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Parliament: 'बिना चर्चा के विधेयकों को पास करने की मंशा', सांसदों के निलंबन पर कांग्रेस ने केंद्र पर लगाए आरोप

Tue, 19 Dec 2023 02:18 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आदर्श शर्मा Updated Tue, 19 Dec 2023 02:18 PM IST
सार

विपक्षी सांसदों के निलंबन के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई है। तमाम विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में धरना दिया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कुछ कठोर विधेयकों को बिना चर्चा के पास कराने की साजिश रची जा रही है। 

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Congress says Complete purge being executed so that 'draconian bills' passed without meaningful debate
संसद - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

संसद की सुरक्षा में चूक मामले के बाद से ही विपक्षी दल केंद्र के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। 13 दिसंबर को लोकसभा सदन में कार्यवाही के दौरान हुई घटना ने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। इसी बीच, विपक्षी सांसद सुरक्षा में सेंध मामले पर केंद्र सरकार को घेर रही है। विपक्षियों का आरोप है कि सत्ता पक्ष विपक्ष की मांग को दरकिनार कर रहा हैं। विपक्षियों की मांग है कि संसद की सुरक्षा में चूक मामले पर चर्चा की जाए, लेकिन सदन की कार्यवाही के दौरान व्यवधान डालने के आरोप में बड़ी संख्या में विपक्षी सांसदों को निलंबित कर दिया गया। यह सिलसिला बीते शुक्रवार से शुरू हुआ, जब लोकसभा के 13 और राज्यसभा के एक सांसद को शीतकालीन सत्र की शेष कार्यवाही से निलंबित कर दिया था। वहीं सोमवार को भी यह कार्रवाई जारी रही लोकसभा से 33 और राज्यसभा से 45 सासंदों को निलंबित किया गया। संसद के सदनों में कार्यवाही के दौरान अब तक 141 सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया हैं।
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कांग्रेस का आरोप-विपक्ष का सफाया करना चाहते हैं
इस निलंबन के बाद से सभी सांसदों ने केंद्र के खिलाफ जमकर हल्ला बोला है। संसदीय इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई के बीच संसद परिसर में सभी विपक्षी दल धरना दे रहे हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष को पूरी तरह से सदनों से बाहर करना चाहती है। ताकि कुछ विधेयकों को बिना किसी बहस के पारित किया जा सकें। विपक्षी दल का हमला मंगलवार को कार्यवाही में बाधा डालने के लिए 49 लोकसभा सांसदों को सदन से निलंबित किए जाने के तुरंत बाद आया हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पोस्ट साझा करते हुए कहा कि कुछ कठोर विधेयकों को बिना किसी बहस के पारित किया जा सके इसलिए विपक्षी सांसदों को निलंबित किया जा रहा है। यह विपक्ष को मिटाने की मंशा है।
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बता दें बुधवार को हुए विपक्षी सांसदों के निलंबन में नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला, कांग्रेस सांसद शशि थरूर, मनीष तिवारी समेत कई सांसद शामिल हैं। 

निलंबित सासंदों की प्रतिक्रियाएं
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि यह स्पष्ट है कि वे विपक्ष के बिना लोकसभा चाहते हैं। वे राज्यसभा में भी कुछ ऐसा ही करेंगे। यह संसदीय लोकतंत्र के लिए श्रद्धांजलि है। समाजवादी पार्टी की लोकसभा सांसद डिंपल यादव ने संसद के शेष शीतकालीन सत्र के लिए अपने निलंबन पर कहा, यह सरकार की विफलता है। कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा, यह संसद के अंदर अराजकता के अलावा कुछ नहीं है। भाजपा को देश की संसदीय प्रणाली पर भरोसा नहीं है। 
 
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