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कांग्रेस में बढ़ा ‘लेफ्ट टर्न’: भाजपा की विभाजनकारी राजनीति के जवाब में बदला पार्टी का रुख; बोले शशि थरूर
Fri, 14 Nov 2025 01:30 AM IST
शिवम गर्ग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: शिवम गर्ग
Updated Fri, 14 Nov 2025 01:30 AM IST
सार
शशि थरूर ने कहा कि कांग्रेस अब पहले से ज्यादा वामपंथी हो गई है ताकि भाजपा की विभाजनकारी राजनीति का मुकाबला किया जा सके। उन्होंने पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र और वैचारिक बदलाव पर भी जोर दिया।
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कांग्रेस सांसद शशि थरूर
- फोटो : ANI
विस्तार
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कांग्रेस पार्टी का रुख पहले की तुलना में ज्यादा वामपंथी हुआ है, ताकि वह भारतीय जनता पार्टी की विभाजनकारी राजनीति का मुकाबला कर सके। हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में थरूर ने कहा कि उनकी पार्टी अब नीतियों और विचारधारा के स्तर पर ज्यादा वाम झुकाव रखती है, जबकि मनमोहन सिंह के दौर में कांग्रेस ज्यादा केन्द्रवादी रुख अपनाती थी।
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उन्होंने कहा अगर आप डॉ. मनमोहन सिंह के समय की कांग्रेस देखें, तो वह ज्यादा सेंटरिस्ट थी। लेकिन अब पार्टी ने सामरिक और वैचारिक दोनों स्तर पर वाम की ओर झुकाव दिखाया है। यह बदलाव या तो रणनीतिक है या वैचारिक, यह अभी देखना बाकी है। थरूर ने कहा कि 1991 से 2009 तक देश की राजनीति में एक सेंटरिस्ट फेज देखा गया, जब कांग्रेस और भाजपा दोनों ने कुछ समान आर्थिक नीतियां अपनाईं। लेकिन बीते कुछ वर्षों में कांग्रेस ने खुद को आम जनता के मुद्दों से जोड़ते हुए वाम झुकाव बढ़ाया है।
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थरूर ने यह बातें रैडिकल सेंट्रिज़्म: माय विजन फॉर इंडिया विषय पर दिए गए व्याख्यान में कहीं। उन्होंने यह भी कहा कि आंतरिक लोकतंत्र हर राजनीतिक दल में जरूरी है और किसी भी पद पर अनिश्चितकाल तक बने रहना गलत है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे दोबारा AICC अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ेंगे, तो थरूर ने कहा कि अभी ऐसी कोई संभावना नहीं दिखती, हालांकि वे खुश हैं कि कांग्रेस में एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया मौजूद है।
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इसके अलावा, अमेरिका के बयान पर कि विदेशी कुशल श्रमिक अमेरिका में काम कर अमेरिकियों को प्रशिक्षित करें और फिर लौट जाएं, इस पर थरूर ने कहा भारत को इससे कोई आपत्ति नहीं। हम चाहते हैं कि हमारे लोग बाहर अनुभव लें और फिर भारत लौटकर देश की प्रगति में योगदान दें।