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एसपीजी सुरक्षा हटाने पर प्रियंका गांधी ने केंद्र पर साधा निशाना, कहा- यह राजनीति का हिस्सा

Thu, 21 Nov 2019 07:44 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Thu, 21 Nov 2019 07:44 PM IST
सार

  • एसपीजी सुरक्षा हटाने पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने दी प्रतिक्रिया
  • कहा- यह फैसला राजनीति का हिस्सा, यह होता रहता है
  • अब केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिली है एसपीजी सुरक्षा

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Congress leader Priyanka Gandhi Vadra on removal of SPG says it is a part of politics
Congress leader Priyanka Gandhi Vadra - फोटो : ANI

विस्तार

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने एसपीजी सुरक्षा हटाए जाने को लेकर बृहस्पतिवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि यह 'राजनीति' है। एसपीजी सुरक्षा हटाए जाने के बारे में पूछे जाने पर प्रियंका ने कहा, 'यह तो राजनीति है, होती रहती है।' प्रियंका पार्टी महासचिवों की बैठक के बाद पत्रकारों से बात कर रही थीं। 
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प्रियंका ने अर्थव्यवस्था के सवाल पर कहा, 'अर्थव्यवस्था बहुत खराब स्थिति में है, मंदी है और सरकार को कुछ करना चाहिए।'  

हाल ही में गृह मंत्रालय ने सुरक्षा की समीक्षा करने के बाद कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी से एसपीजी सुरक्षा वापस ले लिया था। अब इन्हें 'जेड प्लस' श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई गई है। इसके तहत केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जिम्मे गांधी परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी है।

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नई बटालियन बनाएगी सीआरपीएफ

सीआरपीएफ ने गांधी परिवार और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह व उनकी पत्नी की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल ली है। स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) से यह जिम्मेदारी मिलने के बाद सीआरपीएफ ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के जरिए भेजे पत्र में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व उनके परिवार और मनमोहन से जुड़े प्रोटोकॉल की जानकारी दी गई है।


सीआरपीएफ अधिकारियों के मुताबिक, नई ‘वीआईपी’ सुरक्षा के लिए एक बटालियन (1000 जवान) बनाने और विशेष बुलेटप्रुफ वाहन खरीदने की भी मंजूरी मांगी गई है। गांधी परिवार की सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ को एसपीजी के बुलेटप्रूफ वाहन के उपयोग की अनुमति मिल गई है, लेकिन मनमोहन व गृहमंत्री अमित शाह समेत खतरे वाली सूची में शामिल अन्य वीवीआईपी की सुरक्षा के लिए नए वाहनों की आवश्यकता रहेगी।

केंद्र ने इसी महीने सोनिया, उनके बेटे राहुल गांधी और बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा का एसपीजी कवर हटाकर उन्हें सीआरपीएफ की जेड-प्लस सुरक्षा देने का आदेश दिया था। सीआरपीएफ ने राज्यों को बताया है कि गांधी परिवार को एडवांस सिक्यॉरिटी लायजन (एएसएल) प्रोटोकॉल के तहत सुरक्षा दी गई है। इसके लिए स्थानीय खुफिया, पुलिस और प्रशासनिक मशीनरी के सहयोग की जरूरत होगी।

इन सभी के किसी भी जगह जाने से 24 घंटे पूर्व सीआरपीएफ की टीम स्थानीय अधिकारियों से संपर्क साधेगी। टीम पूरे इलाके में सुरक्षा-व्यवस्था का खाका खींचेगी। अधिकारियों के मुताबिक, पत्र में ‘येलो बुक’ कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई है।

सीआरपीएफ के पास अपनी वीवीआई सिक्योरिटी यूनिट में चार बटालियन (4000 जवान) शामिल हैं, जिनके कंधों पर गांधी परिवार व मनमोहन और उनकी पत्नी गुरशरण कौर के अलावा गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, रिलायंस चेयरमैन मुकेश अंबानी व उनकी पत्नी नीता अंबानी समेत कुल 57 वीवीआईपी लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है।

सीआरपीएफ की वीवीआईपी यूनिट के सभी कमांडो इजरायल में बनी एक्स-95 और एमपी-5 राइफलों और ऑस्ट्रिया में निर्मित ग्लॉक पिस्तौल जैसे हथियारों के साथ ही एडवांस कम्युनिकेशन सिस्टम से लैस होते हैं।


बता दें कि, पूर्व पीएम राजीव गांधी की हत्या के बाद से ही गांधी परिवार को एसपीजी सुरक्षा मिली हुई थी। गांधी परिवार को 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद लगभग 28 साल से एसपीजी सुरक्षा मिली हुई थी। उन्हें 1991 में एसपीजी अधिनियम-1988 में संशोधन कर वीवीआईपी सुरक्षा सूची में शामिल किया गया था। अब केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एसपीजी सुरक्षा मिली हुई है।

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