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कांग्रेस ने चिदंबरम के बयान से पल्ला झाड़ा

Thu, 18 Aug 2016 10:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Updated Thu, 18 Aug 2016 10:29 AM IST
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congress Disavow chidamram's statement on Kashmir
दुनियाभर में चिदंबरम परिवार की बेनामी संपत्तियां - फोटो : new indian express
कश्मीर संकट पर केंद्र सरकार की आलोचना कर रहे वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के कारण खुद कांग्रेस संकट में उलझती नजर आ रही है और किसी स्पष्ट रुख पर कायम नहीं दिख रही है। पार्टी ने पहले दिग्विजय सिंह और सलमान खुर्शीद के बयानों के बाद अब पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम के बयान को निजी राय बताते हुए पल्ला झाड़ लिया है। चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार के शीर्ष मंत्रियों पर जम्मू-कश्मीर संकट और बढ़ाने का आरोप लगाया है।
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बुधवार को एक बयान जारी कर चिदंबरम ने कहा कि कश्मीर घाटी धीरे-धीरे भंवर में फंसती जा रही है इसलिए वहां की सत्तारूढ़ पीडीपी को भी चाहिए कि हिंसा खत्म करने के लिए वह विपक्षी दल से हाथ मिला ले। वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता ने इस संकट के लिए पिछले दो साल से जारी भाजपा-पीडीपी के मतभेद को जिम्मेदार ठहराया है। 
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 चिदंबरम ने कहा, ‘मुझे जम्मू-कश्मीर के हालात को लेकर चिंता है जो संकट के भंवर में फंसता जा रहा है। पीडीपी-भाजपा सरकार पिछले छह हफ्ते से वहां की बिगड़ते हालात के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार है। प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री के बयानों से वहां का संकट और बढ़ गया है। वहां की स्थिति पर सिर्फ संयमित बयानों और कार्रवाई से ही काबू पाया जा सकता है।’  
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चदंबरम के गृह मंत्री रहते कश्मीर घाटी में सुरक्षा बलों की संख्या घटाने सहित कई विश्वास बहाली के उपाय किए गए थे। उन्होंने आश्चर्य जताया कि इस संकटग्रस्त प्रदेश में पीडीपी ने कैसे वहां की समस्या के समाधान के लिए एक विपक्षी दल भाजपा से हाथ मिला लिया और सरकार बना ली। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस, नेशनल कांफ्रेंस और यदि पीडीपी भी चाहे तो मिलकर इसका समाधान निकाल सकते हैं। 

पूर्व गृह मंत्री के बयान के ठीक बाद ही कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने पार्टी कार्यसमिति की बैठक में कहा, ‘जब तक किसी मुद्दे पर पार्टी लाइन घोषित नहीं होता, इसे चिदंबरम का निजी बयान ही माना जाएगा। किसी व्यक्ति का नजरिया आपकी सोच से मेल नहीं भी खा सकता है। यदि किसी ने अपनी अपेक्षा व्यक्त की है तो यह उनका व्यक्तिगत नजरिया ही हो सकता है। कोई भी व्यक्ति बोलने और लिखने के लिए स्वतंत्र है। उसकी अपेक्षा और इच्छा को तब तक व्यक्तिगत नजरिया ही माना जा सकता है जब तक कि वह पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ नहीं जा रहा है। वैसे कश्मीर की असल समस्या वहां दो साल से भाजपा और पीडीपी के बीच चल रहा मतभेद है।’


भाजपा ने कश्मीर पर कांग्रेस के अस्पष्ट नजरिये की खिल्ली उड़ाते हुए कहा कि कांग्रेस सलमान खुर्शीद और दिग्विजय सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं को अपने ‘मन की बात’ कहने के लिए इस्तेमाल कर रही है। भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा, ‘कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि वह खुर्शीद के बयान से सहमत हैं या नहीं, यदि नहीं तो उनके खिलाफ क्या कार्रवाई कर रही है? कांग्रेस अपने ‘मन की बात’ कहने के लिए अपने आधिकारिक प्रवक्ताओं का नहीं बल्कि खुर्शीद और दिग्विजय सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं का इस्तेमाल कर रही है।’ 
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