कांग्रेस से पूछ रही माल्या संग किया गोलमाल

Fri, 14 Sep 2018 04:50 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 14 Sep 2018 04:50 PM IST
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Congress tell us what happened with Mallya: Prakash Javadekar
भगोड़े कारोबारी विजय माल्या से संबंधित प्रकरण में राहुल गांधी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस नीत यूपीए के शासनकाल में नियमों को ताक पर रखकर माल्या की कंपनी को कर्ज पर कर्ज दिया गया, ऐसे में कांग्रेस और उसके नेता स्पष्ट करें कि उनके बीच क्या ‘लेनदेन’ हुआ। 
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भाजपा के वरिष्ठ नेता जावड़ेकर ने ‘‘भाषा’’ से बातचीत में कहा, ‘‘यह उल्टा चोर कोतवाल को डांटे की कहावत को चरितार्थ करता है। यह कर्ज का मामला यूपीए के काल का है। यूपीए के समय में ही माल्या के कर्ज का पुनर्गठन किया गया।’’ 
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उन्होंने कहा कि यूपीए के शासन के दौरान कर्ज पर कर्ज दिया जाता रहा, सभी बैंक नियमों को ताक पर रखकर ऐसा किया गया। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए जावड़ेकर ने कहा, ‘‘और इसलिये यह कांग्रेस का पाप है तथा हम भगोड़े के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं।’’ 
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उन्होंने आरोप लगाया कि अब यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस और उसके नेताओं ने किंगफिशर से फायदा उठाया। ‘‘कांग्रेस का अब पर्दाफाश हो गया है।’’ मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि कांग्रेस और उसके नेताओं को अब ऐसे आरोप लगाने की हिमाकत नहीं करनी चाहिए। 

जावड़ेकर ने कहा कि कांग्रेस और उसके नेता को ऐसे आरोप लगाने की बजाए अब यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनके और माल्या के बीच क्या ‘लेनदेन’ हुआ? उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस नीत पूर्ववर्ती यूपीए सरकार ने विजय माल्या को कर्ज क्यों दिए और रिजर्व बैंक के ऊपर दबाव क्यों डाला गया। इन सबका राहुल गांधी और कांग्रेस को जवाब देना चाहिए। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती यूपीए सरकार ने विजय माल्या को बचाया, कांग्रेस नीत सरकार ने किंगफिशर को बेलआउट पैकेज दिया । 

इस मामले में पूर्ववर्ती यूपीए सरकार एवं कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने तो भगोड़ों के खिलाफ सख्त कानून लाने का काम किया है। उल्लेखनीय है कि किंगफिशर के पूर्व प्रमुख ने लंदन में कहा था कि उसने देश छोड़ने से पहले अरुण जेटली से मुलाकात की थी और बैंकों पर अपने बकाये संबंधी मामले का निपटारा करने की पेशकश की थी। माल्या के इन आरोपों को हालांकि वित्त मंत्री ने गलत करार देते हुए खारिज किया था।


इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को अरुण जेटली पर माल्या के साथ ‘मिलीभगत' का आरोप लगाते हुए कहा था कि जेटली को यह बताना चाहिए कि यह सब उन्होंने खुद से किया या इसके लिए ऊपर से उन्हें आदेश दिया गया था। राहुल ने शुक्रवार को सरकार पर फिर हमला बोला और कहा कि यह समझ से परे है कि इतने बड़े मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अनुमति के बिना सीबीआई ने लुकआउट नोटिस बदला होगा। इनपुट: भाषा
 
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