हमारी बिल्ली भाजपा के इशारे पर हमसे म्यांऊ कर रही: कांग्रेस
- उत्तराखंड के बागी बन रहे हैं ब्लैकमेलिंग के हथियार
- पहले पैसे लेकर बगावत और अब लौटने की सौदेबाजी
- प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय और मीम अफजल ने प्रेसवार्ता की
विस्तार
कांग्रेस उत्तराखंड के अपने बागी नौ विधायकों के नए पैंतरे से काफी असहज महसूस कर रही है। शनिवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जहां साफ किया कि हरक सिंह रावत और बागी विधायक कांग्रेस का हिस्सा नहीं हैं, वहीं केंद्रीय हाईकमान मुख्यमंत्री के बयान पर शांत है। कांग्रेस प्रवक्ता मीम अफजल का कहना है कि हमारी बिल्ली भाजपा के इशारे पर हमसे म्याऊं कर रही है।
मीम के अनुसार भाजपा अपने ऊपर उत्तराखंड के विधायकों को खरीदने के लगे दाग को धोने के लिए चाल चल रही है। इसी के तहत बागी विधायक यह ब्लैकमेलिंग कर रहे हैं। यह भाजपा के इशारे पर रचे गये षड्यंत्र के सिवा कुछ नहीं है।
उत्तराखंड में जारी राजनीतिक संकट को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय और मीम अफजल ने प्रेसवार्ता की। प्रेस वार्ता के बाद मीम अफजल ने अमर उजाला से कहा कि बागी नौ विधायक पहले तो भाजपा से पैसे लेकर बागी हो गए और अब बागियों का नेतृत्व कर रहे विधायक हरक सिंह रावत मुख्यमंत्री हरीश रावत से फोन पर बात कर रहे हैं और हरक के सहयोगी सौदेबाजी करना चाह रहे हैं।
'दाग धुलने के लिए इस तरह का षड्यंत्र कर रही है भाजपा'
सामने आए स्टिंग में वह करोड़ो रुपये और उपमुख्यमंत्री का पद मांगते सुनाई दे रहे हैं। अफजल ने कहा कि दरअसल भाजपा अपने ऊपर लग रहे हॉर्स ट्रेडिंग(विधायकों की खरीद-फरोख्त) के दाग धुलने के लिए इस तरह का षड्यंत्र कर रही है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि सभी बागी विधायक कांग्रेस से हैं। हम सबसे संपर्क करना चाहते हैं। ऐसे में पार्टी उनसे बात करती है तो यह कोई अपराध नहीं है। किशोर का समर्थन करते हुए मीम का भी कहना है कि संपर्क का प्रयास कौन सा गुनाह है, लेकिन सौदेबाजी करना कांग्रेस का चरित्र नहीं है।
अब यह सब जानते हैं कि भाजपा ने पहले सौदेबाजी करके विधायकों को खरीदा और अब अपना दामन साफ बताने के लिए उनके माध्यम से नया षड्यंत्र रच रही है।