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कांग्रेस का सवाल, क्या विपक्ष संसद में केवल दर्शक बनने के लिए आता है?

Mon, 30 Jul 2018 10:00 PM IST
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 30 Jul 2018 10:00 PM IST
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Congress leader Anand Sharma asks, does opposition come to Parliament to become only spectator
आनंद शर्मा - फोटो : RSTV
कांग्रेस ने संसद में विपक्ष के अधिकारों को हाईजैक करने का आरोप लगाया है। राज्यसभा में विपक्ष के सदन में उपनेता आनंद शर्मा ने कहा कि यह पहली बार देखने में आया है जब सत्ता पक्ष सदन में बिल पेश कर रहा है, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी वही ले रहा है और संक्षिप्त चर्चा का प्रस्ताव भी वही पेश कर रहा है। ऐसे में विपक्ष क्या संसद में केवल दर्शक बनने के लिए आता है? आनंद शर्मा ने कहा कि मानसून सत्र का दूसरा सप्ताह चल रहा है। अभी तक सत्ता ने बिल और सरकारी दस्तावेज को ही पेश किया है। जबकि विपक्ष ने कई राष्ट्रीय ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा के लिए नोटिस दिया है। 
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विपक्ष मॉब लिंचिंग पर चर्चा चाहता है

आनंद शर्मा ने कहा कि देश में भय का माहौल है। लोगों को भीड़ तंत्र निशाने पर लेकर उनकी हत्या कर दे रहा है। यह गंभीर मसला है और इस पर विपक्ष चर्चा चाहता है। इसी तरह से देश की अर्थ व्यवस्था चरमरा रही है, निवेश टूट रहा है, रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं। देश से बड़े पैमाने पर पैसा बाहर जा रहा है। हम लगातार इस विषय पर संसद के दोनों सदनों में चर्चा चाहते हैं।
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राष्ट्रीय महत्व के इन मुद्दों में सदन में चर्चा के लिए विपक्ष ने नोटिस दे रखा है। उन्होंने कहा कि इन विषयों पर सहयोगी दलों के साथ चर्चा होनी चाहिए। शर्मा ने जोर देकर कहा कि यह सरकार का काम नहीं है कि वह किस विषय पर चर्चा चाहती है। उन्होंने कहा कि यह विपक्ष का हक है कि वह संसद के दोनों सदनों में राष्ट्रीय महत्व के मुद्दे उठाने के लिए नोटिस दे और इस पर चर्चा हो।
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सर्वदलीय बैठक की आवश्यकता

आनंद शर्मा ने कहा कि असम राज्य के लिए नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन जारी हुआ है। इसमें जिन 40 लाख लोगों ने आवेदन दिया था, उनका नाम सूची में नहीं है। यह गंभीर और संवेदनशील मसला है। इस पर गृहमंत्री के जवाब को पर्याप्त नहीं माना जाता है।


केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अपनी सफाई में गलती को मान लिया है। यह कोई साधारण बात नहीं है। ऐसा दूसरे राज्यों में होने पर स्थिति काफी चिंतनीय है। इसलिए इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई जानी चाहिए।
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