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भाजपा बताए, क्या उसके किसी नेता ने आतंकवाद से लड़ते हुए बलिदान दिया: कांग्रेस

Thu, 22 Nov 2018 04:02 PM IST
भाषा, नई दिल्ली
भाषा, नई दिल्ली Updated Thu, 22 Nov 2018 04:02 PM IST
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Congress question from BJP Did any of your leaders sacrifice fighting terrorism
मनीष तिवारी - फोटो : एएनआई

जम्मू-कश्मीर में पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) की सरकार बनाने की कवायद के पीछे ‘‘सीमा पार का आदेश होने’’ संबंधी भाजपा के आरोप पर कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को पलटवार करते हुए कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी बताए कि क्या उसके किसी एक नेता ने भी आतंकवाद से लड़ते हुए शहादत दी है।

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पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि कांग्रेस अपने ऐसे 500 नेताओं के नाम बता सकती है जिन्होंने आतंकवाद से लड़ते हुए देश के लिए जान दे दी। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा भंग किए जाने के फैसले को ‘असंवैधनिक’ करार देते हुए तिवारी ने ट्वीट किया, ‘‘विधानसभा को असंवैधानिक और अनैतिक ढंग से भंग किया गया है।’’ 
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उन्होंने भाजपा पर निशाना साधा और कहा, ‘‘कांग्रेस-पीडीपी-नेशनल कांफ्रेंस आतंकवाद के साथ हैं और भाजपा आतंकवादियों के विरोध में है? क्या बकवास है। भाजपा को चुनौती देता हूं कि वह अपने किसी एक नेता का नाम बताए जिसने आतंकवाद के खिलाफ लड़ते हुए बलिदान दिया हो।’’ 
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तिवारी ने कहा,‘‘ कांग्रेस अपने 500 नेताओं के नाम बता सकती है जिन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ते हुए बलिदान दिया है। मुझे भरोसा है कि नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी भी ऐसा कर सकती हैं।’’ 

गौरतलब है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता राम माधव ने कथित तौर पर कहा कि पीडीपी-नेकां ने पिछले महीने निकाय चुनाव का बहिष्कार करने का एलान किया था, वो आदेश भी उन्हें सीमा पार से आया था। ऐसा लगता है कि राज्य में सरकार बनाने को लेकर उन्हें नए आदेश मिले होंगे। इसी कारण राज्यपाल को यह फैसला लेना पड़ा। इस पर नेकां नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि माधव अपना दावा साबित करें या फिर माफी मांगें।


गौरतलब है कि बुधवार की शाम महबूबा मुफ्ती ने पीडीपी के 29, नेकां के 15 और कांग्रेस के 12 विधायकों को मिलाकर 56 विधायकों का समर्थन हासिल होने का दावा करते हुए सरकार बनाने की पेशकश की थी। इसके बाद राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने विधानसभा भंग करने का फैसला किया।

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