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RS: जयराम रमेश ने रिजिजू के खिलाफ राज्यसभा में दिया विशेषाधिकार हनन का नोटिस, आरक्षण से जुड़ा है मामला
Mon, 24 Mar 2025 04:18 PM IST
राहुल कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Mon, 24 Mar 2025 04:18 PM IST
सार
Jairam Ramesh: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा अप्रत्यक्ष तौर पर कर्नाटक के उप-मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने इस मामले को सदन में उठाने के लिए सभापति को नोटिस दिया है।
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कांग्रेस सांसद जयराम रमेश और राज्यसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
कांग्रेस के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) जयराम रमेश ने सोमवार को राज्यसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि किरेन रिजिजू ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के कथित बयानों को लेकर सदन को "गुमराह" किया है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने यह नोटिस राज्यसभा के प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमावली के नियम 188 के तहत सभापति जगदीप धनखड़ को सौंपा है। नोटिस में उन्होंने कहा कि 24 मार्च को राज्यसभा की बैठक शुरू होने के तुरंत बाद किरेन रिजिजू ने "स्पष्ट रूप से गलत बयान" देकर सदन को गुमराह किया और डी के शिवकुमार के नाम से "झूठे बयान" जोड़े।
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उन्होंने कहा, डी के शिवकुमार पहले ही इन बयानों को झूठा और अपमानजनक करार देकर खंडन कर चुके हैं। ऐसे में किरेन रिजिजू द्वारा दिए गए बयान गलत और भ्रामक हैं, जो विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना के दायरे में आते हैं।
रिजिजू ने सदन में कहा था कि कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता, जो एक संवैधानिक पद पर हैं, उनका कहना है कि उनकी पार्टी संविधान में बदलाव कर मुसलमानों को आरक्षण देगी। हालांकि उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को शिवकुमार से जोड़कर देखा गया।
रिजिजू ने कहा, हम इस बयान को हल्के में नहीं ले सकते। यह किसी साधारण पार्टी नेता का बयान नहीं, बल्कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का बयान है। अब देखना होगा कि सभापति इस नोटिस पर क्या निर्णय लेते हैं।
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कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने यह नोटिस राज्यसभा के प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमावली के नियम 188 के तहत सभापति जगदीप धनखड़ को सौंपा है। नोटिस में उन्होंने कहा कि 24 मार्च को राज्यसभा की बैठक शुरू होने के तुरंत बाद किरेन रिजिजू ने "स्पष्ट रूप से गलत बयान" देकर सदन को गुमराह किया और डी के शिवकुमार के नाम से "झूठे बयान" जोड़े।
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उन्होंने कहा, डी के शिवकुमार पहले ही इन बयानों को झूठा और अपमानजनक करार देकर खंडन कर चुके हैं। ऐसे में किरेन रिजिजू द्वारा दिए गए बयान गलत और भ्रामक हैं, जो विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना के दायरे में आते हैं।
रिजिजू ने सदन में कहा था कि कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता, जो एक संवैधानिक पद पर हैं, उनका कहना है कि उनकी पार्टी संविधान में बदलाव कर मुसलमानों को आरक्षण देगी। हालांकि उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को शिवकुमार से जोड़कर देखा गया।
रिजिजू ने कहा, हम इस बयान को हल्के में नहीं ले सकते। यह किसी साधारण पार्टी नेता का बयान नहीं, बल्कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का बयान है। अब देखना होगा कि सभापति इस नोटिस पर क्या निर्णय लेते हैं।