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Election Analysis: मुस्लिमों और उनके इलाकों तक सिमटी कांग्रेस! हिंदू बहुल क्षेत्रों में ममता को कितनी सीटें?

Wed, 06 May 2026 05:43 AM IST
Himanshu Mishr हिमांशु मिश्र
Updated Wed, 06 May 2026 05:43 AM IST
सार

असम और प. बंगाल में तृणमूल भी कांग्रेस की ही राह पर है। असम में जीत दर्ज करने वाले पार्टी के इकलौते उम्मीदवार मुसलमान हैं। बंगाल में विजयी 80 उम्मीदवारों में से 32 मुसलमान हैं। शेष 48 में से 33 मुस्लिम प्रभाव वाले मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तर दिनाजपुर जैसे क्षेत्रों से चुनकर आए हैं...

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Congress confined to Muslims and their areas data from Assam West Bengal Tamil Nadu is evidence 21 candidates
मुस्लिम सीटों पर सिमटी कांग्रेस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सिर्फ मुस्लिम हितों की बात करने की बनी भाजपा विरोधी दलों की छवि ने विधानसभा चुनाव में इनकी बुरी गत कर दी। इस छवि के कारण इनका प्रभाव मुसलमानों और मुस्लिम इलाकों तक सीमित होकर रह गया है। वहीं, इसके जवाब में बहुसंख्यक मतों के समानांतर ध्रुवीकरण ने भाजपा के लिए असम के साथ ही प. बंगाल में प्रचंड जीत का रास्ता तैयार किया है। इन दोनों ही राज्यों में कांग्रेस के 21 में से 20 विधायक मुस्लिम हैं। तमिलनाडु को भी जोड़ लें, तो कांग्रेस के 26 में से 21 विधायक मुस्लिम हैं।
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खासतौर पर कांग्रेस का अल्पसंख्यक बिरादरी तक सिकुड़ते प्रभाव को असम, प. बंगाल, केरल और तमिलनाडु के नतीजे से समझा जा सकता है। असम में पार्टी के 99 उम्मीदवारों में से, जिन 19 उम्मीदवारों को सफलता मिली, उनमें 18 मुस्लिम  हैं। एक अन्य सीट नाओबाचिया से जॉय प्रकाश दास को जीत हासिल हुई है, पर वह सीट भी मुस्लिम प्रभाव वाली है। इसके अलावा पार्टी की सहयोगी आरजेआरडी की ओर से जीत दर्ज करने वाले दोनों उम्मीदवार भी इसी बिरादरी से हैं।
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तमिलनाडु और केरल के आंकड़े भी कांग्रेस का आधार मुस्लिमों तक सीमित रहने की पुष्टि कर रहे हैं। बंगाल में 284 में से पार्टी के जीते दोनों उम्मीदवार और तमिलनाडु में 28 सीटों में से जीते पांच में से एक उम्मीदवार मुस्लिम हैं।  केरल में जीत दर्ज करने वाले 35 उम्मीदवारों में से 30 कांग्रेस की अगुवाई वाले यूडीएफ से हैं। इनमें आईयूएमएल के 22 तो कांग्रेस के 8 उम्मीदवार शामिल हैं।
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हिंदू बहुल क्षेत्र में ममता को सिर्फ 15 सीटें
असम और प. बंगाल में तृणमूल भी कांग्रेस की ही राह पर है। असम में जीत दर्ज करने वाले पार्टी के इकलौते उम्मीदवार मुसलमान हैं। बंगाल में विजयी 80 उम्मीदवारों में से 32 मुसलमान हैं। शेष 48 में से 33 मुस्लिम प्रभाव वाले मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तर दिनाजपुर जैसे क्षेत्रों से चुनकर आए हैं। बहुसंख्यक हिंदू वर्चस्व वाली सीटों में तृणमूल के हाथ 15 सीटें ही हाथ लगी हैं। यहां एआईएसएफ, माकपा, एजेयूपी से जीतने वाले चार उम्मीदवार, तो असम में एआईयूडीएफ के जीत दर्ज करने वाले दोनों उम्मीदवार मुस्लिम बिरादरी से ही हैं।


नई मुस्लिम लीग पार्टी का मिला तमगा
एसआईआर के विरोध, बांग्लादेशी घुसपैठ, हिंदुओं के उत्पीड़न पर चुप्पी साधने के कारण भाजपा कांग्रेस को लगातार नई मुस्लिम लीग के रूप में प्रचारित करती रही। जनसभाओं में पीएम मोदी ने कांग्रेस को मुस्लिम लीग माओवादी पार्टी का नाम दिया था। कांग्रेस के घोषणा पत्र को असम के सीएम ने मुस्लिम लीग का घोषणा पत्र कहा।

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