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गुजरात के लिए कांग्रेस की योजना: सुरजेवाला ने बताया पार्टी क्या नया एजेंडा करेगी तैयार? इन मुद्दों पर फोकस
Sat, 12 Sep 2026 06:17 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Sat, 12 Sep 2026 06:17 PM IST
सार
गुजरात कांग्रेस प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले ‘नए गुजरात’ का एजेंडा बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह एजेंडा शक्तिशाली, प्रगतिशील के लिए होगा। आईए जानतें हैं किन मुद्दों पर हुई चर्चा।
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रणदीप सिंह सुरजेवाला, गुजरात कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
गुजरात कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी एक नए गुजरात के लिए एक नया एजेंडा तैयार करेगी, जो एक शक्तिशाली, प्रगतिशील राज्य होगा जो रोजगार और उद्यम को बढ़ावा देगा और वास्तव में किसानों और गरीबों का होगा।
राज्यसभा सांसद ने क्या कहा?
राज्यसभा सांसद ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस की विचारधारा और दृष्टिकोण गुजरात की धरती में पैदा हुए थे। पार्टी के लिए यह केवल एक राज्य नहीं बल्कि शक्ति का स्रोत है। सुरजेवाला ने पार्टी मुख्यालय राजीव भवन में राज्य नेतृत्व से मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा, 'हमने अपने सहयोगियों को आने वाले दिनों में इस विषय पर अपने विचार साझा करने के लिए आमंत्रित किया है। इन विचारों को समेकित करके हम नए गुजरात के लिए एक नया एजेंडा तैयार करेंगे। यह वह मूलभूत निर्णय है जो हमने आज लिया है।'
गांधीजी और सरदार के चार सिद्धांत को किया याद
सुरजेवाला अहमदाबाद पहुंचे, पदभार संभालने के बाद यह राज्य की उनकी पहली यात्रा है, क्योंकि वह 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी का पुनर्निर्माण करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं अक्सर अपने सहयोगियों से कहता हूं कि बापू (गांधीजी) और (सरदार) पटेल के नामों का जिक्र करते ही स्वाभाविक रूप से इस धरती में निहित चार सिद्धांत याद आ जाते हैं: 'सत्य, साहस, संगठन और आंदोलन'।
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किसानों, सूरत के हीरा और कपड़ा श्रमिकों के मुद्दों पर हुई चर्चा
उन्होंने कहा कि पार्टी के नेताओं ने गांधीजी और पटेल की विचारधारा को मजबूत करने और इसे देश भर में एक जीवंत आंदोलन में बदलने के तरीकों पर चर्चा की। सुरजेवाला ने आगे बताया कि किसानों, सूरत के हीरा और कपड़ा श्रमिकों के साथ-साथ राज्य के युवाओं को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि पार्टी नेताओं ने सौर और पवन ऊर्जा गलियारों के विकास को लेकर आज किसानों के बीच व्याप्त भ्रम और परस्पर विरोधी विचारों पर बात किया।
किसानों को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा, 'हम मानते हैं कि इनका निर्माण होना चाहिए, लेकिन हमें यह सवाल पूछना होगा कि क्या इनसे बीस से अधिक जिलों में कृषि बर्बाद हो जाएगी? हमें यह विचार करना होगा कि इन किसानों और गरीबों की प्रगति कैसे सुनिश्चित की जाए और उन्हें इससे होने वाली समृद्धि में उनका हिस्सा कैसे मिले। हमारे राज्य कांग्रेस अध्यक्ष इस मुद्दे को सुलझाने के लिए एक रणनीति और एक अभियान तैयार करेंगे।'
हीरा श्रमिकों को लेकर कही यह बात?
कांग्रेस नेता ने कहा कि सूरत के 12-15 लाख हीरा श्रमिकों की दुर्दशा पर भी चर्चा हुई। यह सवाल उठाया गया कि उनके लिए कल्याण बोर्ड का गठन क्यों नहीं किया जा रहा है। उन्होंने पूछा, 'इतने सारे लोग आत्महत्या करने पर क्यों विवश हुए। उनके परिवारों को कोई मुआवजा क्यों नहीं मिला? अगर कोई कर्मचारी अपनी नौकरी खो देता है, तो कल्याण बोर्ड के माध्यम से कम से कम 24 महीनों के लिए उसके वेतन को कवर करने की व्यवस्था क्यों नहीं की जा सकती?'
उन्होंने कहा कि सूरत के कपड़ा व्यापार की दुर्दशा पर भी चर्चा हुई और यह सवाल पूछा गया कि कपड़े पर लगने वाला 5 प्रतिशत जीएसटी क्यों नहीं हटाया गया। उन्होंने कहा, 'इसे 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है, लेकिन आप लुधियाना, सूरत और पानीपत जैसी जगहों पर केंद्र क्यों नहीं स्थापित कर सकते जहां जीएसटी का भुगतान नहीं करना पड़ता है?' उन्होंने बताया कि बैठक में राज्य के युवाओं को प्रभावित करने वाले परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।
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राज्यसभा सांसद ने क्या कहा?
राज्यसभा सांसद ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस की विचारधारा और दृष्टिकोण गुजरात की धरती में पैदा हुए थे। पार्टी के लिए यह केवल एक राज्य नहीं बल्कि शक्ति का स्रोत है। सुरजेवाला ने पार्टी मुख्यालय राजीव भवन में राज्य नेतृत्व से मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा, 'हमने अपने सहयोगियों को आने वाले दिनों में इस विषय पर अपने विचार साझा करने के लिए आमंत्रित किया है। इन विचारों को समेकित करके हम नए गुजरात के लिए एक नया एजेंडा तैयार करेंगे। यह वह मूलभूत निर्णय है जो हमने आज लिया है।'
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गांधीजी और सरदार के चार सिद्धांत को किया याद
सुरजेवाला अहमदाबाद पहुंचे, पदभार संभालने के बाद यह राज्य की उनकी पहली यात्रा है, क्योंकि वह 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी का पुनर्निर्माण करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं अक्सर अपने सहयोगियों से कहता हूं कि बापू (गांधीजी) और (सरदार) पटेल के नामों का जिक्र करते ही स्वाभाविक रूप से इस धरती में निहित चार सिद्धांत याद आ जाते हैं: 'सत्य, साहस, संगठन और आंदोलन'।
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किसानों, सूरत के हीरा और कपड़ा श्रमिकों के मुद्दों पर हुई चर्चा
उन्होंने कहा कि पार्टी के नेताओं ने गांधीजी और पटेल की विचारधारा को मजबूत करने और इसे देश भर में एक जीवंत आंदोलन में बदलने के तरीकों पर चर्चा की। सुरजेवाला ने आगे बताया कि किसानों, सूरत के हीरा और कपड़ा श्रमिकों के साथ-साथ राज्य के युवाओं को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि पार्टी नेताओं ने सौर और पवन ऊर्जा गलियारों के विकास को लेकर आज किसानों के बीच व्याप्त भ्रम और परस्पर विरोधी विचारों पर बात किया।
किसानों को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा, 'हम मानते हैं कि इनका निर्माण होना चाहिए, लेकिन हमें यह सवाल पूछना होगा कि क्या इनसे बीस से अधिक जिलों में कृषि बर्बाद हो जाएगी? हमें यह विचार करना होगा कि इन किसानों और गरीबों की प्रगति कैसे सुनिश्चित की जाए और उन्हें इससे होने वाली समृद्धि में उनका हिस्सा कैसे मिले। हमारे राज्य कांग्रेस अध्यक्ष इस मुद्दे को सुलझाने के लिए एक रणनीति और एक अभियान तैयार करेंगे।'
हीरा श्रमिकों को लेकर कही यह बात?
कांग्रेस नेता ने कहा कि सूरत के 12-15 लाख हीरा श्रमिकों की दुर्दशा पर भी चर्चा हुई। यह सवाल उठाया गया कि उनके लिए कल्याण बोर्ड का गठन क्यों नहीं किया जा रहा है। उन्होंने पूछा, 'इतने सारे लोग आत्महत्या करने पर क्यों विवश हुए। उनके परिवारों को कोई मुआवजा क्यों नहीं मिला? अगर कोई कर्मचारी अपनी नौकरी खो देता है, तो कल्याण बोर्ड के माध्यम से कम से कम 24 महीनों के लिए उसके वेतन को कवर करने की व्यवस्था क्यों नहीं की जा सकती?'
उन्होंने कहा कि सूरत के कपड़ा व्यापार की दुर्दशा पर भी चर्चा हुई और यह सवाल पूछा गया कि कपड़े पर लगने वाला 5 प्रतिशत जीएसटी क्यों नहीं हटाया गया। उन्होंने कहा, 'इसे 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है, लेकिन आप लुधियाना, सूरत और पानीपत जैसी जगहों पर केंद्र क्यों नहीं स्थापित कर सकते जहां जीएसटी का भुगतान नहीं करना पड़ता है?' उन्होंने बताया कि बैठक में राज्य के युवाओं को प्रभावित करने वाले परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।