फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Congress eyeing on Karnataka Assembly elections after Mallikarjun Kharge as Congress President

Congress: कर्नाटक में होगी खरगे की 'अग्नि परीक्षा', कांग्रेस अध्यक्ष के गृह राज्य में दलित वोटों पर होगी नजर

Sun, 23 Oct 2022 01:43 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Sun, 23 Oct 2022 01:43 PM IST
सार

2023 में कर्नाटक में विधानसभा चुनाव होने हैं। यहां भाजपा सत्ता में है, लेकिन कांग्रेस की ओर से इस बात की उम्मीद की जा रही है कि अध्यक्ष बनने के बाद खरगे की सियासी कसरत का केंद्र उनका गृह राज्य कर्नाटक ही होगा।

विज्ञापन
Congress eyeing on Karnataka Assembly elections after Mallikarjun Kharge as Congress President
मल्लिकार्जुन खरगे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मल्लिकार्जुन खरगे कांग्रेस के अध्यक्ष पद का चुनाव जीत चुके हैं। उनकी ताजपोशी के साथ ही गुजरात और हिमाचल चुनाव सिर पर हैं, लेकिन खरगे की असली अग्नि परीक्षा कर्नाटक में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में होगी। 

विज्ञापन


दरअसल, कर्नाटक खरगे का गृह राज्य है। ऐसे में पार्टी को उम्मीद है कि उनके अध्यक्ष बनने से पार्टी कर्नाटक में मजबूत होगी और दलित वोट पर उसकी पकड़ भी बढ़ेगी। बता दें खरगे, जगजीवन राम के बाद दलित समुदाय से कांग्रेस अध्यक्ष बनने वाले केवल दूसरे नेता हैं। 
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


गुटबाजी होगी खरगे के सामने बड़ी चुनौती 
बता दें, 2023 में कर्नाटक में विधानसभा चुनाव होने हैं। यहां भाजपा सत्ता में है, लेकिन कांग्रेस की ओर से इस बात की उम्मीद की जा रही है कि अध्यक्ष बनने के बाद खरगे की सियासी कसरत का केंद्र उनका गृह राज्य कर्नाटक ही होगा। वह अपने अनुभव और पद का इस्तेमाल राज्य कांग्रेस के अंदर चल रही गुटबाजी को खत्म करके पार्टी को एकजुट कर सकते हैं। 

भाजपा की ओर बढ़ रहा दलित वोटर्स का रुझान 
पार्टी के कुछ अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में कर्नाटक में कांग्रेस का आधार दलित वोट सिकुड़ता जा रहा है। दलितों के एक वर्ग का रुझान भाजपा की ओर बढ़ रहा है। वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि आतंरिक आरक्षण के मुद्दे पर लेफ्ट और राइट विंग के बीच मतभेदों को खत्म करने में पार्टी विफल रही है और उसने वामपंथियों का समर्थन खो दिया है, जो राज्य में अधिक संख्या में उपस्थित हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि खरगे दलित दक्षिणपंथ से ताल्लुक रखते हैं और वामपंथियों को अपने पक्ष में करने की उनकी कुशलता ही तय करेगा कि आगामी चुनाव में चीजें कांग्रेस के पक्ष में होंगी या नहीं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed