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सपा (अखिलेश) से गठबंधन की आस में बैचैन हो रहे हैं कांग्रेसी
शशिधर पाठक/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 09 Jan 2017 08:51 PM IST
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न नौ मन तेल होगा और न राधा नाचेगी। कांग्रेस इसी स्थिति से दो-चार हो रही है। उ.प्र. कांग्रेस के नेता न तो खुलकर चुनाव प्रचार कर पा रहे हैं और न ही कार्यकर्ताओं के शरीर में प्रचार की बिजली कौंध रही है।
सभी की निगाह राज्य में समाजवादी पार्टी (अखिलेश)के साथ गठबंधन पर टिकी है। वाराणसी मंडल के प्रमुख नेता का भी मानना है कि कुछ आश्वासन है तभी तो पार्टी शांत है। यही स्थिति गोरखपुर मंडल, इलाहाबाद मंडल, कानपुर मंडल के प्रमुख नेताओं की है। मेरठ के एक प्रमुख कांग्रेसी नेता का कहना है कि अभी हमारी स्थिति वेट एंड वॉच की ही है।
वहीं, प्रदेश में चुनाव आयोग के अधिसूचना जारी करने के बाद बसपा, भाजपा का प्रचार रफ्तार पकडऩे लगा है। ऐसे में कांग्रेसी नेताओं की बेचैनी बढ़ रही है। हालत यह है कि जैसे-जैसे हर रोज सूरज निकल रहा है, भले ही ठंड बढ़ रही है, लेकिन उ.प्र. के कांग्रेसी नेताओं को जोरदार पसीना आ रहा है।
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24 अकबर रोड के कुछ नेता भी इस स्थिति को बहुत खराब मान रहे हैं। एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक कदाचित गठबंधन न हुआ तो? तब उ.प्र. में कांग्रेस क्या करेगी। सूत्र का कहना है कि 80 के दशक से कांग्रेस उ.प्र. में लगातार अपना जनाधार खो रही है। ऐसे में पार्टी का इस तरह से इंतजार आग के गोले से खेलने जैसा ही है।
11 को निकलेगी राह
कांग्रेस के कुछ नेता आशावान हैं। एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि हम ऐसे ही हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठे हैं। कांग्रेस अपनी जमीनी तैयारी कर रहे हैं। पंजाब में घोषणा पत्र जारी किया जा चुका है। जल्द ही उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर को लेकर भी घोषणा करेगी। सूत्र का कहना है कि 11 जनवरी को ताल कटोरा स्टेडियम में जन संवेदना सम्मेलन का आयोजन किया है। उम्मीद है कि इस सम्मेलन के दौरान पार्टी स्थिति को स्पष्ट कर दे।
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सभी की निगाह राज्य में समाजवादी पार्टी (अखिलेश)के साथ गठबंधन पर टिकी है। वाराणसी मंडल के प्रमुख नेता का भी मानना है कि कुछ आश्वासन है तभी तो पार्टी शांत है। यही स्थिति गोरखपुर मंडल, इलाहाबाद मंडल, कानपुर मंडल के प्रमुख नेताओं की है। मेरठ के एक प्रमुख कांग्रेसी नेता का कहना है कि अभी हमारी स्थिति वेट एंड वॉच की ही है।
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वहीं, प्रदेश में चुनाव आयोग के अधिसूचना जारी करने के बाद बसपा, भाजपा का प्रचार रफ्तार पकडऩे लगा है। ऐसे में कांग्रेसी नेताओं की बेचैनी बढ़ रही है। हालत यह है कि जैसे-जैसे हर रोज सूरज निकल रहा है, भले ही ठंड बढ़ रही है, लेकिन उ.प्र. के कांग्रेसी नेताओं को जोरदार पसीना आ रहा है।
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24 अकबर रोड के कुछ नेता भी इस स्थिति को बहुत खराब मान रहे हैं। एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक कदाचित गठबंधन न हुआ तो? तब उ.प्र. में कांग्रेस क्या करेगी। सूत्र का कहना है कि 80 के दशक से कांग्रेस उ.प्र. में लगातार अपना जनाधार खो रही है। ऐसे में पार्टी का इस तरह से इंतजार आग के गोले से खेलने जैसा ही है।
11 को निकलेगी राह
कांग्रेस के कुछ नेता आशावान हैं। एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि हम ऐसे ही हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठे हैं। कांग्रेस अपनी जमीनी तैयारी कर रहे हैं। पंजाब में घोषणा पत्र जारी किया जा चुका है। जल्द ही उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर को लेकर भी घोषणा करेगी। सूत्र का कहना है कि 11 जनवरी को ताल कटोरा स्टेडियम में जन संवेदना सम्मेलन का आयोजन किया है। उम्मीद है कि इस सम्मेलन के दौरान पार्टी स्थिति को स्पष्ट कर दे।