Congress: ‘दक्षिणी राज्य अलग देश की मांग के लिए मजबूर हो जाएंगे’, सासंद का विवादित बयान, भाजपा ने की आलोचना
सुरेश ने कहा कि केंद्र दक्षिण भारत के राज्यों को जीएसटी और प्रत्यक्ष करों का उचित हिस्सा नहीं दे पा रहा है। दक्षिणी राज्यों से एकत्रित पैसा उत्तरी राज्यों को दिया जा रहा है। अगर ऐसा ही चलेगा तो हम एक अलग देश की मांग के लिए मजबूर हो जाएंगे।
विस्तार
उत्तर-दक्षिणी राज्यों के नेताओं के बीच अक्सर विवाद होते रहते हैं। इस बीच एक बार फिर कांग्रेस सांसद ने विवादित बयान दे दिया। कांग्रेस सांसद और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री के भाई का कहना है कि दक्षिण भारत के साथ अन्याय हो रहा है। सारा पैसा केंद्र उत्तर भारत को दे रहा है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो दक्षिणी राज्य एक अलग देश की मांग उठाएंगे।
अलग देश की मांग के लिए मजबूर हो जाएंगे
दरअसल, बजट- 2024 सदन में पेश होने के बाद पत्रकारों ने कांग्रेस सांसद डीके सुरेश से बात की। इस दौरान सुरेश ने केंद्र पर दक्षिणी राज्यों को फंड जारी न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र दक्षिण भारत के राज्यों को जीएसटी और प्रत्यक्ष करों का उचित हिस्सा नहीं दे पा रहा है। दक्षिणी राज्यों को अन्याय का सामना करना पड़ रहा है। दक्षिणी राज्यों से एकत्रित पैसा उत्तरी राज्यों को दिया जा रहा है। अगर ऐसा ही चलेगा तो हम एक अलग देश की मांग के लिए मजबूर हो जाएंगे। केंद्र हमसे चार लाख करोड़ रुपये अधिक ले रहा है। बदले में हमें जो मिल रहा है वह नगण्य है।
दक्षिण के लिए कोई घोषणा नहीं हुई
कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने भाई का पक्ष लेते हुए कहा कि वह दक्षिणी राज्यों का दुख बता रहे हैं। सुरेश सहित किसी अन्य नेता ने दक्षिण भारत के दर्द के बारे में बात की, तो सबने एक ही बात कहा कि देश में एक संतुलन होना चाहिए। दक्षिण हो या उत्तर सब भारत में हैं। केवल हिंदी बेल्ट को नहीं देखा जा सकता न। इस बजट में वित्त का समान वितरण ही नहीं हुआ। कर्नाटक केंद्र को खूब राजस्व दे रहा है फिर भी हमें कुछ नहीं मिला। बजट में दक्षिण के लिए कोई घोषणा नहीं हुई। बजट ने हमें निराश किया है। हम भारतीय हैं। भारत को एकजुट होना चाहिए। क्षेत्रवार वितरण या क्षेत्रवार मांग का कोई सवाल ही नहीं है।
तेजस्वी सूर्या ने की आलोचना
सुरेश के बयानों की भाजपा नेताओं ने आलोचना की। भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस पर देश को विभाजित करने की साजिश बताई। कांग्रेस पार्टी का इतिहास ही फूट डालो और राज करो रहा है। कांग्रेस उत्तर और दक्षिण को विभाजित करना चाहती है। उन्होंने आंकड़े जारी कर कहा कि कर हस्तांतरण मामले में कर्नाटक को यूपीए-2 के दौरान 53,396 करोड़ रुपये था। वहीं, 2014 से 19 के बीच 1.35 लाख करोड़ से अधिक कर हस्तांतरण किया गया।
- 2019-20 में 30,919 करोड़ रुपये (लगभग)
- 2020-21 में 21,694 करोड़ रुपये (लगभग)
- 2021-22 में 24,273 करोड़ रुपये (लगभग)
- 2022-23 में 29,783 करोड़ रुपये (लगभग)
(जैसा सूर्या ने ट्वीट में बताया)
राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा निकाल रहे हैं, उनके सांसद देश तोड़ने में लगे हैं
सूर्या ने कहा कि पीएम मोदी की सरकार में जितना पैसा कर्नाटक को मिला है, वह यूपीए-2 के दौरान हुए विकास से कहीं अधिक है। वहीं, एक नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी यात्रा भारत जोड़ो यात्रा निकाल रहे हैं तो वहीं उनके सांसद देश तोड़ने पर तुले हैं। वहीं, केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने भी कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि सबसे पुरानी पार्टी का एजेंडा 'लोगों को बांटना' है।