चूहे की तरह रिजर्व बैंक के 'रिजर्व' को कौन खा रहा है, क्या ये बैंक अब खाली हो जाएगा...
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रिजर्व बैंक की मौजूदा स्थिति को लेकर कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। सोमवार को एक प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा, अर्थव्यवस्था की ओर मोदी सरकार का कोई ध्यान नहीं है। किस तरह लगातार छह साल से हमारी जीडीपी नीचे गिरती जा रही है।
जीडीपी के आंकड़ों को बढ़ाने के लिए सरकार ने बहुत कोशिश की, लेकिन उसके बाद भी वे नीचे जा रहे हैं। आजाद का आरोप है कि मोदी सरकार ने जनता को महंगा पेट्रोल और डीजल देकर, तकरीबन 13 लाख करोड़ वसूले हैं। इसके बावजूद सरकार को रिजर्व बैंक से भी पौने दो लाख करोड़ रुपया लेना पड़ा। यह लोन तकरीबन पौने चार लाख करोड़ रुपया हो गया है। सरकार के पास जो राजस्व था, उसे भी खत्म कर दिया गया। अब ये चूहे की तरह रिजर्व बैंक के 'रिजर्व' को भी खाते जा रहे हैं। अगले चार साल में यदि ऐसे ही हालात बने रहे तो रिजर्व बैंक भी खाली हो जाएगा।
कांग्रेस नेता ने कहा, एक समय था जब दुनिया में हमारी इकॉनोमी पांचवें नंबर पर पहुंच गई थी। आज वह खिसक कर सातवें नंबर पर हो गई है। अभी इसके नीचे खिसकने का सिलसिला थम जाएगा, ऐसा नहीं दिखता है। इकॉनोमी को उठाने के लिए सरकार कुछ नहीं कर रही है। प्राइवेट इनवेस्टमेंट 16 वर्षों में सबसे कम स्तर पर पहुंच गई है। इंडस्ट्रीयल ग्रोथ 1.1 पर है तो वहीं मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ माइनस में चली गई है। किसी भी सेक्टर को देख हो, उसकी ग्रोथ नेगेटिव में जा रही है। एनपीए आठ लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया हैं। गुलाम नबी आजाद ने कहा, भाजपा के चलते 25,000 बैंक फ्रॉड हो गए हैं।
बेरोजगारी 45 साल के उच्चतम स्तर पर है: आजाद
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, देश के अंदर ऐसी आर्थिक मंदी छाई है कि कोई भी उद्योग फल फूल नहीं रहा है। केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र का भी बड़ा नुकसान कर दिया है।आज जो हालत है, उसमें पढ़ा-लिखा, कम पढ़ा-लिखा हो, अनपढ़, खेती करने वाला, मजदूर, उद्योगपति या अन्य व्यक्ति, सब परेशान हैं। अगर कोई परेशान नहीं है तो वो है भारतीय जनता पार्टी। वजह, इसके पास पैसे की कोई कमी नहीं है।
नेशनल सैंपल सर्वे 'एनएसएसओ' के अनुसार, बेरोजगारी 45 साल के उच्चतम स्तर पर है। हमारा कहना है कि 50 साल में इतनी बेकारी और बेरोजगारी कभी नहीं रही। अब यह भी बढ़ती जा रही है। क्या सभी दल मिलकर सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ आंदोलन करेंगे, इस सवाल के जवाब में आजाद ने कहा, कई राजनीतिक दल एकत्रित हुए हैं। एक दर्जन से अधिक पार्टियां अपने-अपने लेवल पर मीटिंग कर रहे हैं। सभी के साथ बातचीत हुई है। हम दोबारा बैठेंगे और इस तरह सब मिलकर एक मंच से अपनी बात कहेंगे।