कार्पोरेट कर घटाने पर बोली कांग्रेस, 'इकोनॉमिक' की जगह 'इवेंट मैनेजमेंट' कर रही भाजपा
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कांग्रेस ने कार्पोरेट कर की दर कम किए जाने के सरकार के कदम पर सवाल खड़े करते हुए शुक्रवार को दावा किया कि नरेंद्र मोदी सरकार ‘इकोनॉमिक मैनेजमेंट’ नहीं, बल्कि ‘इवेंट मैनेजमेंट’ कर रही है। कांग्रेस ने कहा कि भाजपा अपने दूसरे कार्यकाल में देश के लिए आर्थिक और राजनीति विपत्ति लेकर आई है।
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी कहा कि सरकार का यह कदम डगमगाते सेंसेक्स बाजार को संभालने के लिए है और इससे अर्थव्यवस्था मंदी की मार से बाहर नहीं निकलने वाली क्योंकि मध्यम वर्ग और वेतनभोगी लोगों को कोई राहत नहीं दी गई है। उन्होंने कहा, ‘अर्थव्यवस्था मंदी की मार से डूब रही है, नौकरियां जा रही हैं, लेकिन सरकार के मंत्री कह रहे हैं कि सबकुछ ठीक है।’
दूसरे कार्यकाल में राजनीतिक और आर्थिक विपत्ति लाई भाजपा : सुरजेवाला
सुरजेवाला ने आरोप लगाया, ‘अपने दूसरे कार्यकाल में मोदी सरकार राजनीतिक और आर्थिक विपत्ति लेकर आई है। वित्त मंत्री और उनके सहयोगियों के पास बीमार अर्थव्यवस्था के लिए न दवाई है और न कोई सुझाव है। यह सरकार एक कदम आगे और चार कदम पीछे चलती है।’ उन्होंने यह भी कहा, ‘मुझे खेद से कहना पड़ रहा है कि प्रधानमंत्री अर्थव्यवस्था को नौसिखियों की तरह चला रहे हैं।’
'प्रधानमंत्री-वित्त मंत्री बताएं कैसे करेंगे 1.45 लाख करोड़ रुपये की भरपाई?'
सुरजेवाला ने दावा किया, ‘कारपोरेट जगत को 1.45 लाख करोड़ रुपये की छूट दी गई है। यह सिर्फ डगमगाते सेंसेक्स को संभालने के लिए किया गया है।’ उन्होंने सवाल किया, ‘प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री बताएं कि 1.45 लाख करोड़ रुपये की भरपाई कहां से होगी? क्या मध्यम वर्ग, किसानों और छोटे कारोबरियों पर तरह तरह के कर लगाकर इसकी भरपाई की जाएगी? वित्तीय घाटा बढ़ेगा और उसको पूरा करने के लिए आपके पास क्या योजना है? महंगाई पर काबू पाने के लिए क्या उपाय है?’
'बजट प्रक्रिया का मजाक बना रहे हैं प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री'
सुरजेवाला ने यह भी पूछा कि प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री बजट की पूरी प्रक्रिया का मजाक क्यों बना रहे हैं? 45 दिनों के भीतर बजट की घोषणाओं को खारिज कर दिया, या फिर संशोधन कर दिया। संसदीय प्रणाली की ऐसी अहवेलना क्यों की गई?